कंप्यूटर

कंप्यूटर शब्द की उत्तपत्ति लैटिन भाषा के Computare से हुई है जिसका मतलब गणना (Compute) करना होता हैं।

कंप्यूटर मुख्यतः तीन स्टेप में काम करता हैं।

Step#1. उपयोगकर्ता इनपुट डिवाइस के द्वारा कंप्यूटर कोनिर्देश देता हैं।

Step#2. कंप्यूटर उपयोगकर्ता के द्वारा निर्देश को प्रोसेस करता हैं।

Step#3. प्रोग्राम के अनुसार निर्देश प्रोसेस होने के बाद आउटपुट देता है।

कंप्यूटर क्या है

कंप्यूटर एक ऑटोमेटिक इलेक्ट्रॉनिक मशीन हैं जो अनेक कार्य जैसे; आँकड़ों का संकलन तथा निवेशन, ऑकड़ों का संचयन, ऑकड़ों का संसाधनं और आँकड़ों या प्राप्त जानकारियों का निर्गमन या पुनर्निर्गमन आदि को बहुत ही कम समय मे कर सकती हैं।

साधारण भाषा में “कंप्यूटर एक इलेक्ट्रॉनिक यंत्र हैं जो उपयोगकर्ता के द्वारा दिए गए निर्देशों को प्रोसेस करके रिजल्ट देता हैं।”

कंप्यूटर को हिंदी भाषा में संगणक कहते हैं।

पहले के समय में कंप्यूटर के द्वारा सिर्फ गणना की जाती थी लेकिन जैसे-जैसे इसमें बदलाव किए गए और अन्य डिवाइस को जोड़ा गया वैसे-वैसे यह काम करने में अधिक बेहतर होता गया।

आज कंप्यूटर इतना विकसित हो गया है कि इससे दैनिक जीवन में अनेक कार्य जैसे Online Study, Banking, Business आदि हो रहे है।

Computer Full Form

Computer शब्द के प्रत्येक अक्षर का अलग-अलग एक मतलब है अर्थात कंप्यूटर शब्द आठ शब्दो से मिलकर बना है।

  • C – Commonly
  • O – Operated
  • M – Machine
  • P – Particularly
  • U – Used
  • T – Technical
  • E – Educational
  • R – Research

कंप्यूटर का आविष्कार

कंप्यूटर का आविष्कार चार्ल्स बैबेज ने 1822 ई में Differential Engine के नाम से Mechanical Computer बनाकर किया था इसलिए चार्ल्स बैबेज को कंप्यूटर का पिता माना जाता हैं।

कंप्यूटर का इतिहास

लगभग 2000 साल पहले कंप्यूटर का आविष्कार किया गया था “Abacus दुनिया का पहला कंप्यूटर हैं।

Abacus लकड़ी का बना हुआ रैक होता हैं जिसमें सिर्फ कैलकुलेशन किए जाते हैं।

जैसे-जैसे Developement होता गया इसको Generation के रूप में बांटा गया।

कंप्यूटर के Generation को पाँच भागों में बांटा गया हैं।

First Generation Vacuum Tubes (1940 – 1956)

First Generation Vacuum Tubes को सर्किटरी और मैग्नेटिक ड्रम के रूप में मेमोरी के लिए इस्तेमाल करते थे।

इन कंप्यूटर का आकार बड़ा और उपयोग करना बहुत महंगा होता था क्योंकि इनको चलाने पर अधिक बिजली खर्च होती थी।

Second Generation Transistor (1956 – 1963)

Second Generation में Vacuum Tubes की जगह Transistor का यूज होने लगा।

Transistor का आविष्कार Bell Labs ने 1947 ई. में किया था।

यह ट्रांजिस्टर, वैक्यूम ट्यूब्स की तुलना में कई गुना अच्छे थे क्योंकि यह तेज़ होने के साथ बिजली की खपत भी कम करते थे जिससे इसको चलाना सस्ता हो गया था।

Third Generation Integrated Circuits (1964 – 1971)

Third Generation में Transistor की जगह Integrated Circuits ने ली।

अब Integrated Circuits काफी छोटे हो गए थे जिसको सिलिकॉन चिप्स के अंदर डाला गया और उसको सेमीकंडक्टर बोला गया।

