USB

USB क्या है इसके प्रकार, कार्य और लाभ

नमस्कार दोस्तों, आपने USB Cable का नाम तो सुना ही होगा।

अगर आप इसके बारे में नहीं जानते हैं तो चिंता करने की कोई जरूरत नहीं है क्योंकि आज के इस पेज पर हम USB से सबंन्धित समस्त जानकारी विस्तार में पढ़ेंगे।

तो चलिए जानकारी को पढ़कर समझना शुरू करते है।

USB क्या है?

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि USB एक Tool है जिसका इस्तेमाल करके हम किसी भी प्रकार के पावर और डाटा को एक डिवाइस से दूसरे डिवाइस में आसानी से ट्रांसफर कर सकते हैं।

इस टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करके हम उन सभी Device को एक दूसरे से कनेक्ट कर सकते हैं जिसमें Power अथवा Data होता है।

इसके अलावा हम USB का इस्तेमाल करके इमरजेंसी में अपने स्मार्टफोन को चार्ज भी कर सकते हैं साथ ही इसका इस्तेमाल करके हम स्मार्टफोन को कंप्यूटर से कनेक्ट कर सकते हैं।

USB का Full form Universal Serial Bus (यूनिवर्सल सीरियल बस) है।

USB का इतिहास

USB को सबसे पहले साल 1996 में लांच किया गया था और इसे बनाने की शुरुआत सात कंपनियों ने एक साथ मिलकर की थी जिसमें Intel, Microsoft, IBM, Compaq, Dec, Nortal And Nec शामिल थीं।

USB का सबसे पहला Standard Intel company की टीम में शामिल अजय भट्ट जी ने किया था उसके बाद से USB के कई version बाजार में लांच हो चुके है।

चलिए अब यूएसबी के सभी वर्जनो की जानकारी समझते हैं।

USB Versions क्या है?

USB को सबसे पहले साल 1996 में लांच किया गया था। उसके बाद से अब तक यूएसबी के तकरीबन 6 वर्जन आ चुके हैं।

USB 1.0

USB Version 1.0 को साल 1996 में जनवरी के महीने में लॉन्च किया गया था। यह यूएसबी का सबसे पहला वर्जन था और इसकी स्पीड लगभग 1.5Mbits थी।

उस दौर में इतने ज्यादा डिवाइस उपलब्ध नहीं थे और लोग फ्लॉपी ड्राइव का इस्तेमाल करते थे, इसीलिए इसका ज्यादा इस्तेमाल नहीं किया गया।

USB 1.1

इस USB को USB 1.0 के Launch होने के 2 साल बाद अर्थात साल 1998 में बाजार में लांच किया गया था। यह USB 1.0 से कई मामले में बहुत आगे था। इसके द्वारा 12 Mbps की स्पीड तक डाटा को एक डिवाइस से दूसरा डिवाइस तक ट्रांसफर किया जा सकता था।

USB 2.0

इस USB 2.0 को साल 2000 में अप्रैल के महीने में बाजार में लांच किया गया था। इस यूएसबी को Intel, Microsoft, Compaq जैसी कंपनियों ने एक साथ मिलकर Develop किया था। इस यूएसबी को बहुत ही सफल वर्जन माना जाता है।

क्योंकि आज भी ज्यादातर डिवाइस में इसी का इस्तेमाल किया जाता है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि इस यूएसबी की डाटा ट्रांसफर करने की स्पीड 480 Mbps है और इसे 2.5V और 18A का Host से पेरिफेरल मे Power भी सप्लाई कर सकते हैं।

USB 3.0

USB 3.0 को November 2008 में मार्केट में launch किया गया था। USB 2.0 को थोड़ा और improve किया गया है। इसलिए इसमें USB 2.0 से बहुत ज्यादा बदलाव देखने को नहीं को मिलते है लेकिन इसकी डाटा ट्रान्सफर स्पीड को बढाकर 5 Gbps (Giga Bite Per Second) कर दिया गया, जो की USB 2.0 से बहुत ज्यादा है।

USB 3.1

यह USB 3.0 को थोड़ा और improve करके बनाया गया जो USB 3.1 है। इसको सन 2013 में Launch किया गया था। इसके द्वारा 20v और 5a तक Power Supply कर सकते है .

