Incognito mode

Incognito mode क्या है और इसके लाभ और हानि क्या है?

दोस्तों आप सभी यह बात तो जानते ही होंगे कि जब कभी भी आप गूगल अथवा यूट्यूब में कुछ भी सर्च करते हैं तो गूगल और यूट्यूब उन्हें अपनी History में रिकॉर्ड कर लेता है और फिर जब आप अगली बार गूगल या यूट्यूब पर जाते हैं तो यह दोनों आपको आपके द्वारा देखी गई पिछली चीजों की History दिखाते हैं।

गूगल और यूट्यूब के इस प्रोसेस को Cookies को सेव करना कहा जाता है जो आपके Browsing Experience को और भी अच्छा बनाने का काम करता है ताकि आपको बार-बार किसी भी Link या Website को याद करने की जरूरत ना पड़े।

कई बार ऐसा होता है कि जब कोई अन्य व्यक्ति आपका Smartphone चलाता है और वह Google Chrome खोलता है तब उसे भी आपके द्वारा पिछली बार देखी गई सभी चीजें दिखाई देती है और ऐसे में अगर आपने कोई Illegal या कोई Vulgar चीज देखी है तो उसके बारे में आपके उस दोस्त को भी पता चल जाता है जिससे बाद में आपको नुकसान अथवा शर्मिंदगी उठानी पड़ती है।

परंतु अगर आप यह चाहते हैं कि आपके द्वारा देखी गई चीज कोई और ना देख पाए तो इसके लिए आपको Google Chrome का Incognito Mode इस्तेमाल करना चाहिए।

अब आप यह सोच रहे होंगे कि आखिर ये incognito Mode होता क्या है तो हम आपकी जानकारी के लिए बता दें कि Google Chrome Browser तथा अन्य ब्राउजर में इनकॉग्निटो मॉड का फीचर होता है जो किसी भी ब्राउज़र को आपकी इंटरनेट एक्टिविटी को सुरक्षित करने से रोकता है

अगर आप Incognito Mode में है तब आपके द्वारा देखी गई वेबसाइट, लॉगइन डीटेल्स, फॉर्म डिटेल्स और आपके द्वारा खोजी गई चीजों की जानकारी आपका ब्राउज़र सेव नहीं करता है।

ज्यादातर लोग Incognito Mode का इस्तेमाल अश्लील चीजें देखने के लिए या कोई इलीगल एक्टिविटी करने के लिए अथवा हैकिंग करने के लिए करते हैं वहीं कई लोग ऐसे भी हैं जो Temporary तौर पर इसका इस्तेमाल करते हैं।

incognito Mode का फीचर सबसे पहले एप्पल के द्वारा बनाए हुए Safari Browser में साल 2015 में लांच किया गया था।इसके बाद सभी ब्राउज़र ने अपने ब्राउज़र में इस फीचर को शामिल किया।

इनकॉग्निटो मॉड को Privacy Mode,Safe Mode, Porn Mode और Private Browsing जैसे अन्य नामों से भी जाना जाता है और कुछ ब्राउज़र ने इस फीचर को अलग-अलग नाम दिया है।

Incognito Mode क्या है?

Incognito window mode ब्राउज़र का बहुत ही महत्वपूर्ण Feature होता है और यह फीचर लगभग सभी ब्राउज़र में उपलब्ध रहता है। अलग अलग ब्राउज़र में इसे अलग-अलग नामों से जाना जाता है।

जब हम Incognito window mode में चले जाते हैं तब उसके बाद कुछ भी सर्च करते हैं या कुछ भी ब्राउज़र करते है तो इसकी जानकारी हमारा ब्राउज़र save नहीं करता है और जब आप इनकॉग्निटो मॉड ऑफ करते हैं तब आपके द्वारा देखी गई सभी वेबसाइट की जानकारी, लॉगइन डीटेल्स, सर्च हिस्ट्री, अपने आप डिलीट हो जाती है।

आप Incognito window mode को जितनी बार खोलेंगे यह उतनी बार उसी प्रकार से खुलेगा जिस प्रकार से एक नया ब्राउज़र ओपन होता है।

Incognito Mode से हानि

Incognito window Mode पर ब्राउज़िंग करने पर आपकी सर्च हिस्ट्री को आपके एंपलॉयर, आपके मालिक, इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर या फिर किसी स्पाइवेयर जिसे आपके कंप्यूटर पर इंस्टॉल किया गया हो, के माध्यम से देखा जा सकता है।

