rashtriya aur antarrashtriya mahatva ki vartman ghatna

संयुक्त राष्ट्र संघ की स्थापना एवं अन्य जानकारी

Last Updated on August 31st, 2020 by Bhupendra Singh

इस पेज पर आप सामान्य ज्ञान के अध्याय संयुक्त राष्ट्र संघ की समस्त जानकारी पढ़ेंगे, जो सभी परीक्षाओं की दृष्टि से महत्वपूर्ण हैं।

पिछले पेज पर हमने भारतीय के वन और जीव-जंतु की जानकारी शेयर की है उसे जरूर पढ़े।

चलिए अब संयुक्त राष्ट्र संघ से सबंधित समस्त जानकारी को पढ़कर समझते है।

संयुक्त राष्ट्र संघ की स्थापना क्यों की गई?

  • संयुक्त राष्ट्र संघ की स्थापना 24 अक्टूबर 1945 को हुई थी।
  • इस संगठन की स्थापना में तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति फैंकलिन रुजवेल्ट का अहम सहयोग रहा था।
  • इन्होने ने कई महत्वपूर्ण सम्मेलन विश्व शान्ति के लिए  कई देशों (इंग्लैंण्ड, फ्राँस आदि) साथ लेकर कियें। तथा इनका यह उद्देश्य था की भविष्य में विश्व कोई विश्व युध्द न हो। क्योंकि वह प्रथम व द्वितीय विश्व युध्दो के परिणामों को लेकर बहुत चिंन्तित थे। 
  • इस दिशा में सबसे बड़ा सम्मलेन 21 अगस्त से 28 सितम्बर , 1944 तक वांशिगटन (डी0 सी0) में सम्मपन हुआ था। जिसमें इस संगठन के नये नामकरण पर प्रस्ताव स्वीकृत हुआ। इस सम्मेलन को डम्बर्टन ओम्स सम्मेलन नाम दिया गया।
  • संयुक्त राष्ट्र का यह नाम अमेरिका के तत्कालीन राष्ट्रपति फ्रैंकलिन डी0 रुजवेल्ट द्वारा प्रदान किया गया।
  • संयुक्त राष्ट्र संघ का मुख्यालय न्यूयार्क शहर के मैनहैटन द्वीप पर 17 एकड़ जमीन पर स्थित है। जो कि जान डी0 राकफेलर ने दान दी थी। इस भवन में 39 मंजिलें हैं।
  • संयुक्त राष्ट्र संघ की प्रमुख भाषायें  चायनीज, अग्रेंजी, फ्रेन्च, अरबी, स्पेनिश, रशियन आदि इनमें से अंग्रेजी व फ्रेंन्च केवल दो भाषा अधिकारिक कार्य करने हेतु हैं। 
  • संयुक्त राष्ट्र संघ का चार्टर इसका संविधान है। इस चार्टर में 10000 शब्द, 111 धाराऐं तथा 19 अध्याय

संयुक्त राष्ट्र संघ के बारे में महत्वपूर्ण तत्थ

स्थापना24 अक्टूबर 1945 (न्यूयार्क में)
अहम योगदानफैंकलिंन डी0 रुजवेल्ट
पूराना नामनेशनल लीग
उदेश्यविश्व शान्ति तथा आगामी युध्दों को रोकना तथा विश्व के देशो को नयी राह व दिशा देना
ध्वजनीले रंग की पृष्ठभूमि पर जैतून (शान्ति का प्रतीक) की पत्तियों के बीच विश्व का मानचित्र
मुख्यालयमैनहैटन द्वीप (न्यूयार्क) सं0 रा0 अमेरिका
सदस्य देश193 देश (दक्षिणी सूडान) सबसे नया सदस्य देश 2011 में जोड़ा गया।

संयुक्त राष्ट्र संघ का व्यय में योगदान देने वाले प्रमुख देश

संयुक्त राष्ट्र संघ के व्यय में योगदान देने वाले 5 देश निम्नानुसार है।

अमेरिका22.000 प्रतिशत
जर्मनी7.141 प्रतिशत
ब्रिटेन5.179 प्रतिशत
इटली4.448 प्रतिशत
स्पेन2.973 प्रतिशत

संयुक्त राष्ट्र संघ घोषणा पत्र-1 के अनुसार इसके चार उद्देश्य 

  1. अन्तराष्ट्रीय शान्ति व सुरक्षा (विश्व शान्ति बनाये रखने में)
  2.  सभी राष्टों के मध्य मैत्रीपूर्ण सम्बध को बनाये रखना 
  3.  विश्व आर्थिक सहयोग 
  4. समान उद्धेश्य की प्राप्ति के लिए विभिन्न राष्ट्रो की गतिविधियों में सामंजस्य स्थापित करने वाले केन्द्र की भूमिका अदा करना। 

