Fixed Deposit क्या है इसके फायदे और नुकसान

Fixed Deposit

इस पेज पर हम Fixed Deposit की समस्त जानकारी पढ़ने वाले हैं तो पोस्ट को पूरा जरूर पढ़िए।

पिछले पेज पर हमने बैंक में खाता कैसे खुलवाए की जानकारी शेयर की हैं तो उस पोस्ट को भी पढ़े।

चलिए आज हम Fixed Deposit क्या है इसके फायदे और नुकसान की जानकारी को पढ़ते और समझते हैं।

फिक्स्ड डिपॉजिट क्या है

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फिक्स्ड डिपॉजिट पैसे सेव करने का सबसे सुरक्षित विकल्प है। फिक्स्ड डिपॉजिट निवेश की सुरक्षा के साथ-साथ बेहतर ब्याज दर भी ऑफर करता है।

बैंक आपको फिक्स्ड डिपॉजिट के अवधि के बहुत से विकल्प प्रदान करती हैं जो 6 महीने से 10 वर्ष तक होता है। एफडी की ब्याज दर कई चीजों पर निर्भर होती है।

जैसे:- एफडी की अवधि, आर्थिक स्तिथि, निवेश रकम, निवेशक की उम्र और एफडी की पॉलिसी।

इसके आलावा बैंक फाइनेंशियल संस्थान कई अन्य विशेषताएँ भी देते हैं।

जैसे:- स्वीप इन, टैक्स एफडी सेवर, एफडी के बदले लोन आदि।

फिक्स्ड डिपॉजिट पर आपको ज्यादा ब्याज दर मिलता हैं। आपको अपना पैसा आसानी से निकालने और जमा करने की सुविधा प्राप्त होती हैं।

फिक्स्ड डिपॉजिट क्यों चुनें

फिक्स्ड डिपॉजिट करने पर कई तरह के लाभ और विशेषताएँ मिलती हैं। जिसके चलते एफडी भारत में सबसे मशहूर निवेश विकल्प बन गया है। चलिए नीचे पढ़ते हैं कि फिक्स्ड डिपॉजिट क्यों चुनना चाहिए हैं।

1. फिक्स्ड डिपॉजिट में निवेश करने पर लाभ की गारंटी

फिक्स्ड डिपॉजिट में निवेश करने पर सभी निवेशकों को लाभ मिलता है। बैंक निवेश पर जो ब्याज दर देने का वादा करता है वो निवेशक को फिक्स्ड डिपॉजिट पर निवेश के समय मिलती हैं।

एफडी में निवेश करने पर प्रत्येक निवेशक को सुरक्षा की गारंटी मिलती है और इसलिए निवेश पर किसी तरह की जोखिम नहीं होता है।

2. फिक्स्ड डिपॉजिट में आसान विकल्प

फिक्स्ड डिपॉजिट पर निवेश अवधि के कई आसान विकल्प आपको मिलते हैं। इसकी अवधि 6 महीने से 10 वर्ष तक हो सकती है। एफडी की ब्याज दरें भी अवधि पर निर्भर होती हैं। हालाँकि, टैक्स बचत वाली एफडी की अवधि 5 और 10 वर्ष होती है।

3. एफडी पर निवेश राशि

एफडी की न्यूनतम और अधिकतम निवेश राशि प्रत्येक बैंक की अलग-अलग हो सकती है। कुछ बैंक न्यूनतम निवेश राशि 100 रु. तक रखते हैं जबकि अधिकतम निवेश पर कोई सीमा नहीं होती है।

टैक्स बचत एफडी में न्यूनतम निवेश राशि 1.5 लाख रुपए प्रति वर्ष होती है। एफडी में 1 करोड़ रुपए के निवेश पर मिलने वाली ब्याज दरें 1 करोड़ रुपए से कम के निवेश से अलग होती हैं।

4. एफडी पर मिलने वाला ब्याज

फिक्स्ड डिपॉजिट पर मिलने वाली ब्याज दरें सेविंग अकाउंट से ज्यादा होती हैं। एफडी ब्याज दरें 3.5% से 9% प्रति वर्ष तक होती हैं और ये बैंक, निवेशक की उम्र और निवेश अवधि पर निर्भर करती हैं।

5. फिक्स्ड डिपॉजिट पर मिलने वाला लाभ

कोई भी निवेशक फिक्स्ड डिपॉजिट कैलकुलेटर का प्रयोग कर एफडी पर मिलने वाले लाभ जान सकता है। फिक्स्ड डिपॉजिट कैलकुलेटर निवेश राशि, ब्याज़ दरें और अवधि के आधार पर मिलने वाला मूल लाभ बता सकता है।

