भारत के वन

भारत के वन, वनस्पतियाँ, अभयारण्य एवं वन्य जीव

Last Updated on September 1st, 2020 by Bhupendra Singh

इस पेज पर आप सामान्य ज्ञान के अध्याय भारत के वन, वनस्पतियाँ, अभयारण्य एवं वन्य जीव की जानकारी को विस्तार में पढ़ेंगे। जो कि सभी परीक्षाओं की दृष्टि से महत्वपूर्ण हैं।

पिछले पेज पर हम सामान्य ज्ञान के महत्वपूर्ण अध्याय संयुक्त राष्ट्र संघ की जानकारी शेयर कर चुके है यदि अपने वह नहीं पढ़ी है तो उसे जरूर पढ़े।

भारत के वन, वनस्पतियाँ, अभयारण्य एवं वन्य जीव

इस आर्टिकल में आपनिम्न जानकारी पढ़ेंगे।

  • भारत के वन
  • भारत की वनस्पतियाँ
  • भारत में वनों के प्रकार,
  • सदाबहार पर्णपाती वन
  • शंकुधारी वन
  • मैग्गोव वन
  • मरुस्थलीय वन एवं झाड़िया
  • भारत के वन्य जीव
  • जीव अभ्यारण्य
  • भारत के टाईगर रिजर्व अभ्यारण्य आदि।

चलिए इस जानकारी को एक एक करके पढ़कर समझते है।

भारत के वन (Indian Forest):

वन किसी भी राष्ट्र की अमूल्य सम्पति या धरोहर हैं तथा प्रत्येक राष्ट्र में 33 प्रतिशत वनावरण अनिवार्य है लेकिन भारत में कुल वनों का प्रतिशत भारत वन स्थिति रिपोर्ट 2017 के अनुसार 24.40 प्रतिशत है।

जबकि विश्व में सर्वाधिक वन प्रतिशत वाला देश सुरीनाम 95 प्रतिशत के साथ पहले स्थान पर है तथा रुस सर्वाधिक क्षे0 के अनुसार 8,149,300 वर्ग कि0मी0 के साथ  विश्व में पहले  स्थान पर है।

भारत की वनस्पतियाँ:

भारत हमेशा से ही वन एंव वनस्पतियाँ या औषधिय वृक्षों की भूमि रहा है।

यहाँ के पर्वतों पर कई प्रकार की दूर्लभ जड़ी-बूटियाँ पायी जाती है तथा यहाँ की सदीयों पुरानी संस्कृति वन तथा जंगलो से बहुत ही लगाव रखने वाली रही है।

विश्व में वृक्षों व पौधों की लगभग 95 हजार प्रजातियाँ पाई जाती हैं जिनमें से करीब 5000 से अधिक प्रजातियाँ (किस्में) केवल भारत में पाई जाती है।

भारत में वनों के प्रकार

भारत में अनेक प्रकार के पेड़ पाएंगे जाते है और उन्ही के अनुसार भारत में 6 प्रकार के वन पाए जाते है जो कि निम्नानुसार है।

1. सदाबहार पर्णपाती वन

  • जहाँ 200 सेमी से अधिक वर्षा होती है। वहाँ सदाबहार पर्णपाती वनों का विस्तार पाया जाता है। ये पूरे वर्ष हरे -भरे रहते हैं। 
  • इसमें मुख्यतः वृक्ष ताड़, बाँस, बेत, सिनकोना आदि है। 
  • केरल, असम, मेघालय, त्रिपुरा, मणिपुर तथा अण्डमान निकोबार आदि महत्वपूर्ण स्थानों पर पाये जाते हैं।

2. शंकुधारी वन

  • इनका विस्तार प्रायः पर्वतीय भागो में पाया जाता है इसीलिए इन्हें पर्वतीय वन भी कहा जाता है। तथा भारत में इनका विस्तार हिमालय पर्वत तथा अन्य पर्वत श्रेणीयों पर देखने मिलता है। 
  • यह वृक्ष शंकु ▲ आकार में लम्बे करीब 15 से 20 फुट लम्बे तक होते हैं। यह अधिक फैले न होकर मध्य तने पर है। आगे ऊपर की और बढते है अतः छायादार वृक्ष नहीं होते।
  • इसमे प्रमुख वृक्ष – चीड़, सलौन , देवदार, जैतून आदि महत्वपूर्ण हैं।

