भारत सरकार की योजनाएं

भारत सरकार की योजनाएं

Last Updated on May 15th, 2020 by Bhupendra Singh

दोस्तों आज आप इस पोस्ट में वर्तमान में चल रही भारत सरकार की योजनाएं के बारे में पड़ेंगे जो सभी सरकारी परीक्षाओं के लिए जरूरी हैं कोई भी गवर्मेंट एग्जाम क्यों न हो भारत सरकार द्वारा चलाई गई योजनाओं में से एक, दो प्रश्न पूछ ही लिए जाते हैं तो इस पोस्ट में लिखी हुई योजनाओं को पूरा जरूर पढ़िए।

इन प्रोग्रामों व योजनाओं से सरकार जनकल्याण का कार्य करती है तथा हम आम नागरिकों की भी जिम्मेदारी बनती है की इन योजनाओं का लाभ पाकर हम आगे बढ़े तथा देश की उन्नति में सहायक सिद्ध हो चलिए जानते हैं

तो चलिए भारत सरकार की योजनाएं विस्तार से पढ़ते हैं।

भारत सरकार की योजनाएं

1. प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेन्द्र दामोदर दास मोदी द्वारा 1 फरवरी 2019 को की गई।

इस योजना का आशय किसानों की  आर्थिक मदद करना है। जिसमें केन्द्र सरकार द्वारा लघु व सीमांत कृषको को एक वित्तीय वर्ष में 6000 रु की आर्थिक सहायता खाद व बीज खरीदने के लिए दी जाती हैं।

जिसको वर्ष में तीन फसलों ( खरीफ, रबी, जायद ) के लिए तीन किस्तो में 2000 -2000 रु करके सीधा खाते में पँहुचाया जा रहा है। इससे देश भर के करीब 22 करोड़ से अधिक कृषक लाभान्वित हो रहे हैं।

2. प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना

प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना योजना का शुभआरम्भ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा 9 मई 2015 को किया गया ।

इस योजना के अन्तर्गत लाभाअर्थी जिसकी उम्र 18 वर्ष से 50 वर्ष के बीच हो  को सामान्य मृत्यु पर 2 लाख रु0 दिये जाने तथा दुर्घटनावश मृत्यु में 4 लाख रु के बीमा कवर का प्रावधान है तथा साथ ही लाभाअर्थी को इसके लिए  330 रुपया प्रति वर्ष जमा करने होगें।

3. प्रधानमंत्री आवास योजना

प्रधानमंत्री आवास योजना का नाम पहले इंदिरा आवास योजना था जोकि  सितंबर 2016 में इसका नाम बदलकर प्रधानमंत्री आवास योजना कर दिया गया।

इस योजना के अंतर्गत गरीब जरुरतमन्द  परिवारों को आवास मुहाइया कराए जाते हैं जिनमे बीपीएल परिवारों को आवास बनाने के लिए आर्थिक रूप से  70000 रुपये की धनराशि द्वारा  मदद दी जाती है। पहले ₹45000 की आर्थिक मदद दी जाती थी जोकि अब  ₹70000 कर दी गई है।

इस योजना में केंद्र सरकार द्वारा 75%  तथा राज्य सरकार द्वारा 25 फीसदी अनुपात  में योगदान दिया जाता है  संघ शासित प्रदेशों के लिए इस योजना में केंद्र   द्वारा सीधे 100 फ़ीसदी लाभ दिया जाता है उत्तर पूर्व के राज्यों में केंद्र सरकार द्वारा 90 फ़ीसदी तथा राज्य सरकार द्वारा 10 फ़ीसदी लाभ दिया जाता है।

इस योजना में केवल गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले परिवरों को ही वरीयता  दी जाती है। इसकी राशि घर की किसी महिला के नाम पर ही निर्गत की जाती है।

4. मिशन इंद्रधनुष अभियान

मिशन इंन्द्रधनुष योजना नवजात बच्चो के टीकाकरण से जुड़ी योजना है।

इस योजना का ध्येय यह कि कोई भी नवजात शिशु टीकाकरण से नहीं  छुट पाये जिसमें खसरा, हेपेटाइट बी, चेचक, डिफ्थेरिया, बलगम, पोलियो, टिटनस, तपेदिक जैसी सात जानलेवा बीमारीयों को शामिल कर उनसे सुरक्षा हेतु टीकाकरण की व्यस्थ्या की गई है।

जिसमें मिशन् 2020 को भी शामिल किया गया जिसमें किसी भी बच्चे जोकि इस टीकाकरण से वंचित रह गया है उसे 2020 तक इस लक्ष्य में शामिल करते हुए सभी टीके लगवाना भी शामिल है। 

5. स्वच्छ भारत मिशन

इस मिशन की शुरुआत आधिकारिक रूप से 1 अप्रैल 1999 में हुई थी।

जिसका नाम था  पूर्ण स्वच्छता अभियान जिसको बाद में 1 अप्रैल 2012 में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह द्वारा निर्मल भारत अभियान का नाम दिया गया।