अगर आप incognito window Mode का इस्तेमाल करके कोई Illegal Activity जैसे हैकिंग जैसी घटनाओं को अंजाम देने की सोचते हैं तो हम आपकी जानकारी के लिए बता दें कि आप बिल्कुल भी ऐसा ना करें,

क्योंकि इससे आप आसानी से Police की Radar में आ सकते हैं।लोग ज्यादातर इलीगल एक्टिविटी को अंजाम देने के लिए वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क अर्थात VPN का इस्तेमाल करते हैं ना कि इनकॉग्निटो विंडो मोड का।

Incognito Mode के फायदे

Incognito Window mode के बहुत सारे फायदे हैं जिसके बारे में हम आपको नीचे विस्तार से बता रहे हैं।

निजी जानकारी चोरी होने से बचाने के लिए : हम जब भी किसी Website पर अपना अकाउंट बनाते हैं तो उसमें आपके द्वारा भरी गई सभी जानकारियां जैसे फोन नंबर, पासवर्ड, ईमेल आईडी और इसके अलावा अगर आप ऑनलाइन शॉपिंग करते हैं

तो आपके क्रेडिट कार्ड, डेबिट कार्ड की डिटेल्स भी सेव हो जाती है परंतु आप यह सभी कम incognito window Mode का इस्तेमाल करके करते हैं तो आप अपनी सभी गोपनीय जानकारी सेव होने से रोक सकते हैं और अपनी पर्सनल डिटेल्स चोरी होने से बचा सकते हैं।

अनजान की तरह ब्राउजिंग करना : Incognito Mode मोड में यूजर अनजान की तरह ब्राउजिंग कर सकता है क्योंकि इसमें लॉगइन डीटेल्स, सर्च इंफॉर्मेशन और फॉर्म डिटेल्स की जानकारी याद नहीं रखी जाती है।

Login Detail hide करना : अगर आप अपना कोई Private Work अथवा सार्वजनिक काम किसी दूसरे के कंप्यूटर में करते हैं तो आपको इनकॉग्निटो मॉड का इस्तेमाल जरूर करना चाहिए।ऐसा करने से दूसरा कोई भी व्यक्ति आपकी लॉगइन डीटेल्स और आपके द्वारा खोजी गई चीजों के बारे में पता नहीं कर पाएगा।

Search History छुपाना : अगर आप यह चाहते हैं कि आपने ब्राउज़र में क्या सर्च किया है उसकी जानकारी कोई और ना पता लगा पाए तो आप incognito window Mode का इस्तेमाल करें। ऐसा करने से आपने जो भी सर्च किया होगा वह कोई दूसरा नहीं देख पाएगा।

Website Test करने के लिए : Incognito Window मोड Web Developer के लिए बहुत ही फायदेमंद साबित होता है क्योंकि इसमें आप अपने ब्राउज़र की कैची क्लियर किए बिना केवल ब्राउज़र से रिफ्रेश करके अपने द्वारा किए गए बदलाव को जान सकते हैं।

Track होने से बचने के लिए : हम जब भी Web Surfing करते हैं तो ब्राउजर और वेब सर्वर के द्वारा हमारे History Track की जाती है लेकिन अगर आप Incognito Window mode का इस्तेमाल करते हैं तो इससे आपकी लॉगइन डीटेल्स, सर्च हिस्ट्री, फॉर्म डिटेल्स हिस्ट्री, कुकीज़ फाइल्स सेव नहीं की जाती है। इस प्रकार से आप Track होने से बच सकते हैं।

सही खोज का पता लगाने के लिए : लगभग सभी Browser उपयोगकर्ता की पसंद के हिसाब से ही सर्च रिजल्ट दिखाते हैं लेकिन अगर आप इनकॉग्निटो विंडो मोड का इस्तेमाल करते हैं तो आपको परफेक्ट सर्च रिजल्ट मिलता है।

Multiple Email ID का उपयोग कर सकते हो : हम ब्राउज़र में विभिन्न प्रकार की Email ID शामिल कर सकते हैं लेकिन जब भी हम ब्राउज़र में नया टैब खोलते हैं तो पहले वाली ईमेल आईडी खुल जाती है, इससे दूसरी ईमेल आईडी को इस्तेमाल करने के लिए हमें पहले वाली ईमेल आईडी को लॉगआउट करना पड़ता है।

