Microphone

Microphone क्या है और कितने प्रकार के होते है?

आज की हमारी पोस्ट Microphone के बारे में है Microphone क्या है ? माइक्रोफोन कैसे काम करता है Microphone कितने प्रकार के होते है आदि।

आप भी अक्सर सोचते होंगे कि मोबाइल फ़ोन पर कॉल करते वक़्त वही आवाज़ के हजार किलोमीटर दूर बैठे व्यक्ति को कैसे ठीक ठीक सुनाई देती होगी। या जब कोई सिंगर गाना गाता है तो उसकी आवाज़ कैसे एक सीडी में रिकॉर्ड हो जाती है। तो ये सारा सिस्टम आज की इस पोस्ट में हम आपको समझाएंगे।

ये सब कुछ Microphone की वदौलत होता है। आपने कई जगहों पर माइक्रोफोन देखे होंगे। ये कई तरह के होते हैं। 

आपके मोबाइल फ़ोन में भी एक माइक्रोफोन है, आपका ईयरफोन भी माइक्रोफोन वाला हो सकता है , बड़े बड़े कार्यक्रम में भी माइक्रोफोन का प्रयोग होता है जिसे हम सामान्य भाषा में माइक(miche) कहते हैं।

Microphone क्या है?

Microphone एक ऐसी डिवाइस है जो कि आपकी आवाज को इलेक्ट्रॉनिक सिग्नल में तब्दील करती है। यह बदले हुए इलेक्ट्रॉनिक सिग्नल अब किसी मोबाइल डिवाइस , कंप्यूटर या किसी अन्य ऑडियो डिवाइस की जरिए एनालॉग या डिजिटल साउंड में कन्वर्ट किए जा सकते हैं।

एनालॉग सिग्नल क्या होते हैं?

एनालॉग सिग्नल एक लगातार चलने वाली तरंग है और यह सिग्नल की शक्ति (आयाम) या आवृत्ति (तरंग प्रति इकाई समय) में भिन्न हो सकती है। हमारे आसपास एनालॉग सिग्नल के कई उदाहरण हैं।  मानव की आवाज से एनालॉग सिग्नल है, क्योंकि मनुष्यों से निकलने वाली ध्वनि तरंगें निरंतर होती हैं।

डिजिटल सिग्नल क्या होते हैं?

डिजिटल सिग्नल कंप्यूटर प्रोसेसिंग के लिए बहुत जरूरी है इस का उपयोग बाइनरी (0 और 1) के रूप में होता है। डिजिटल सिग्नल एक समान संरचना को बनाए रखते हैं, जो निरंतर और सुसंगत संकेत प्रदान करते हैं। सारी मशीन्स डिजिटल सिग्नल पर ही काम करती हैं।

डिजिटल सिग्नल की अंतर्निहित विश्वसनीयता के कारण, इसका उपयोग करने वाली प्रौद्योगिकी तेजी से एनालॉग अनुप्रयोगों और उपकरणों के बड़े प्रतिशत की जगह ले रही है।

उदाहरण के लिए, कलाई घड़ी, दिन का समय, एनालॉग घड़ियों से बदलकर डिजिटल घड़ी द्वारा प्रतिस्थापित किया जा रहा है।

सभी माइक्रोफोन या माइक में एक कॉमन बात होती है कि वो बाहरी दुनिया की आवाज़ को पहले तो मशीनी भाषा में बदलती है, और फिर किसी ऑडियो डिवाइस के जरिये ऐसी भाषा में बदलता है जिसे मानव समझ सके और सुन सके।

माइक्रोफोन कितने प्रकार के होते हैं?

हालाँकि आप लोगों ने कभी गौर नहीं किया लेकिन माइक भी अलग अलग तरह के होते हैं। ये माइक अलग अलग पद्धतियों पर काम करते हैं। ये काम करने की पद्धतियों के आधार पर हम इन्हें Dynamic microphone, Condenser microphone, Ribbon microphone में बाँट सकते हैं।

Dynamic microphone क्या है?

डायनेमिक माइक्रोफोन सबसे ज्यादा  इस्तेमाल किए जाने वाले माइक्रोफोन हैं। डायनामिक माइक्रोफोन में एक सरल डिजाइन होता है,  जिसमें कि धातु की एक कॉइल से लिपटा हुआ चुंबक होता है। 

एक पतली सी शीट जिसे डायाफ्राम कहते हैं , चुंबक के सामने की तरफ रखी जाती है और कॉइल में वाइब्रेशन को ध्वनि तरंगों से  साउंड वेव में ट्रांसमिट करता है या भेजता है।

अब ये कॉइल इन कंपन को विद्युत तारों की तरफ स्थानांतरित करती है जो कि ध्वनि को इलेक्ट्रॉनिक तरंगों के रूप में ट्रांसमिट करता है। 

चूंकि डायनामिक माइक्रोफोन एक सरल और सामान्य डिजाइन और कार्यपद्धति का उपयोग करते हैं, तो वे आमतौर पर बहुत ही टिकाऊ होते हैं और इन्हें काम करने के लिए इलेक्ट्रिसिटी की आवश्यकता नहीं होती है। उदाहरण के लिए एक wired headest, wired earphone इसके उदाहरण हैं।

Condenser microphone क्या है?