3. मैग्गोव वन

  • यह मुख्यत समुद्र तट के समीप डेल्टाई भागों में उगते हैं भारत में इनका विस्तार सुन्दरवन डेल्टाई भागों (प0 बंगाल) में विस्तृत है।
  • यह वन पानी के ऊपर बहुत ही घने व कठोरता से जकड़े हुये होते हैं। यह अमेजन बेसिन (दक्षिणी अमेरिका) के तटवर्ती इलाकों मे भी  बहु सँख्या में देखने को मिलते हैँ। इन्हें ज्वारीय वन भी कहा जाता है।
  • इसमें प्रमुख वृक्ष हैं। गोरेन, नारियल, सुन्दरी, केवड़ा, ताड़, कैसूरिन की प्रमुखता पाई जाती है।

4. मरुस्थलीय वन एंव झाड़िया

  • इन वनों का विस्तार भारत के उत्तर पश्चिमी भाग में स्थित थार के मरुस्थल में पाया जाता है। 
  • इन वनों में कटीले वृक्ष तथा झाड़ियों की प्रधानता पाई जाती है। यह वृक्ष पानी की कम मात्रा के कारण इनकी पत्तियाँ नुकीली तथा काटेदार होती है। यह घने वन नहीं होते तथा यह उच्च गर्मी सह सकते हैं।
  • इनमें, बबूल, नागफनी, करील, कीकड़, झाडियाँ, खजेड़ा आदि की प्रधानता पाई जाती है।

6. उष्णकटिबन्धीय पतझड़ वाले वन

  • इनका विस्तार भारत में सर्वाधिक भूमि पर पाया जाता है। यह उ0प्र0, बिहार, म0प्र0, छत्तीसगढ, झारखण्ड, पशचिमी बंगाल, आध्रप्रदेश, तेंलगाना, उड़ीसा, महाराष्ट्र आदि राज्यों में पाया जाता है।
  • यह वर्ष में एक बार ग्रीष्म ऋतु आने पर अपनी पत्तियाँ त्याग (पत्तियाँ गिरा देते हैं) इसलिए इन्हें पतझड़ वाले वन या पर्णपाती वन भी कहते हैं।
  • यह 100 सेमी से 200 सेमी वर्षा होने वाले स्थान पर उगते हैं। इनमें प्रमुख वृक्ष हैं। नीम, शीशम, आम, सागौन, साख, चन्दन प्रमुख हैं। इन वनों की लकड़ी बहुत उपयोगी होती है। 

भारत के वन्य जीव (Wildlife of India):

जैसा कि हम सब को ज्ञात है कि भारत वन्यजीवों के लिए जाना जाता है तथा यह देश वन्यजीव संपदा में  संसार में अग्रणी है।

जीव जंतु हमारी अमूल्य धरोहर हैं तथा हमारी प्रकृति में विभिन्न प्रकार के जीव जंतु पाए जाते हैं।

भारत की जीव-जंतुओ की दुनिया बहुत बड़ी है यहाँ संसार के लगभग प्रत्येक जीव की अनेकों प्रजातियां देखने को मिलती है।

जिसमें एशियाई शेर, हिरण, चीतल, एक सींग वाला गेंडा, हाथी प्रमुख है तथा सरीसृप में भारत में पाए जाने वाली प्रभु प्रजातियां वाइपर, रसल वाइपर,अजगर, ब्लैक कोबरा आदि है।

भारत के प्रमुख वन्य जीव अभयारण्य (National Park And Wildlife Sanctuaries in India):

  • भारत का सबसे पुराना राष्ट्रीय उद्यान जिम कार्बेट नेशनल पार्क उत्तराखंड है।
  • भारत का क्षे0 की दृष्टि के आधार पर सबसे बड़ा राष्ट्रीय उद्यान हेमिस राष्ट्रीय उद्यान, लद्दाख ( भारत ) है। यह 3,550 वर्ग किमी में विस्तृत है।
  • भारत का सबसे ऊँचाई पर स्थित राष्टीय उद्यान नामदफा (अरुणाचल प्रदेश) में अवस्थित है
  • भारत का एकमात्र तैरता हुआ राष्ट्रीय उद्यान कैबुला मजाओ मणिपुर राज्य में स्थित है।
  • भारत का काजीरंगा नेशनल पार्क जो कि असम राज्य में स्थित है उसे यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में स्थान प्राप्त है।
  • देश में सर्वाधिक राष्ट्रीय उद्यान मध्य प्रदेश में है इसी टाइगर स्टेट भी कहते हैं
  • राजस्थान के जोधपुर निवासी कैलाश सांखला के नेतृत्व में पहली बार प्रधानमंत्री इंन्दरा गाँधी ने टाइगर प्रोजेक्ट की शुरुआत 1973 ई0 में की। कैलाश सांखला को टाइगर मैन आँफ इन्डिया कहा जाता है।

