Printer

Printer क्या है इसके प्रकार और लाभ

Last Updated on July 30th, 2020 by Bhupendra Singh

इस पेज पर आप कंप्यूटर के महत्वपूर्ण अंग Printer के बारे में समस्त जानकारी समझेंगे। क्योकि कंप्यूटर का उपयोग करने वाले समस्त लोगो को है Computer की Input और Output Device की जानकारी होना अत्यधिक आवश्यक है।

इस पेज पर हम निम्न जानकारी पढ़ेंगे।

  • प्रिंटर क्या है और कैसे काम करता है
  • प्रिंटर कितने प्रकार के होते है
  • प्रिंटर के लाभ
  • प्रिंटर बनाने वाली कंपनी के नाम आदि

पिछली पोस्ट में हम कंप्यूटर के अन्य अंगो जैसे CPU, Keyboard, Pen Drive, USB, माइक्रोफोन आदि की जानकारी को शेयर कर चुके है यदि अपने वह नहीं पढ़ी है तो उसे जरूर पढ़े।

चलिए प्रिंटर की जानकारी को पढ़ना शुरू करते है

Printer क्या है?

Printer एक डिवाइस है जिसका कंप्यूटर सिस्टम के साथ इस्तेमाल किया जाता है।

प्रिंटर के नहीं होने पर कंप्यूटर पर कोई खास प्रभाव तो नहीं पड़ता लेकिन जब भी हमें कंप्यूटर से कोई हार्ड कॉपी की Print निकालने होती है तब हमें इसकी आवश्यकता पड़ती है।

Printer के बिना कंप्यूटर से हार्ड कॉपी नहीं निकाली जा सकती है।

जब हम Computer पर कोई भी Data तैयार करते हैं या हम कंप्यूटर से कोई भी जानकारी को किसी हार्ड कॉपी के रूप में प्राप्त करना चाहते हैं तब हमें Printer की आवश्यकता पड़ती है। 

Printer सिर्फ एक क्लिक से ही कंप्यूटर की Screen पर दिखाई जाने वाली जानकारी को एक पेपर पर साफ-साफ Print कर देता है।

Printer एक Output device है। जो आपके कंप्यूटर अथवा अन्य डिवाइस पर संग्रहित Electronic Data को प्रिंट करता है प्रिंटर का उपयोग Photo और Text दोनों को प्रिंट करने के लिए किया जाता है।

दुनिया के पहले इलेक्ट्रॉनिक प्रिंटर का नाम EP 101 था इसका निर्माण जापान की कंपनी Epson के द्वारा 1968 में किया गया था इसमें इलेक्ट्रिक टाइप राइटर और Telitype मशीन का इस्तेमाल किया गया था।

आज के आधुनिक प्रिंटर में Bluetooth और WiFi का विकल्प भी आ गया है जिसका इस्तेमाल से कंप्यूटर और प्रिंटर को बिना USB से जोड़ें किसी भी चीज को प्रिंट कर सकते हैं।

पहला कंप्यूटर प्रिंटर 19वीं शताब्दी में कंप्यूटर के पितामह मा. Charles Babbage ने अपने Difference Engine के लिए डिजाईन किया था।

कंप्यूटर को हिंदी में “मुद्रक यंत्र” कहते है।

Printer को कब और किसने बनाया?

Chester Carlson नाम के व्यक्ति ने पहली बार Printer Device की खोज की थी।

प्रिंटर की खोज साल 1938 में की गई थी इसे Electrophotography के नाम से भी जाना जाता है।

प्रिंटर के प्रकार

Printer के कई प्रकार हैं जिसकी जानकारी हम आपको नीचे दे रहे हैं।

1. Character Printer : इस प्रकार का प्रिंटर एक समय पर केवल एक ही कैरेक्टर को प्रिंट कर सकता है तथा इसकी गति भी कम होती है।

2. Dot Matrix Printer : इस प्रकार का प्रिंटर सभी कैरेक्टररो को बिंदु की तरह आपस में जोड़कर प्रिंट करता है। यह काफी चर्चित प्रिंटर है। इस प्रिंटर में पिनो का मैट्रिक्स होता है जो कि प्रिंटर के Printhead पर होता है और यही कैरेक्टर बनाता है।

कंप्यूटर की मेमोरी एक समय पर एक ही कैरेक्टर भेजती है प्रिंट होने के लिए और पन्नो और पिनों के बीच जब Carbon pin पर पड़ता है तभी करैक्टर प्रिंट होता है। आमतौर पर इसमें केवल 24 Pin ही होती है।