Third Generation के कंप्यूटर की स्पीड और एफिशिएंसी अधिक बढ़ गई थी।

इसके साथ Keyboard, Computer Mouse, Printer, और Monitor का इस्तेमाल होने शुरू हो गया था जिसके लिए ऑपरेटिंग सिस्टम का यूज किया गया।

Fourth Generation Microprocessor (1971 – Present)

Fourth Generation के कंप्यूटर में Microprocessor का इस्तेमाल किया गया।

इसमें हजारों Integrated Circuit को एक ही सिलिकॉन चिप में Embedded किया गया था जिससे मशीन का आकार छोटा हो गया और माइक्रोप्रोसेसर के इस्तेमाल से कंप्यूटर की एफिशिएंसी बढ़ गई।

Fifth Generation Artificial Intelligence (Present and Beyond)

आज के समय में Fifth Generation के कंप्यूटर चल रहे हैं इन कंप्यूटर में नई-नई टेक्नोलॉजी आयी हैं जैसे: Speech Recognition, Parallel Processing, Quantum Calculation आदि।

Computer के प्रकार

कंप्यूटर एक मल्टीपर्पस मशीन हैं जिसका इस्तेमाल तरह-तरह के कामो के लिए किया जाता हैं कंप्यूटर को ब्रॉडली और आकर के आधार पर दो प्रकार से विभाजित किया गया है।

काम करने के आधार पर कंप्यूटर के प्रकार

1. Analog Computer

यह कंप्यूटर Analog Data को प्रोसेस करता हैं।

Analog Data नंबर के फ्रॉम में नहीं होते है यह Data Physical Quantity के from में होते हैं जिसकी गणना नहीं की जाती हैं।

2. Digital Computer

Digital Computer नम्बर को प्रोसेस करता हैं इस प्रकार के कंप्यूटर 0 से 1 के base पर किसी भी डेटा को calculate करते हैं।

0 और 1 को बाइनरी नम्बर सिस्टम कहते हैं।

3. Hybrid Computer

Hybrid Computer में Analog Computer और Digital Computer दोनों गुण पाए जाते हैं

इसका का उपयोग Hospital में अधिक किया जाता हैं।

रोगी की धड़कन या रक्तचाप इत्यादि को एनालॉग के रूप में माप जाता हैं।

आकार के आधार पर कंप्यूटर के प्रकार

आकार के आधार पर कंप्यूटर बहुत से प्रकार के होते हैं  नीचे सिर्फ मुख्या तीन प्रकार कंप्यूटर के बारे में लिखा है।

1. Super Computer

सुपर कंप्यूटर सबसे तेज और शक्तिशाली होते हैं यह बहुत मंहगे होते हैं।

इन कंप्यूटर का उपयोग खास कामों जैसे:- मौसम की भविष्यवाणी, एनिमेशन, ग्राफिक, डिजाइनिंग और फ्लूइड डायनामिक्स के कैलकुलेशन आदि के लिए किया जाता है।

2. Mini Computer

मिनी कंप्यूटर आकार और शक्ति के अनुसार यह मीडियम लेवल में आते हैं

मिनी कंप्यूटर मेन फ्रेम और वर्क स्टेशन के बीच आते हैं।

मिनी कंप्यूटर में 4 से 200 यूजर एक साथ काम कर सकते हैं।

3. Mainframe Computer

मेनफ्रेम कंप्यूटर बहुत ही महंगा और बड़े आकार का कंप्यूटर हैं।

यह एक साथ हजारों यूजर्स को सभाल सकता हैं

मेन फ्रेम कंप्यूटर सुपर कंप्यूटर से कई गुना शक्ति शाली होते हैं क्योंकि यह एक साथ कई प्रोग्राम को Run कर सकते हैं।

कंप्यूटर के पार्ट्स

कंप्यूटर अनेक पार्ट्स से मिलकर बनता है जिनमे से कुछ महत्वपूर्ण पार्ट्स निम्नानुसार है।