भारत के प्रमुख राष्ट्रीय उद्यान, राज्य और प्रमुख वन्यजीव

राष्ट्रीय उद्यानराज्यप्रमुख वन्यजीव
बाँदीपुर राष्ट्रीय उद्यानकर्नाटकहाथी, तेंदुआ, हिरण, चीतल, सांभर
तुंगभद्रा अभयारणयकर्नाटकतेंदुआ, चीतल, काला हिरण, चौसिंगा
भ्रदा अभयारण्यकर्नाटकभालू, हाथी, साँभर, तेदुंआ, हिरण
सोमेश्वर अभयारण्यकर्नाटकजंगली कुत्ता, हिरण, तेदुंआ, सांभर
मानस राष्ट्रीय उद्यानअसमहाथी, भालू, एक सींगवाला, गैंडा, लंगूर, हिरण
काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यानअसमएक सींग वाला गैंड़ा
कान्हा राष्टीय उद्यानमध्य प्रदेशबाघ, चीतल, तेंदुआ, सांभर, बारहसिंगा
पंचमढी अभयारण्यमध्य प्रदेशबाघ, तेदुआ, चीतल, साँभर, नीलगाय, हिरण, भालू
बांधवगढ़ राष्ट्रीय उद्यानमध्य प्रदेशबाघ, तेदुंआ, सांभर, भालू, नीलगाय, सुअर, तीतर
डाचीगाम राष्ट्रीय उद्यानजम्मू- कश्मीर तेदुंआ, काला भालू, लाल भालू, हिरण, इंगुल
किश्तवाड़ राष्ट्रीय उद्यान जम्मू – कश्मीरकाला हिरण, जंगली याक, तिब्बती गधा, पहाड़ी तेदुंआ
वेदान्तगल अभयारण्यतमिलनाडुजलीय पक्षी
इंदिरा गाँधी अभयारण्यतमिलनाडुहाथी, बाघ, चीतल, तेदुंआ, साँभर, रीछ,भालू, जंगली कुत्ता, लंगूर
मुदुमलाई अभयारण्यतमिलनाडुहाथी, तेंदुआ, साँभर, हिरण, जंगली कुत्ते
पेरियार अभयारण्यकेरलहाथी, तेंदुआ, साँभर, हिरण,भालू,, नीलगाय, जंगली सुअर
पराम्बिकुलम अभयारण्यकेरलहाथी, साँभर. नीलगाय, जंगली सुअर, हिरण, तेदुआ
डाम्फा अभयारण्यमिजोरमकोबरा, बिल्ली, फीजेंट
चिल्का अभयारण्यओडिशाक्रेन. जलकौवा, पेलीवन, प्रवासी पक्षी
सिमलीपाल अभयारण्यओडिशाहाथी, बाघ, तेंदुआ, साँभर, हिरण, मगरमच्छ
दुधवा राष्ट्रीय उद्दानउत्तर प्रदेशबाघ, सांभर, नीलगाय, तेंदुआ, हिरण
चन्द्रप्रभा अभयारण्यउत्तर प्रदेशभालू, नीलगाय, तेंदुआ, सांभर
गिर राष्ट्रीय उद्यान गुजरातशेर, सांभर, तेंदुआ, जंगली सुअर
नल सरोवर राष्ट्रीय उद्यानगुजरातजलीय – पक्षी
कार्बेट राष्ट्रीय उद्यानउत्तराखण्डहाथी, बाघ, चीता, हिरण, भालू, नीलगाय, सांभर, जंगली सुअर
फ्लोवर वेली राष्ट्रीय उद्यानउत्तराखण्डबाघ, चीता, हिरण, आदि
केवलादेव घाना पक्षी विहारराजस्थानसांभर, काला हिरण, जंगली सुअर, मुर्गा, घड़ियाल, और साइबेरियन क्रेन
कुंभलगढ़ अभयारण्यराजस्थाननीलगाय, सांभर, भालू, जंगली सुअर
रणथम्मौर अभयारण्यराजस्थानबाघ, शेर, तेंदुआ, लकड़बग्घा, भालू,, नीलगाय, सांभर
रोहिला राष्ट्रीय उद्यानहिमाचल प्रदेशकस्तूरी हिरण, भूरा भालू, पहाड़ी तेंदुआ, पहाड़ी मुर्गा
भगवान महावीर उद्यानगोवाहिरण, चूहा, साही, सांभर
कैमूर वन्य जीव अभयारण्यबिहारभालू, तेंदुआ, चीतल, साँभर, जंगली सुअर
सुल्तानपुर झील अभयारण्यहरियाणाजल – पक्षी
दाल्मा वन्य जीव अभयारण्यझारखंडहाथी, तेंदुआ, हिरण, भालू, जंगली सुअर
हजारीबाग वन्य जीव अभयारण्यझारखंडभालू, तेंदुआ, चीतल, साँभर, जंगली सुअर
बेतला वन्यजीव अभयारण्यझारखंडहाथी, हिरण, तेंदुआ, सांभर, जंगली सुअर
सुन्दरवन राष्ट्रीय उद्यानप0 बंगालमगरमच्छ, बाघ, हिरण
अबोहर अभयारण्यपंजाबजंगली सुअर, हिरण, नीलगाय, काला हंस, आदि
तंसा अभयारण्यमहाराष्ट्रतेंदुआ, सांभर, चौसिंगा, जंगली सुअर, चीतल, पक्षी
बोरीविली राष्ट्रीय उद्यान महाराष्ट्रलंगूर, हिरण, साँभर, तेंदुआ, जंगली सूअर
पाखाल वन्य जीव अभयारण्यतेंलगानातेंदुआ, साँभर, भालू, जंगली सुअर
कावला वन्य जीव अभयारण्य तेंलगानातेंदुआ, साँभर, भालू, जंगली सुअर, चीतल
पखुई वन्य जीव अभयारण्यअरुणाचल प्रदेशहाथी, हिरण , अजगर, साँभर
कीबुल लामजाओ रा0 उद्यानमणिपुरहिरण, जंगली बकरी, विभिन्न जल पक्षियाँ
नोंगरवाइलेस अभयारण्यमेघालयहाथी, बाघ, हिरण, साँभर, भालू