3. Lazer Printer : यह Printer Lazer beam से चित्रों का निर्माण करता है और उन्हें छपता है, आजकल के कार्यों में लेजर प्रिंटर का इस्तेमाल बहुत ज्यादा होने लगा है क्योंकि यह अच्छी प्रिंट क्वालिटी देते हैं इसे हम Page Printer भी कहते हैं।

यह Printer Graphics को बहुत ही अच्छे तरीके से प्रिंट करता है और इसके द्वारा प्रिंट की गई प्रिंट दिखने में भी काफी मनमोहक और आकर्षक लगती हैं। इसके लिए हमारे प्रिंटर में पर्याप्त मात्रा में मेमोरी का होना आवश्यक है जिससे यह बड़े प्रिंट कर सके।

4. Inkjet Printer : इंकजेट प्रिंटर शब्दों को Nozal और jet से Ink को पन्नों पर छिड़ककर प्रिंट करता है।यह अलग-अलग प्रकार की आकृति बनाता है। यह काफी आकर्षक Print निकालता है जो दिखने में काफी अच्छे होते हैं।इस प्रिंटर में इंक नोजल से भाप की तरह निकलता है।

2010 में नयी प्रिंटिंग भी बाज़ार में आई जिसे हम थ्री-डी प्रिंटिंग बोलते हैं जो की असल चित्रों का निर्माण कर देती है जिसे हम छुकर भी देख सकते हैं और इस्तेमाल कर सकते हैं।

5. Daisy Wheel Printer : इस प्रिंटर को साल 1970 में विकसित किया गया था, परंतु वर्तमान के समय में इसका इस्तेमाल नहीं किया जाता है क्योंकि इस प्रिंटर में लो क्वालिटी कम साउंड था।Daisy wheel printer सिर्फ सिंबॉल्स को ही प्रिंट करने में सक्षम थे। 

यह प्रिंटर ग्राफिक को प्रिंट नहीं करते थे। इस printer की मेंटेनेंस कॉस्ट और रनिंग कॉस्ट काफी कम थी और यह प्रिंटर उन जगहों में भी काम करने में सक्षम थे जहां पर अधिक धूप अथवा धूल मिट्टी होती थी।

6. Line Printer : यह प्रिंटर एक समय में शब्दों की एक लाइन को ही प्रिंट कर सकता था परंतु आज उनके स्थान पर अधिक स्पीड से प्रिंट करने वाले लेजर प्रिंटर का इस्तेमाल हो रहा है, परंतु लागत में कमी के कारण आज भी कई बिजनेस में इस प्रिंटर का इस्तेमाल किया जाता है। यह मल्टीपार्ट फॉर्म को तेजी से प्रिंट कर सकते हैं।

7. Plotters Printers : Plotters printers का इस्तेमाल इंजीनियरिंग ड्राइंग तथा आर्किटेक्चर ब्लूप्रिंट को तैयार करने के लिए किया जाता है।

इसलिए जब भी प्रिंटर की बात आती है तब इस प्रिंटर का नाम कम सुनाई देता है, क्योंकि इस प्रिंटर का इस्तेमाल अधिकतर ड्राइंग के उद्देश्य से ही किया जाता है।

आप में से भी बहुत कम ही लोग इस प्रिंटर के बारे में जानते होंगे।

8. 3D printer : 3D printer किसी भी वस्तु को बिल्कुल 3डी में Print करता है, जैसे आप किसी नॉर्मल चीज को अपनी आंखों से देखते हैं यह प्रिंटर भी किसी भी तरीके की वस्तु जैसे कोई बर्तन, कार का मॉडल, मूर्ति, घर या अन्य चीजों को 3डी में प्रिंट करता है।

प्रिंटर बनाने वाली कम्पनियाँ

HPEpsonToshibaiBall
LenovoCitizenDascomPentax
IntelCentronixHitachiSelcoin
CanonLexmarkTelygenicomAlps
KonikaPanasonicBellmarkApple

जरूर पढ़िए :

आशा है Printer क्या है और कितने प्रकार के होते है? से संबंधित यह पोस्ट आपको पसंद आएगी और इसको पढ़कर आप प्रिंटर को अच्छे से समझ पाएंगे।

यदि आपको यह पोस्ट पसंद आयी है तो इसको अपने दोस्तों के साथ शेयर जरूर करे।

2 thoughts on “Printer क्या है इसके प्रकार और लाभ

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.