जीभ की जानकारी

मानव जीभ की समस्त जानकारी विस्तार पढ़े | जीवविज्ञान

Last Updated on May 11th, 2020 by Bhupendra Singh

नमस्कार छात्रों इस पेज पर आप जीव विज्ञान के महत्वपूर्ण अध्याय मानव जीभ की समस्त जानकारी विस्तार से पढ़ेगे।

पिछले पेज पर हमनें मनुष्य के दांत से संबंधित सम्पूर्ण जानकारी विस्तार पूर्वक दी है यदि आपने वह पोस्ट नहीं पड़ी हैं तो उसे भी जरूर पढ़िए।

चलिए अब मनुष्य की जीभ की जानकारी पढ़ते है

जीभ (Tongue)

मुखगुहा के फर्श पर स्थित एक मोटी एवं मांसल रचना होती हैं।  जीभ के ऊपरी सतह पर कई छोटे-छोटे अंकुर होते हैं जिन्हें स्वाद कलियाँ कहते हैं इन्हीं स्वाद कलियों का मुख्य कार्य भोजन में उपस्थित स्वाद को पहचानना एवं लार को भोजन में मिलाना होता हैं। यह मांसपेशियों से मिलकर बनी होती हैं इसकी गति के कारण ही लाल ग्रंथियां सक्रिय होती हैं एवं भोजन को ग्रास नली में पहुँचाया जाता हैं।

जीभ के अगले हिस्से में मीठे स्वाद को पहचाने वाली स्वाद कणिकाओ की संख्या अधिक होती हैं जबकि मध्य भाग में नमकीन स्वाद को पहचानने वाली स्वाद कणिकाएँ अधिक होती हैं। और सबसे अंतिम भाग में कड़बे स्वाद को पहचानने वाली स्वाद कणिकाएँ अधिक मात्रा में होती हैं।

पेशीय संरचना 

जीभ में 4 अंतःस्थ तथा 4 बाह्यस्थ पेशियां होती हैं।

जीभ की अंतःस्थ पेशियां :- अंतःस्थ का अर्थ होता है कि ये पेशियां हड्डियों से जुड़ी नहीं होती ये जीभ का आकार बदलने के लिए कार्य करते हैं।

  • सुपीरियर लॉगिट्यूडिनल फाइबर
  • इंफीरियर लॉगिट्यूडिनल फाइबर
  • वर्टिकल फाइबर
  • ट्रांसवर्स फाइबर

1. सुपीरियर लॉगिट्यूडिनल फाइबर:- ये जीभ को छोटा करते हैं।

2. इंफीरियर लॉगिट्यूडिनल फाइबर:- ये जीभ को छोटा करते हैं।

3. वर्टिकल फाइबर:- ये जीभ को चौड़ा तथा चपटा करते हैं।

4. ट्रांसवर्स फाइबर:- ये जीभ को संकरा और लंबा बनाते हैं।

जीभ की बाह्यस्थ पेशियां :- जीभ की एक्सट्रिंसिक पेशियां जीभ की स्थिति को बदलने के लिए कार्य करती है।

  • निरग्लोसस
  • हाइग्लोसस
  • स्टाइग्लोसस
  • पैलैटोग्लोसस

सिवा एक एक्सट्रिंसिक पेशी- प्लैटोग्लोसस को छोड़कर, जिसमें फैरिंगियल प्लेक्सस के CN10 की तंत्रिकाएं होती हैं, जीभ की सभी अंतःस्थ तथा एक्सट्रिंसिक पेशियों में हाइपोग्लोसल तंत्रिका (CN 12), की आपूर्ति होती है।

मनुष्य की जीभ से संबंधित प्रश्न उत्तर

प्रश्न1. ओरोफैरिंक्स से लेकर शिख तक जीभ की औसत लंबाई कितनी होती है।

उत्तर:- 10 cm (4 इंच)

प्रश्न2. जीभ के अगले हिस्से में कौन से स्वाद को पहचाने वाली स्वाद कणिकाओ की संख्या अधिक होती हैं

उत्तर:- मीठे स्वाद।

प्रश्न3. जीभ के मध्य भाग में कौन से स्वाद को पहचानने वाली स्वाद कणिकाएँ होती हैं?

उत्तर:- नमकीन स्वाद

प्रश्न4. जीभ के अंतिम भाग में कौन से स्वाद को पहचानने वाली स्वाद कणिकाएँ अधिक मात्रा में होती हैं?

उत्तर:- कड़बे स्वाद

प्रश्न5. मनुष्य की जीभ में लगभग कितनी स्वाद कणिकाएँ पाई जाती हैं?

उत्तर:- 10,000

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आशा करती हूं कि आपको HTIPS की यह पोस्ट मानव जीभ (Tongue) पंसद आयी होगी यदि आपके दिमाक में इस पोस्ट को लेकर कोई प्रश्न हैं तो उसे कमेंट में जरूर पूछे धन्यवाद।

4 thoughts on “मानव जीभ की समस्त जानकारी विस्तार पढ़े | जीवविज्ञान

  1. Ajib saval hain.

    kya humari jibh ko kat diya jay to nayi jib aayegi?

    Chipkali ki cuti hui punch fir se ban pati hain to manushya ki jibh kyo fir se nahi ban pati ?

    Or yaha pe ye IQ test karne ke chakkar main yeah durr hain ki hum kabhi jibh banane ki prakratik taknik ki khoj ko Band Hi na karde.

    Q bhav or padarth ke bahot gahre sabandh hain or uske prati hum kabhi sachet ho paye to kitna accha hoga.

    Kya uh chipkali jo apni punch ko punrnirmit isi liye karti hain kya oh manushya ko firse jibh mil sake q ki hum prakrati ka to pura vigyan abhi bhi nahi jante or yadi bhavishya Main koi bachha jo ki prakarti se punch kar samj le to kaise use abhi ke Vivyan ko bata payega q ki hum to pahle ke vigyan ke vyakhya or shodh ke shabdo ke sidhant par hi usko hum sahi or galat ka chayan karte hain.

    Or us bache ko hum najar andaj karenge q ki uske pas bhut purva vigyan ki kami hogi or shabd bhi nahi honge jo ki thik se hume samjza sake, or bhul se koi bacha bole ga to bhi aise adiyal thots (Vivyan) ko hum najar andaj karke us bacche ke suchh ko hum katdenge or oh bacha fir us suche ke jibh se judna bhi bhul jayega kya aisa ho sakta hain?

    Kyonki baccha abhi abhi prakarti ki kokh se aaya hain uske bhav mi kabhi ye gupt vigyan bache bhav sthiti pe pragat ho bhi jaye to Kabhi hum usko pahchan payenge ? Pata nahi.

    Ye Sari Baton ko main soch kar Hi us bache ke masumiyat par karun hridai se sarabor ho jata hun. Q ki kuch marijon ki jo bachha ilaj karne ki prakrit rup se taknik ko viksit kar sakta tha o kar nahi payega.

    Is likhan se kisi bhi visheshton se jodkar na dekhe q ki sakratmak pahluse Hi maine likhne ka prayas kiya hain. Kripa.

  2. जीभ को यदि निकाल दी जाए तो क्या होगा और उसकी जगह जीभ वापस लगा सकते है क्या

  3. sir me ye pata karna chata hu ki hamari jeebh muh band me taalu se chipki rehti h ya niche rehti hai (taalu se chipki nahi rehti)

    1. बंद मुंह में जीभ ऊपर के हिस्से और नीचे के हिस्से दोनों जगह चिपकी होती है आप मुंह बंद करके क्या अनुभव कर सकते है

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