1. Mother Board

कंप्यूटर के मुख्य सर्किटबोर्ड को Mother board कहाँ जाता हैं।

Mother board एक पतली प्लेट की तरह होती हैं जिस पर कंप्यूटर के अनेक पार्ट्स (जैसे: Processor, Memory, Hard drive और Optical drive, Fan आदि) लगे होते है।

कंप्यूटर मेंMother board सभी पार्ट्स के साथ डायरेक्टली या इंनडायरेक्टली जुड़ा हुआ होता हैं।

2. RAM

RAM का पूरा नाम Random access memory होता हैं

इसका इस्तेमाल Data को Store करने के लिए किया जाता हैं लेकिन पॉवर ऑफ होते ही इसमें स्टोर डाटा Delete हो जाता हैं।

RAM किसी भी कंप्यूटर या लैपटॉप के लिए बहुत ही जरूरी हिस्सा होती हैं।

3. ROM

ROM का Full From: Random access memory हैं।

यह मेमोरी कंप्यूटर सिस्टम का प्राइमरी स्टोरेज डिवाइस हैं जो Chip के आकार की होती हैं और मदरबोर्ड से जुड़ी होती हैं।

Random access memory में कंप्यूटर के डाटा को Save किया जाता है।

यह Computer के शुरू होने के बाद डाटा को Regenerate करती हैं।

कंप्यूटर बन्द होने पर ROMमें डाटा स्टोर रहता हैं।

4. Input Device

कंप्यूटर के को निर्देश देने के लिए उपयोग की जाने वाली Device को Input Device कहते है।

जैसे: Keyboard, Scanner और Mouse आदि ।

5. Output Device

कंप्यूटर में डेटा प्रोसेस होने के बाद आउटपुट देने के लिए उपयोग की जाने वाली Device को Output device कहा जाता है।

जैसे: Printer, Speaker, Monitor आदि।

6. Hard disk device

Hard disk device में Data (सॉफ्टवेयर, डॉक्यूमेंट और फाइल आदि ) को Save किया जाता हैं।

7. CPU

Computer क्या हैं

CPU का Full from: Central processing unit हैं इसको कंप्यूटर का दिमाक कहाँ जाता हैं।

कंप्यूटर के सभी पार्ट्स जैसे: Ram, Rom, Processor, और CD Drive आदि CPU के अंदर ही होते है।

8. Power Supply

Power supply unit का काम Main power supply से पॉवर लेकर जरूरत के अनुसार दूसरे Components में Supply करना होता हैं।

कंप्यूटर सीखना क्यों जरूरी हैं

आज के समय में कंप्यूटर सीखना बहुत जरूरी हो गया हैं क्योकि आज जिसको कंप्यूटर नहीं आता तो समझो उसको कुछ नहीं आता है।

यदि आप कंप्यूटर के बारे में जानना चाहते हैं तो अपने आस-पास बैंक में जाकर देखिए बिना कंप्यूटर और इंटरनेट के कोई भी काम होना असंभव हैं।

आपने अपने घर में टीवी तो जरूर ही देखी होगी। वो भी इंटरनेट का ही रूप हैं आप चाहे लाइव देख रहे हो या फिर कोई मूवी या सिलियल देख रहे हो बिना कंप्यूटर और इंटरनेट के यह देख पाना नामुमकिन था।

मोबाइल पर किसी से बात करना या वीडियो कॉलिंग करना है, यह सब कंप्यूटर की मदद से संभव हैं।

कंप्यूटर और इंटरनेट का उपयोग हर क्षेत्र में हो रहा हैं गवर्मेन्ट वैकेंसी ऑनलाइन ही आती हैं और इसके फ्रॉम ऑनलाइन ही भरे जाते हैं और आजकल तो एग्जाम भी ऑनलाइन ही होने लगे हैं और रिजल्ट भी ऑनलाइन ही आता हैं।

आप सभी ATM तो जरूर ही यूज करते होंगे वह भी कंप्यूटर इंटरनेट के द्वारा ही चलता हैं जिस ATM मशीन से आप पैसे निकालते हैं कुछ बटन दबाते हैं और पैसे अपने आप निकल जाते हैं ATM मशीन में जो स्क्रीन लगी होती हैं वह भी एक कंप्यूटर हैं।