फिर इस मिशन को स्वच्छ भारत अभियान के रूप में 24 सितंबर 2014 को  केंद्रीय मंत्रिमंडल की मंजूरी मिली, जिससे फिर निर्मल भारत अभियान का पुनर्गठन किया गया और फिर 2 अक्टूबर 2014 को इसकी शुरुआत  हुई थी।

यह भारत सरकार द्वारा किया गया राष्ट्रीय स्तर अभियान है, इस मिशन का उद्देश्य है गलियों सड़कों को साफ रखना तथा ग्रामीण परिवारों को शौचालय की सुविधा दी जाए, साथ ही स्वच्छता के लिए ग्रामीणों को अपने-अपने ग्रामों की सफाई के लिए प्रेरित करना था।

केंद्र सरकार के ग्राम पंचायतों के लिए  ठोस व कड़े निर्देश है  कि  महात्मा गांधी के जन्मदिन की 150वीं वर्षगांठ तक ग्रामीणों में 1 .96 लाख करोड़ रुपए के अनुमानित लागत से 1.2 करोड़ शौचालयों का निर्माण  कराया जाए तथा 2 अक्टूबर 2019 तक खुले में शौच मुक्त भारत हासिल कराना है।

महात्मा गांधी  का यह सपना था कि वह भारत को स्वच्छ भारत के रूप में देखें लेकिन उनका यह सपना पूरा नहीं हो सका था  यह इस योजना का ध्येय वाक्य है । 

6. महात्मा गाँधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा)

इस योजना की शुरुआत 2 फरवरी 2006 को आन्ध्रप्रदेश के एक गाँव अनन्तपुर से हुई।

इसका नाम बाद में परिवर्तित करके महात्मा गाँधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गांरटी अधिनियम ( मनरेगा) कर दिया गया।

इस योजना में  मजदूरी करने वाले व्यक्ति को एक कार्य दिवस के लिए ₹220 दिए जाते हैं जो कि पहले ₹170 थे।  साथ ही इसमें पूरे वर्ष के लिए 365 दिन में से  100 दिन का काम  देने की गारंटी   दी जाती है तथा अगर 15 दिन तक काम नहीं मिलता है तो बेरोजगारी भत्ते का भी प्रावधान है तथा साथ  ही  काम 5 किलोमीटर के दायरे में ही  दिए जाने का प्रावधान है

अगर काम का दायरा व्यक्ति के घर से 5 किलोमीटर से अधिक है तो अतिरिक्त भत्ता दिए जाने का प्रावधान है यह बेहद महत्वपूर्ण जनता से जुड़ी योजना है।

7. जन धन योजना

 इस योजना की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा अगस्त 2014 में की गई थी इस योजना के अंतर्गत ऐसे व्यक्तियों के खाते बैंक में खुलवाए गए थे जिनके पास पहले कोई भी बैंक में खाता नहीं था।

यह खाते जीरो बैलेंस खाते थे साथ ही इस योजना में खाता खुलवाने वाले प्रत्येक व्यक्ति के लिए एक लाख का दुर्घटना बीमा तथा सामान्य मृत्यु पर  ₹32000 का प्रावधान किया गया है इस योजना के अंतर्गत देश के अलग-अलग हिस्सों में करीब 11 करोड लोगों ने अपने खाते खुलवाए  हैं।

8. मिड डे मील योजना

इस कार्यक्रम की शुरुआत 15 अगस्त 1995 को की गई थी  केंद्र द्वारा  आयोजित इस योजना  को देश के 2408 ब्लॉकों में शुरू किया गया।

इस योजना को वर्ष 1997 से 1998 के अंत तक देश के सभी ब्लॉकों में लागू कर दिया गया प्रारंभ में योजना प्राइमरी पाठशाला में चलाई गई तथा इसके बाद 1 अक्टूबर 2007 से अपर प्राइमरी यानी कि एक से 8 तक के स्कूलों में का संचालन किया जा रहा है।

प्रत्येक स्कूल के लिए प्रति बालक 100 ग्राम खाद्यान्न तथा खाद्दान्न सामग्री को लाने ले जाने के लिए प्रति कुंटल ₹50  का अनुदान है इस योजना के अंतर्गत प्राइमरी स्कूलों के बच्चों के लिए 450 कैलोरी तथा 12 ग्राम प्रोटीन अपर प्राइमरी बच्चों के लिए 700  कैलोरी तथा 20  ग्राम प्रोटीन की व्यवस्था है 

9. कन्या सुमंगला योजना

यह योजना उत्तरप्रदेश सरकार की योजना है। इस योजना में सरकार द्वारा लड़की के पैदा होने के बाद उसकी पढ़ाई – लिखाई का खर्च उठाती है। जिसमें पात्रता के लिए निम्न शर्ते शामिल हैं – 