भारत की वनस्पति और जीव से सम्बंधित टाईगर रिजर्व अभयारण्य

बाघ रिजर्वराज्यआरम्भ होने का वर्ष
नामदफाअरुणाचल प्रदेश1982 – 83
पाकुईअरुणाचल प्रदेश1999 – 2000
इंद्रावतीछत्तीसगढ़1982 – 83
अचानकमारछत्तीसगढ़2008 – 09
उदंती सीतानदीछत्तीसगढ़2008 – 09
नागार्जुन सागरआँध्र प्रदेश1982
सुन्दरवनप0 बंगाल 1973 – 74
बाँदीपुरकर्नाटक1973 – 74
भद्राकर्नाटक1998 – 99
दादेली – वंशकर्नाटक2007
बिलीगिरी रंगनाथकर्नाटक2011 – 12
अन्नामलाईतमिलनाडु2007
मदुमलाईतमिलनाडु2007
सत्यमंगलमतमिलनाडु2013
सिमलीपालओडिशा1973 – 74
सतकोसियाओडिशा2008 – 2009
बाँधवगढ़मध्यप्रदेश1993 – 94
सतपुड़ामध्यप्रदेश1999 – 2000
कान्हामध्यप्रदेश1973 – 74
पेंचमध्यप्रदेश1992 – 93
पन्नामध्यप्रदेश1994 – 95
मेलघाटमहाराष्ट्र1973 – 74
पेंचमहाराष्ट्र1992 – 93
सह्याद्रीमहाराष्ट्र2009 – 10
नवेगावमहारष्ट्र2013
डंपामिजोरम1994 – 95

वन्यजीव अधिनियम 1972 क्या है?

भारत सरकार द्वारा वन्यजीव संरक्षण अधिनियम को 1972 ई0 में देश के वन्यजीवों को शिकार, अवैध व्यापार व तस्करी से सुरक्षा प्रदान करने के उदेश्य से इसे लागू किया गया था।

सन् 2003 जनवरी में इस अधिनियम में संशोधन किया गया था इसमें मिलने वाले दण्ड व अधिनियम के तहत अपराधो के लिए जुर्माना और अधिक कठोर बना दिया है तथा इसका उद्देश्य सूची में उपस्थित लुप्त वनस्पतियों और जीवों को संरक्षण व सुरक्षा प्रदान करना है।

रेड डाटा बुका क्या है?

रेड डाटा बुक एक ऐसी संस्था है जो कि संसार की सबसे संकटाग्रस्त या विलुप्ति की कगार पर पँहुच चुकी जीव जन्तुओं की प्रजातियों को सूचीबध्द करके यह घोषणा करती है। किस जीव प्रजाति को बचाने की सबसे अधिक जरुरत है। जिससे वन्यजीवों के संरक्षण व बचाव के लिए उपयोगी साबित होती है। इसमें राज्य की सभी प्रजातियों का आकलन कर सबसे संकटग्रस्त प्रजातियों का लेखा जोखा सुचीबध्द किया जाता है।

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