लेकिन Incognito Window mode में लॉगइन करने की जरूरत नहीं होती है। नए टैब को इनकॉग्निटो मॉड में ओपन करके बिना Logout किए बिना भी Multiple Email ID का इस्तेमाल कर सकते हैं और अपने काम कर सकते हैं।

Internet Explorer में In Private Browsing का उपयोग कैसे करें

Internet explorer में इन प्राइवेट ब्राउजिंग का इस्तेमाल करने के लिए सबसे पहले अपना कंप्यूटर अथवा लैपटॉप में इंटरनेट एक्सप्लोरर ब्राउज़र खोलें। उसके बाद सबसे ऊपर कोने में दिख रही Setting के विकल्प पर क्लिक करें। 

इसके बाद सेफ्टी विकल्प पर अपना mouse लेकर जाएं फिर इन प्राइवेट ब्राउजिंग पर क्लिक करें। ऐसा करते ही आपके सामने इनकॉग्निटो विंडो मोड खुल जाएगा।

Google Chrome Browser में incognito Window का उपयोग कैसे करें

अगर आप Google Chrome Browser का इस्तेमाल करते हैं और आपको उसमें incognito window Mode का इस्तेमाल करने नहीं आता है तो आज हम आपको गूगल क्रोम ब्राउजर में इनकॉग्निटो विंडो मोड का इस्तेमाल करने के बारे में भी बताएंगे।क्रोम ब्राउजर में इनकॉग्निटो विंडो मोड का इस्तेमाल करने के लिए नीचे दिए गए स्टेप्स को फॉलो करें।

स्टेप 1 : Chrome Browser में इनकॉग्निटो विंडो मोड का इस्तेमाल करने के लिए सबसे पहले अपने लैपटॉप या कंप्यूटर में गूगल क्रोम ब्राउजर खोलें। उसके बाद ऊपर की तरफ दिखाई दे रहे 3 Dot पर क्लिक करें।

स्टेप 2 : अब वहां पर आपको सबसे ऊपर New Tab/New Window और उसके नीचे New Incognito Window का विकल्प दिखाई देगा। आप जैसे ही इनकॉग्निटो विंडो के विकल्प पर क्लिक करेंगे वैसे ही आपके सामने इनकॉग्निटो विंडो खुल जाएगी। इसका बैकग्राउंड काले कलर का होता है।

आप चाहे तो अपने कीबोर्ड से Ctrl + Shift + N का उपयोग करके भी आप Google Chrome browser में incognito window खोल कर सकते हैं।

Firefox Browser में Incognito Window mode का उपयोग कैसे करें

FireFox Browser में इनकॉग्निटो विंडो मोड का इस्तेमाल करने के लिए सबसे पहले अपने कंप्यूटर अथवा लैपटॉप में फायरफॉक्स ब्राउजर खोलें। इसके बाद आपको ऊपर की तरफ ☰ 3 लाइन बनी हुई दिखाई देगी,उस पर क्लिक करें।

इसके बाद आपको New Private Window का विकल्प दिखाई देगा। उस पर क्लिक करें। क्लिक करते ही आपके सामने Firefox browser Private Window खुल जाएगा। इसका बैकग्राउंड भी काले कलर का ही होता है।

आप चाहे तो Firefox browser में private window open करने के लिए आप अपने कीबोर्ड से Ctrl + Shift + P का उपयोग भी कर सकते हैं

Microsoft Edge में InPrivate Browsing का उपयोग कैसे करें

MicroSoft Edge में प्राइवेट ब्राउजिंग करने के लिए सबसे पहले अपने कंप्यूटर अथवा लैपटॉप में ब्राउज़र को खोलें। उसके बाद सबसे ऊपर के कोने में 3 लाइन पर क्लिक करें।

इसके बाद आपको न्यू विंडो और उसके नीचे New In private Window का विकल्प दिखाई देगा। आप New In private Window पर क्लिक करें। ऐसा करते ही आपके सामने इनकॉग्निटो विंडो खुल जाएगी।

आप चाहे तो अपने कीबोर्ड से Ctrl + Shift + P दबाकर Microsoft Edge Browser में In Private Window on कर सकते हो।

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