संयुक्त राष्ट्र संघ के अंग

संयुक्त राष्ट्र संघ के प्रमुख पांच अंग है जो कि निम्नानुसार है।

1. महासभा

  • इसमें सभी सदस्य देशों के प्रतिनिधि सम्मिलित होते हैं। इसलिए इसे विश्व की लघु संसद भी कहा जाता है।
  • इसमें प्रत्येक देश अपने अधिकतम पाँच प्रतिनिधि भेज सकता है। लेकिन जब कभी भी वोटिंग की जरुरत रहती है। केवल इनका सिर्फ एक वोट ही काउन्ट किया जाता है।
  • महासभा का एक सत्र नियमित हर वर्ष सितम्बर माह के तीसरे मंगलवार से दिसम्बर माह के मध्य तक चलता है।
  • सुरक्षा परिषद् की संस्तुति पर अन्तराष्ट्रीय न्यायालय के न्यायाधीश नये देशों को सदस्यता, महासचिव की नियुक्ति, राष्ट्र संघ का बजट पारित करना आदि महासभा के कार्य हैं।
  • प्रत्येक नियमित सत्र की शुरुआत पर महासभा एक नये अध्यक्ष, 21 उपाध्यक्ष और महासभा की सुरक्षा परिषद् की संस्तुति पर विशेषा  सत्र आयोजित किये जा सकते हैं।

2. सुरक्षा परिषद्

  • यह भी संयुक्त राष्ट्र का प्रमुख घटक है और एक प्रकार से कार्यपालिका है। संयुक्त राष्ट्र घोषणा पत्र के अनुसार  शान्ति व सुरक्षा बनाये रखना है। इसमें 15 सदस्य देश होते हैं। जिसमें 5 स्थायी सदस्य व 10 अस्थाई सदस्य है।
  • जिसमें पाँच स्थायी सदस्य – रुस, चीन, सं0रा0 अमेरिका, ब्रिटेन व फ्राँस है जोकि संयुक्त राष्ट्र के अस्तिव तक कभी भी अलग नहीं किये जा सकते हैं।
  • अस्थाई सदस्य देशो के लिए प्रत्येक 2 वर्ष बाद महासभा द्वारा 2 वर्ष के लिए निर्वाचन किया जाता है। तथा इन्हे चुना जाता है। भारत पूर्व में कही वार सुरक्षा परिषद का अस्थाई सदस्य रह चुका है।
  • सुरक्षा परिषद के प्रत्येक सदस्य का एक वोट होता है। प्रकिया संवंधी मामलों में निर्णय के लिए 15 में से 9 सदस्यों द्वारा सकारात्मक मतदान आवश्यक होता है। जिसमें पाँचो स्थाई सदस्यो का सकारात्मक मतदान आवश्यक है।
  • पाँच स्थाई सदस्यो को किसी भी मामले में विशेषाधिकार प्राप्त है यानि कि  अगर कोई स्थायी सदस्य किसी निर्णय से सहमत नहीं तो वो निगेटिव वोटंग कर अपने वीटो पावर का इस्तेमाल कर उस को स्वीकृत होने से रोक सकता है। ऐसी स्थिति में अगर 14 सदस्य एक तरफ भी हो जाये तो भी उस को स्वीकृत नहीं करया जा सकता है।
  • रुस ने सबसे पहले अपनी वीटो पावर का इस्तेमाल 1971 में भारत के पक्ष में करत हुऐ किया था।

3. आर्थिक तथा सामाजिक परिषद्

  • वर्तमान में आर्थिक एंव सामाजिक परिषद् की सदस्यों की संख्या 54 है।
  • इसके सदस्यों का कार्यकाल 3 वर्ष का होता है।
  • यह एक स्थाई संस्था है लेकिन इसके एक तिहाई सदस्य प्रतिवर्ष पदमुक्त होते हैं।
  • इसकी बैठक साल में दो बार होती है अप्रैल में न्यूयार्क में तथा जुलाई माह में जेनेवा में आयोजित की जाती है।

4. अन्तर्राष्टय न्यायालय

  • अन्तराष्ट्रीय न्यायालय की स्थापना, द हेग नीदरलैण्ड की राजधानी में अप्रैल 1946 में की गई थी।
  • अंन्तराष्ट्राय न्यायालय के संविधान में कुल पाँच अध्याय व 70 से अधिक अनुच्छेद है।
  • इसके न्यायधीशो की संख्या 15 है। तथा प्रत्येक न्यायधीश की सेवा 9 वर्ष के कार्यकाल की होती है। तथा इसके 1/3  न्यायधीश प्रत्येक तीन वर्ष उपरान्त सेवानित्त हो जात हैं। इसमें कोई 2 न्यायधीश किसी एक देश के नहीं हो सकते हैं।
  • न्यायालय की सरकारी भाषाँए फ्रेंच तथा अग्रेजी हैं।