6. आप फिक्स्ड डिपॉजिट के बदले लोन ले सकते हैं।

बैंक और फाइनेंशियल संस्थान सभी ग्राहकों को एफडी के बदले लोन लेने की सुविधा प्रदान करती हैं। इस लोन की ब्याज़ दरें 1% से 2% तक होती हैं, जो एफडी से ज़्यादा और सामान्य लोन से कम होती हैं।

जिन लोगों को अचानक पैसे की ज़रूरत पड़ती है और वो अपनी एफडी राशि निकालने के बजाय एफडी के बदले लोन ले सकते हैं।

अगर कोई निवेशक अपनी एफडी राशि की अवधि खत्म होने से पहले निकालता है तो ब्याज दर निवेश के समय ऑफर की गई दर से कम और जिस दिन पैसा निकाला गया है उस दिन के हिसाब से मिलती है।

इसके चलते निवेशक को नुकसान होता है। इसलिए एफडी ना तोड़कर निवेशकों को एफडी के बदले लोन का विकल्प चुनना चाहिए।

एफडी के बदले मिलने वाले लोन सुरक्षित होते हैं क्योंकि एफडी बैंक के पास सुरक्षा के तौर पर गिरवी रहती है और इसलिए इसकी ब्याज दर सामान्य लोन से कम होती है। बैंक और फाइनेंसियल संस्थाएं एफडी की 90% राशि तक लोन देते हैं।

7. फिक्स्ड डिपॉजिट के बदले ले क्रेडिट कार्ड

यदि आपके पास एक एफडी है तो आपको इसके बदले क्रेडिट कार्ड मिल सकता है। ये एक सुरक्षित क्रेडिट कार्ड होता है तो इसके लिए एक अच्छी क्रेडिट हिस्ट्री होना जरूरी नहीं है।

अगर कार्डधारक इस कार्ड को संभलकर प्रयोग करे तो इससे वो अपनी एक अच्छी क्रेडिट हिस्ट्री बना सकता है और अपने क्रेडिट स्कोर में भी सुधार कर सकता है।

8. समय से पहले कुछ पैसा निकालना

बैंक और फाइनेंसियल संस्थाएं ये सुविधा देते हैं कि आप एफडी की अवधि पूरी होने से पहले अपना पैसा निकाल सकते हैं लेकिन इस पर जुर्माना लगता है। इसमें ब्याज़ दर निवेश के समय ऑफर की गई दर से कम और पैसा निकालने वाले दिन के मुताबिक मिलती है।

फिक्स्ड डिपॉजिट के फायदे

  • फिक्स्ड डिपॉजिट में ब्याज दर अधिक मिलता हैं।
  • एफडी रिन्युअल आसान हैं इससे आपको अपनी बचत करने में मदद मिलती हैं।
  • Fd करने से मार्केट के उतार-चढ़ाव से कोई प्रभाव नहीं पढ़ता।
  • इसमें मूलधन के नुकसान का जोखिम न के बराबर हैं।
  • NBFC (एनबीएफसी) द्वारा प्रदान की जाने वाली एफडी ब्याज दर बैंकों की तुलना में अधिक होती हैं।
  • सीनियर सिटीजन को अक्सर उच्च एफडी ब्याज दरें मिलती हैं।

फिक्स्ड डिपॉजिट के नुकसान

1. अलग-अलग एफडी में पैसा लगाएं।

  • आपको एक एफडी में पूरा पैसा नहीं लगाना चाहिए।
  • यदि आपको एफडी में 5 लाख का निवेश करना है तो एक से ज्यादा बैंकों में 1 लाख की 5 एफडी कराना ज्यादा सही हैं।
  • जब भी आपको पैसों की जरुरत पढ़ती हैं तो आप अपनी जरूरत के हिसाब से एक FD को बीच में ही तुड़वा सकते हैं इससे आपकी बाकी FD सुरक्षित रहेंगी।

2. FD पर मिलने वाले ब्याज पर टैक्स

इनकम टैक्स स्लैब के मुताबिक FD से मिलने वाले ब्याज पर टैक्स लगता है।
FD पर कमाया गया ब्याज एक वित्तीय वर्ष में 10 हजार रुपए से अधिक है तो उस पर TDS डिडक्शन होगा।
यह कुल कमाए गए ब्याज का 10% होगा. सीनियर सिटीजंस के लिए ये लिमिट 50 हजार है।
आपकी आय टैक्सेबल रेंज से कम है, तो FD पर TDS डिडक्शन नहीं होने देने के लिए बैंक को फॉर्म 15G और फॉर्म 15H सब्मिट किया जा सकता है।