आप कंप्यूटर सीखने के बाद अपना बिजली-बिल, मोबाइल का बिल, टीवी का बिल आदि घर बैठे ऑनलाइन बैठे ऑनलाइन भर सकते है।

यदि आपको कंप्यूटर नहीं आता तो आपको हर कदम पर इन सभी कार्यो को करने के लिए किसी दूसरे व्यक्ति की मदद लेनी होगी जो इसके लिए आपसे बहुत अधिक पैसे लेगा इसलिए आपको कंप्यूटर सीखना बहुत आवश्यक है।

कंप्यूटर के उपकरण

कंप्यूटर अनेक उपकरणों से मिलकर कार्य करता हैं जो उपकरण निम्नानुसार है।

1. System Unit

सिस्टम यूनिट को CPU भी कहते हैं इसे कंप्यूटर का हृदय या मस्तिष्क कहाँ जाता हैं जो कंट्रोल यूनिट, अर्थमेटिक लॉजिक यूनिट तथा प्राथमिक मेमोरी से मिलकर बना होता है।

सभी प्रोसेसिंग कार्य सीपीयू में ही सम्पन्न किए जाते हैं।

2. Monitor

Monitor एक आउटपुट डिवाइस हैं मॉनिटर को विजुअल डिस्प्ले यूनिट भी कहा जाता हैं।

इसके बिना आप कोई कार्य नहीं कर सकते क्योकि सभी कार्य इसमें देखकर ही सम्भव होते है।

6. Keyboard

Keyboard एक इनपुट डिवाइस हैं जिसे हिंदी में कुंजीपटल कहते हैं।

कीबोर्ड का उपयोग Text लिखने में किया जाता हैं और इसका उपयोग माउस की तरह भी Keyboard से किया जाता हैं।

4. Mouse

Mouse का आविष्कार एक द्वितीय विश्व युद्ध सैनिक Douglas C Engelburt ने सन 1968 में किया था।

कंप्यूटर माउस, एक इनपुट डिवाइस हैं इसका वास्तविक नाम Pointing Device हैं।

माउस का इस्तेमाल कंप्यूटर स्क्रीन पर आइटम को चुनने के लिए किया जाता हैं इसका उपयोग करके यूजर कंप्यूटर को निर्देश देता हैं और यूजर कंप्यूटर स्क्रीन पर कहीं भी पहुँच सकता हैं।

5. Speaker

Speaker एक बहुत ही Common Output Devices होते हैं इसे कंप्यूटर सिस्टम में इस्तेमाल किया जाता हैं।

कुछ स्पीकर को डिजाइन किया जाता हैं स्पीकर को हिंदी में वक्ता कहाँ जाता हैं।

6. Printer

प्रिंटर एक ऑनलाइन आउटपुट डिवाइस हैं जो कंप्यूटर से प्राप्त जानकारी को कागज में छापता हैं इसको प्रतिलिपि हार्ड कॉपी भी कहते हैं।

कंप्यूटर से प्राप्त जानकारी को आउटपुट के द्वारा बहुत तेजी से निकारा जाता हैं।

कंप्यूटर के लाभ

कंप्यूटर सभी काम बहुत तेजी और शुद्धता से करता हैं इसी कारण से आज सभी जगह कंप्यूटर का इस्तेमाल किया जा रहा हैं।

संचार:- कंप्यूटर से आप वीडियो कॉलिंग, चैटिंग, मैसेज, ईमेल आदि करते है जिससे एक दूसरे से दूर होते हुए भी आसानी से संपर्क रखा जा सकता है इसलिए कंप्यूटर संचार को आसान बनाता है।

दस्तावेज मैनेजमेंट:- दस्तावेजों को सुरक्षित तरीके से स्टोर करके आसानी से find, edit, rename और delete किया जाता है इसलिए File Management को आसान बनता है।

मनोरंजन:- कंप्यूटर के द्वारा आप Games खेल सकते है Movies देख सकते और गाने सुन सकते है जो इसको एक अच्छा मनोरंजन का साधन बनाता है।

व्यापार:- इंटरनेट और कंप्यूटर की मदद से आज लगभग सभी तरह के व्यापार को मैनेज किया जा सकता है इसलिए कंप्यूटर व्यापार को आसान बनाता है।