5. सचिवालय

  • सचिवालय संयुक्त राष्ट्र संघ के दिन – प्रतिदिन के कामों को निपटाता है
  • सचिवालय का प्रमुख महासचिव होता है, जिसे महासभा द्वारा सुरक्षा परिषद् की सिफारिश पर 5 वर्ष की अवधि के लिए नियुक्त किया जाता है।
  • घोषणा पत्र के अनुसार महासचिव संगठन का मुख्य प्रशासनिक अधिकारी होता है।
  • इस समय एन्टियो गुटेरस पूर्तगाल के पूर्व प्रंधानमंत्री संयुक्त राष्ट्र संघ के महासचिव हैं।     

संयुक्त राष्ट्र संघ के महासचिव

क्रमांकनामदेशकार्यकालविवरण विशेष
1.त्रिग्वेली नार्वेफरवरी 1946 से नवम्बर 1952 तकपद से इस्तीफा दिया
2.डेग हैमरसोल्डस्वीडनअप्रैल 1953 से सितम्बर 1961ई0 तकसितम्बर 1961 में हवाई दुर्घटना में मृत्यु
3.यूं थाटम्यामारनवम्बर 1961ई0 से 1971ई0 तक
4.कुर्त वाल्दीहीमआँस्टिया जनवरी 1972ई0 से दिसम्बर 1981ई0 तकदो कार्यकाल तक रहे।
5.जेवियन पेरेज द कुइयारपेरुजनवरी 1982 से दिसम्बर 1991 सेदो कार्यकाल तक रहे।
6.बुतरस बुतरस घालीमिस्रजनवरी, 1992ई0 से 1996ई0 तकएक कार्यकाल के रहे।
7.कोफी अन्नान घाना जनवरी 1997ई0 से दिसम्बर 2006 तकदो कार्यकाल तक रहे।
8.बान की मूनद0कोरियाजनवरी 2007 से दिसम्बर 2016 तकदो कार्यकाल तक रहे
9.एन्टियो गुटेरसपूर्तगालजनवरी 2017 से वर्तमान में

संयुक्त राष्ट्र संघ के अन्य संगठन

संयुक्त राष्ट्र संघ में अन्य 11 संगठन शामिल है जो कि निम्नानुसार है।

1. विश्व स्वास्थय संगठन (WHO) 

इस का उदेश्य विश्व भर के लोगों के स्वास्थय को बेहतर बनाना है। तथा किसी भी नई बीमारी से दूर रखना, जागरुकता बढाना है। इसका गठन अप्रैल 1948ई0 में जेनेवा (स्विटजरलैंण्ड) में हुई थी। इसका मुख्यालय भी जेनेवा,  स्विटजरलैंण्ड अवस्थित है।  

यह सबसे बड़ा तथा प्रभावी संगठन है पूरे विश्व को नियंत्रित करने के लिए विश्व स्वास्थय संगठन ने अलग – अलग महाद्वीप के लिए पृथक – पृथक शाखाये बनाई हैं। जिसमें, एशिया, यूरोप, अफ्रीका, दक्षिण प्रशान्त एशिया प्रमुख हैं।

किसी भी रोग की रोकथाम हम आज इसीलिए आसानी से कर पाते हैं क्योकि की विश्व स्वास्थय संगठन इसके लिए काफी कार्य करता रहता है। तथा हमें बेहतरीन स्वास्थय सुविधा व आंकडे उपलब्ध करता रहता है।

2. विश्व मौसम विज्ञान संगठन (WMO)

इस संगठन की स्थापना सन् 1951ई0 को की गई। इसका मुख्यालय जेनेवा (स्विटजरलैण्ड) मैं अवस्थित है। इस संगठन का कार्य मौसम विज्ञान के क्षेत्र में अन्तराष्ट्रीय सहयोग महत्वपूर्ण भूमिका निभाना तथा सभी के सहयोग से प्राकृतिक आपदाओं को कम करने में मौसम विज्ञान का प्रयोग तथा मौसम विज्ञान के क्षेत्र में शोध एवं प्रशिक्षण को प्रोत्साहन देना है।

3. विश्व व्यापार संगठन (WTO)

इसकी स्थापना जनवरी 1995ई0 में की गई तथा इसका मुख्यालय जेनेवा स्विटजरलैँण्ड में अवस्थित है। इसका ध्येय बहुपक्षीय अन्तराष्ट्रीय व्यापार प्रणाली के लिए संस्थागत तथा कानूनी आधार उपलब्ध करना है।