  1. वार्षिक आय 3 लाख रुपये तक हो 
  2. एक परिवार की अधिकतम दो बच्चीयों को लाभ मिल सकेगा 
  3. किसी महिला के द्वितीय प्रसव के दौरान जुड़वा बच्चे होने पर तीसरी लड़की होने पर उसे भी लाभ अनुमन्य है। 
  4. लाभार्थी का परिवार उत्तर प्रदेश का निवासी होना चाहिए । 
  5. लाभार्थी के परिवार का आकार (साइज ) परिवार में अधिकतम दो बच्चे हों। 

इसका आवेदन आँनलाइन प्रकिया से पूर्ण किया जा सकता है। 

10. प्रधानमंत्री श्रम योगी मान- धन पेंशन स्किम

इस योजना के तहत छोटे कामगार जो कि अंसगठित तरीके से कार्य करते हैं।

जैसे: ठेले लगाने वाला, गली-गली फेरी लगाकर सामान बेचने वाला,कूड़ा बीनने वाले, बीड़ी बनाने वाले, मजदूर व्यक्ति आदि जिनकी आमदनी 15000 रु0 महिने से अधिक न हो तथा आयु 18 वर्ष से कम न हो तथा 40 वर्ष से अधिक न हो इस योजना से जुड़ सकते हैं।

जिसमें हर आयु के व्यक्ति को उम्र के हिसाब से अलग – अलग धनराशि अपने सेंविग अंकाउट में जमा करनी होती है, तथा 60 वर्ष की आयु के बाद व्यक्ति को स्कीम का लाभ 3000 रु महिने के हिसाब से  दिये जाने का प्रावधान है।

11. आयुष्मान भारत

आयुष्मान भारत योजाना या प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना आम नागरिक के स्वास्थय बीमा सम्बधित  योजना है इसके अन्तर्गत गरीब बीपीएल परिवारों जिनको स्वास्थय सुविधा मुहैया नहींं है।उनको भारत सरकार के इस मिशन से स्वास्थ्य सेवाओं आर्थिक मदद करने के का उद्देश्य से  उनको 5 लाख रुपये कैश रहित बीमा देने  का प्रावधान है।

जरूर पढ़िए: आयुष्मान भारत योजना क्या हैं।

12. प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना

 इस योजना के अंतर्गत केंद्र सरकार द्वारा गरीब बीपीएल परिवारों को रसोई गैस एलपीजी सिलेंडर की मुफ्त सुविधा मुहैया कराई जाती है यह योजना पेट्रोलियम एवं  प्राकृतिक गैस मंत्रालय की ओर से चलाई जा रही है।

इस योजना से गरीब महिलाओं को बहुत राहत मिली है इस योजना का लक्ष्य धुआं रहित ईंधन है तथा 2011 की जनगणना के अनुसार बीपीएल परिवारों को इस योजना से जोड़ा जाना है जिनकी की कुल संख्या 8 करोड़ के आसपास है।

13. प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना

जैसा कि हम सभी जानते हैं कि किसान की फसल को हमेशा मौसम की मार का खतरा बना रहता है जिसमें बाढ़, सूखा, तूफान, आग जैसे प्राकृतिक कारण आम बात हैं जिसके लिए केंद्र सरकार ने किसान फसल बीमा योजना का आरंभ फरवरी 2016 में किया है।

इस योजना के मुख्य उद्देश्य हैं

  • कृषि में किसानों की सूची बनाए रखना
  • इसमें कीट पतंगों द्वारा फसल को नष्ट करने पर भी बीमा कवर मिलता है

14. उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय पारिवारीक लाभ योजना

इस योजना के अन्तर्गत अगर परिवार के मुखिया (रोटी अर्जक) की मृत्यु किसी गंभीर बीमारी के कारण हो जाती है तथा परिवार के मुखिया की आमदनी ग्रामीण क्षेत्र में 46000 रु0 व शहर में 56000 रु0 से है तथा आयु 18 से 60 के बीच में रही हो तो उसके परिवार को इस योजना के अन्तर्गत 30000 रु0 का मुआवजा सरकार द्वारा दिया जाता है।

जरूर पढ़िए: भारत सामान्य ज्ञान के महत्वपूर्ण प्रश्न उत्तर

इस पेज पर आपने 2020 में चल रही भारत सरकार की योजनाएं के बारे में पढ़ा मुझे उम्मीद हैं कि आपको हमारे द्वारा लिखी हुई ये भारत सरकार की योजनाएं जरूर पसंद आई होगी क्योंकि परीक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण हैं।

2 thoughts on “भारत सरकार की योजनाएं

  1. आपने बहुत अच्छा आर्टिकल लिखा है। आपने प्रधान मंत्री जी की सभी योजनाओ के बारे में विस्तार से समझाया है।

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