3. ब्याज

  • बैंकों में पहले तिमाही और सालाना आधार पर ब्याज का विड्रॉल करने का ऑप्शन था।
  • कुछ बैंक अब मासिक विड्रॉल का भी ऑप्शन दे रही हैं।

फिक्स्ड डिपॉजिट ब्याज दरें 2022

फिक्स्ड डिपॉजिट ब्याज दरें बैंक और एफडी अवधि के मुताबिक अलग-अलग होती हैं। आप एफडी में निवेश करने से पहले अलग-अलग बैंक और फाइनेंसियल संस्थाओं की ब्याज दरें पता कर लें ताकि आप सबसे बहतर विकल्प चुन सकें।

एक वर्ष तक की अवधि के लिए भारत में मौजूद मुख्य 10 बैंकों की फिक्स्ड डिपॉजिट ब्याज दरें

Fixed Deposit Interest Rates

2 वर्ष तक की अवधि के लिए मुख्य 10 बैंकों की फिक्स्ड डिपॉज़िट ब्याज़ दरें 

Fixed Deposit Interest Rates

4 वर्ष तक की अवधि के लिए मुख्य 10 बैंकों की फिक्स्ड डिपॉज़िट ब्याज़ दरें

Fixed Deposit Interest Rates

भारत में सामान्य नागरिकों के लिए मुख्य 10 बैंकों की फिक्स्ड डिपॉज़िट ब्याज़ दरें

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भारत में वरिष्ठ नागरिकों के लिए मुख्य 10 बैंकों की फिक्स्ड डिपॉज़िट ब्याज़ दरें

Fixed Deposit Interest Rates
क्या फिक्स्ड डिपॉजिट करने के बाद इमरजेंसी में पैसा निकाल सकते हैं?

जी हाँ यदि कोई इमरजेंसी आती हैं तो आप अपना सारा पैसा निकाल सकते हैं।
FD करने के बाद आपके पास यह मौका रहता है कि आप मैच्‍योरिटी से पहले भी अपना पैसा निकला सकते हैं। प्री-मैच्‍योर विद्ड्रॉअल के लिए आपको कुछ चार्ज देना पड़ता है। अलग-अलग बैंकों में यह चार्ज अलग होता है। FD की इसी खासियत के चलते इसे लिक्विड निवेश भी कहा जाता है।

क्या एफडी के बदले लोन भी मिल सकता हैं?

FD की एक खासियत यह भी है कि आप एफडी के बदले लोन भी ले सकते हैं। अगर आपको अचानक पैसे की जरूरत आ जाए तो बिना एफडी को तुड़वाए आप इसके बदले लोन ले सकते है। आमतौर पर जितने रुपये की एफडी होती है, उसका 90 फीसदी तक लोन के रूप में आसानी से मिल जाता है। एफडी की एवज में मिलने वाले लोन पर ब्‍याज एफडी से एक फीसदी अधिक होता है।

क्या एफडी पर निश्चित बयाज मिलता है?

FD पर ब्‍याज दरों में कोई बदलाव नहीं होता है एक बार जिस ब्‍याज दर में आपने निवेश कर दिया, वह आपको गारंटी से मिलेगा। इस दौरान, अगर ब्याज दर कम होती है तो भी तय ब्याज ही मिलेगा। अगर इस दौरान बैंक अपनी ब्याज दर को बढ़ा देती है तो निवेशक को इसका फायदा नहीं मिलता है। वहीं, अगर घटा भी दें तो निवेशक को कोई नुकसान होगा।

FD में निवेश के कितने ऑप्‍शन हैं?

FD में निवेश के कई ऑप्‍शन मिलते हैं इसमें आप अपनी रकम और समय के मुताबिक FD करा सकते हैं। आमतौर पर एफडी 6 महीने से लेकर 10 साल तक की अवधि के लिए कराई जा सकती है। एसबीआई न्‍यूनतम 1000 रुपये तक की FD करता है और एसबीआई में एफडी की अधिकतम राशि को लेकर कोई सीमा नहीं है।

क्या फिक्स्ड डिपॉजिट रिस्‍क फ्री हैं?

FD को देश में सबसे ज्यादा रिस्क फ्री निवेश ऑप्‍शन माना जाता है। बैंकों पर आरबीआई की निगरानी रहती है। किसी दूसरे जमा विकल्‍पों के मुकाबले एफडी एक सेफ ऑप्‍शन है।

उम्मीद हैं आपको Fixed Deposit की जानकारी पसंद आयी होगी।

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