4. अन्तराष्ट्रीय श्रम संगठन (ILO)

 इस संगठन की स्थापना 11 अप्रैल 1919 ई0 को श्रमिकों की खराब हालात को देखते हुये की गई थी। इसका मुख्यालय जेनेवा (स्विटजरलैंड) में अवस्थित है। 

इस संगठन का जिम्मा विश्व भर के श्रमिकों की स्थिति में सुधार एवं उनके जीवन–सत्तर को ऊपर लाना है। तथा यह संगठन इस कार्य में काफी बेहतर कार्य किया है इसी बजह से इस की 50 वी वर्षगाँठ पर यानि 1969ई0 को इस संगठन को शान्ति के नोबल पुरुस्कार से सम्मानित किया जा चुका है।

5. विश्व बैंक (World Bank)

इसकी स्थापना सन् 1945ई0 में हुई थी। तथा इसका मुख्यालय संयुक्त राष्ट्र अमेरिका की राजधानी वाशिंगटन डी0सी0 में अवस्थित है। विश्व बैंक का कार्य अन्तराष्ट्रीय स्तर पर पूँजी के विनियम को प्रोत्सहान करना है।

6. यूनेस्को (UNESCO)

इस संगठन का गठन विश्व की ऐतिहासक, सांस्कृतिक, वैजानिक धरोहरो को सजोकर रखने के लिए किया गया।इसकी स्थापना सन् 1946ई0 में की गई तथा  इसका मुख्यालय पेरिस फ्राँस में अवस्थित है। अब तक यूनेस्को द्वारा दुनिया के वल्र्ड हेरिटेज लिस्ट में 1000 से भी अधिक धरोहर शामिल कर चुका है जिसके लिए युनेस्को की तरफ इनकी देखभाल व जीर्णोदार के लिए फण्ड भी दिया जाता है।

इस सूची में भारत के भी करीब 38 धरोहर शामिल हैं जिनमें स्थापनकाल, वास्तुकला, मूर्त, व अमूर्त रुप से इन्हे प्रोत्साहित किया जाता है। यूनेस्को का कार्य ही विश्व भर में शान्ति के लिए शिक्षा, विज्ञान, तथा संस्कृति के क्षेत्र में योगदान कर राष्ट्रों के मध्य निकटता की भावना का भी निर्माण करता है।

7. संयुक्त राष्ट्र खाद्य एंव कृषि (FAO)

इस मह्तवपूर्ण संगठन की स्थापना सन् 1945ई0 में इस आशय से की गई जिससे मानव विकास को प्रोत्साहान के साथ ही विश्व भर में कृषि की गुणवत्ता व खाद्यान्न पर निर्भर राष्ट्र की संकप्लना करना है। इसका मुख्यालय इटली की राजघानी रोम में स्थित है।

8. अन्तराष्ट्रीय दूर संचार संघ (ITU)

इसकी स्थापना सन् 1865ई0 में की गई इसका मुख्यालय जेनेवा (स्विटजरलैंण्ड) में अवस्थित है। इसको अन्तराष्ट्रीय दूर संचार में सभी राष्ट्रों के सहृयोग के लिए किया गया। आज हम टेलीविजन पर दूरस्थ देश व विदेशो के समाचार व खेल जगत का टेलीकास्ट देखते हैं इसमें इस संगठन को सहयोग के कारण ही यह आज सरल हो पाया है।

9. अन्तराष्ट्रीय नागरिक उड्डयन संगठन (ICAO)

इस संगठन का ध्येय अन्तराष्ट्रीय नागरिक उड्डन के मापदंडो के मुताबिक नियम निश्चित करना तथा इससे सम्बधित सम्सयाओं को का अध्ययन कर उनका निदान करना आदि  है। इसका मुख्यालय माँट्रियल (कनाडा) में अवस्थित है।

10. अन्तराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF)

इसकी स्थापना 27 दिसम्बर 1945ई0 को की गई थी। इसका मुख्यालय वाशिंगटन डी0सी (अमेरिका) में स्थित है। इसका कार्य सदस्य देशों को विदेशी विनिमय में सुविधा, अन्तराष्ट्रीय व्यापर एंव भुगतान को प्रोत्साहन तथा सदस्य देशों की आर्थिक मदद करना है।

11. यूनिसेफ (UNISEF)

यह संस्था विश्व भर के बच्चो को एक मंच देने का कार्य करती है तथा बच्चों को शिक्षा व  पोषण युक्त खाद्यान्न का बन्दोबस्त कराने का कार्य करती है।

यह बच्चो के निर्माण के लिए प्रत्येक वर्ष काफी धन व्यय करती है।

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संक्षेप में,

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