कंप्यूटर से हानि

वैसे तो कंप्यूटर हमारे लिए वरदान है लेकिन इसका गलत उपयोग कही न कही हमारे लिए नुकसान दायक है जो निम्नानुसार है

  • Hackers कंप्यूटर गलत उपयोग करके लोगो के अकाउंट को पैसे चोरी कर लेते है
  • गलत खबरों को भी आसानी से लोगो तक पहुंचाया जाता है
  • अशिक्षित लोग कंप्यूटर का उपयोग नहीं कर पाते है

कंप्यूटर का उपयोग कहाँ होता हैं

कंप्यूटर निम्न क्षेत्रो में उपयोग किया जाता है।

1. शिक्षा के क्षेत्र में

शिक्षा के क्षेत्र में कंप्यूटर का बहुत ही महत्व हैं स्टूडेंट्स को किसी भी सब्जेक्ट में किसी भी प्रकार की कोई जानकारी चाहिए हैं तो वह कंप्यूटर और इंटरनेट के माध्यम से ज्ञात कर सकता हैं

कंप्यूटर के द्वारा ऑनलाइन क्लास लगाई जा रही है जिसमे घर बैठे ऑनलाइन पढ़ाई संभव है

2. चिकित्सा के क्षेत्र में

चिकित्सा के क्षेत्र में भी कंप्यूटर वरदान हैं कंप्यूटर की मदद से मरीजो का इलाज करने में आसानी होती हैं।

आजकल सभी चीजें डिजिटल हो गई हैं जिससे बड़ी आसानी से किसी भी रोग का पता लगाया जा सकता हैं और उस हिसाब से इलाज करना भी पॉसिबल हो गया हैं इससे ऑपरेशन करना भी आसान हो गया हैं।

3. विज्ञान के क्षेत्र में

Computer Science की ही देन हैं इससे Research करने में आसानी होती हैं।

आजकल एक एक नया ट्रेड चल रहा हैं जिसे Collaboratory भी कहाँ जाता हैं जिससे दुनिया भर में जितने भी Scientist हैं सभी मिलकर इस पर एकसाथ काम कर सकते है चाहे कोई भी किसी भी कोने में क्यों ना हो सभी Collaboratory पर एकसाथ काम कर सकते हैं।

4. व्यापार के क्षेत्र में

व्यायाम के क्षेत्र में इसका बहुत ही योगदान हैं Productivity और Competitiveness बढ़ने के लिए कंप्यूटर का इस्तेमाल मुख्य रूप से किया जाता हैं।

जैसे : Marketing, Retailing, Banking, Stock Trading में होता हैं।

कंप्यूटर में सभी चीजें Digital होने के कारण इसकी Speed Fast हैं और आज कल कैश लैस ट्रांसक्शन पर ज्यादा इम्पोर्टेंस दिया जा रहा हैं।

5. मनोरंजन के क्षेत्र में

मनोरंजन के क्षेत्र में भी कंप्यूटर का बड़ा हाथ हैं कंप्यूटर के द्वारा हम घर बैठे टीवी देख पा रहे हैं।

जैसे:- मूवी, सीलियर, न्यूज या फिर लाइफ न्यूज सभी कंप्यूटर के माध्यम से ही प्रसारित हो रही हैं।

6. गवर्मेन्ट के क्षेत्र में

गवर्मेन्ट के क्षेत्र में कंप्यूटर का सबसे बड़ा योगदान हैं आजकल गवर्मेन्ट ऑनलाइन वैकेंसी निकालती हैं और इसके फ्रॉम भी ऑनलाइन ही भरे जाते हैं और आजकल तो एग्जाम भी ऑनलाइन ही होने लगे हैं और रिजल्ट भी ऑनलाइन ही आता हैं।

आशा करती हूं कि कंप्यूटर से संबंधित समस्त जानकारी आपको पसंद आयी होगी।

कंप्यूटर से संबधित किसी भी प्रश्न के लिए कमेंट करे।

यदि जानकारी पसंद आयी है तो इसे सोशल साइट्स पर शेयर करना न भूले।

4 thoughts on “कंप्यूटर”

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