जैसा कि मैंने आपको सिंगर का उदाहरण दिया था, तो सिंगर जो माइक प्रयोग करता है, वो एक कंडेंसर माइक होता है। 

Condenser microphone आमतौर पर ऑडियो रिकॉर्डिंग जैसे कामों लिए  उपयोग किया जाता है। ये कंडेंसर माइक्रोफोन आवाज़ के प्रति संवेदनशीलता के कारण प्रयोग किये जाते हैं।

प्रत्येक कंडेनसर माइक्रोफोन में एक फ्रंट प्लेट जिसे डायाफ्राम कहते हैं और एक बैक प्लेट शामिल है जो सामने की प्लेट के समानांतर होती है।

जब साउंड वेव्स डायाफ्राम पर आती है, तब यह दो प्लेटों के बीच की दूरी पर निर्भर करता है और इसे इलेक्ट्रिकल तरंगों में बदलता है। 

यह परिवर्तन एक विधुत संकेत के रूप में भेजा जाता है। डायनामिक माइक्रोफोन के विपरीत, कंडेनसर माइक्रोफ़ोन को विद्युत शक्ति की आवश्यकता होती है। 

यह कर्रेंट उसी माइक्रोफोन के साथ लगी हुई बैटरी द्वारा प्रदान किया जा सकता है, लेकिन अक्सर बाहर की किसी विद्युत यंत्र से 48 वोल्ट के रूप में प्रदान किया जाता है।

Ribbon microphone क्या होता है?

रिबन माइक्रोफोन भी अपने उच्च गुणवत्ता के लिए जाना जाता है। इसमें एक एल्यूमीनियम, ड्यूरालुमिनियम या नैनोफिल्म से बना एक पतली रिबन होता है, जो चुंबकीय क्षेत्र में काम करती है।

माइक्रोफोन की तरफ आती हुई ध्वनि तरंगें रिबन में कंपन पैदा करती हैं, कंपन की गति के आनुपातिक वोल्टेज भी बनाते हैं। यह वोल्टेज एक विद्युत संकेत के रूप में भेजा जाता है। 

पहले के रिबन माइक्रोफोन को आउटपुट वोल्टेज बढ़ाने के लिए ट्रांसफार्मर की आवश्यकता होती थी, लेकिन आज कल के रिबन माइक के मैग्नेट में सुधार हुआ है जो कि मजबूत संकेत प्रदान करते हैं। कुछ कुछ रिबन माइक्रोफोन डायनामिक माइक्रोफोन से भी मजबूत होते हैं।

हालांकि रिबन माइक को काफी हद तक कंडेनसर से रिप्लेस कर दिया गया है, हालांकि उसके भी कई मॉडल अभी भी ऐसे निर्मित किए गए हैं और आज का इस्तेमाल किया गया है।

माइक्रोफोन न केवल कई अलग-अलग कार्यप्रणाली के आधार पर आते हैं, बल्कि वे ऑडियो को कैप्चर करने के लिए कई प्रकार के डायरेक्शनल पैटर्न का भी उपयोग करते हैं। 

कुछ माइक्रोफोन सिंगल पोलर पैटर्न के साथ डिज़ाइन किए जाते हैं, जबकि अन्य में स्विच होता हैं जो आपको एक अलग अलग प्रकार से रिकॉर्डिंग उद्देश्य के लिए उपयुक्त पैटर्न का चयन करने की अनुमति देते हैं।

सबसे आम पैटर्न में से कुछ में शामिल हैं:

Cardioid microphone क्या होता है?

एक दिल या बीन के आकार का पैटर्न जो सिर्फ एक दिशा से ऑडियो कैप्चर करता है। आमतौर पर यह वोकल या वाद्य यंत्रों की रिकॉर्डिंग के लिए उपयोग किया जाता है।

Bidirectional microphones क्या होते हैं?

यह अंक 8 की तरह की डिज़ाइन का पैटर्न वाला microphone जो दो अलग-अलग दिशाओं से ऑडियो कैप्चर करता है। यह ऑडियो को दो अलग-अलग स्रोतों से रीकोड करने या reverb को कैप्चर करने के लिए उपयोग किया जाता है।

Omnidirectional microphone क्या होता है?

एक वृत्तीय पैटर्न वाला माइक्रोफोन जो सभी दिशाओं से ऑडियो कैप्चर करता है। अक्सर गायक या खुली जगहों की ध्वनि के समूहों को रिकॉर्ड करने के लिए उपयोग किया जाता है।

तो ये थी हमारी आज की पोस्ट जिसमे हमने आपके माइक्रोफोन क्या है ? माइक्रोफोन कैसे काम करता है? जैसे सवालों का जवाब दिया।

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