इस USB की Data transfer करने की speed और ज्यादा बढ़ा दी गयी थी। USB 3.1 में 10 Gbps (Giga Bite Per Second) की Speed से Data को Transfer किया जा सकता है जो USB 3.0 से लगभग दोगुनी है।

USB 3.2 को Device में किसी भी तरह से लगाया जा सकता है। इसको लगाते समय उल्टा या सीधा देखने की जरुरत नहीं होती है।

USB के प्रकार

USB Connector 3 प्रकार के होते है।

  • USB Type A
  • USB Type B
  • USB Type C

USB Type A

यह यूएसबी का सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाला कनेक्टर है। USB type A फ्लैट होते हैं और यह बाकी सभी Connector से थोड़े से बड़े होते हैं।

आपको इस प्रकार का USB लगभग सभी कंप्यूटर और लैपटॉप में आसानी से देखने को मिल जाएगा। इस यूएसबी को माउस, कीबोर्ड और Pendrive में इस्तेमाल किया जाता है।

USB Type B

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि इस यूएसबी का इस्तेमाल काफी कम किया जाता है। USB type B चौकोर आकार के होते हैं और यह देखने में भी थोड़े बड़े बड़े होते हैं।

ज्यादातर इनका इस्तेमाल मॉडेम, स्कैनर और प्रिंटर में किया जाता है। इसके अलावा इसका इस्तेमाल स्मार्टफोन में भी किया जाता है।

USB Type C

यह यूएसबी बहुत ही Inovative होता है और यह साइज में भी छोटा होता है। इस यूएसबी के जरिए कैमरा, MP3 प्लेयर और बाकी सभी छोटे डिवाइस को कंप्यूटर अथवा लैपटॉप से जोड़ा जाता है।

आप इस यूएसबी का इस्तेमाल किसी भी साइट से कर सकते हैं।

चलिए अब आपको बताते हैं कि मिनी यूएसबी कनेक्टर और माइक्रो यूएसबी कनेक्टर क्या होता है।

Mini USB connector

हम अपने मोबाइल को Charge करने के लिए अथवा मोबाइल से डाटा को ट्रांसफर करने के लिए जिस कनेक्टर का इस्तेमाल करते हैं उसे ही मिनी यूएसबी कनेक्टर के नाम से जाना जाता है।

यह टाइप भी प्रकार का Connector होता है और इसे ज्यादा छोटा होने की वजह से मिनी यूएसबी कनेक्टर कहा जाता है।

Micro USB Connector

इस कनेक्टर का इस्तेमाल पुराने Digital Camera में किया जाता है और कुछ मोबाइल कंपनियां भी इस प्रकार के Connector का इस्तेमाल करती है।

यह Type A प्रकार का कनेक्टर होता है।

USB के फायदे

इसे बहुत ही आसानी से इस्तेमाल किया जा सकता है।इसका इस्तेमाल करके हम अपने कंप्यूटर से अपने मोबाइल में डाटा अथवा फाइल को ट्रांसफर बड़ी आसानी से कर सकते हैं।

यूएसबी मल्टीपल उपकरणों के लिए सिंगल इंटरफ़ेस होता है।

यह portable होता है जिसके कारण हम इसे अपने साथ आसानी से कहीं भी लेकर जा सकते हैं। हम इसे आसानी से किसी भी डिवाइस से कनेक्ट कर सकते हैं और इसे आसानी से डिस्कनेक्ट भी कर सकते हैं। 

इसका साइज काफी कम होता है। इसकी Data Transfer करने की स्पीड काफी अच्छी होती है, साथ ही इसकी कीमत भी काफी सस्ती होती है और यह पावर सप्लाई भी कम लेता है।

USB के नुकसान

USB 3.0 की Data Transfer करने की Speed 5 Gbps तक है जो गीगाबिट ईथरनेट से बहुत कम है।

cable की लम्बाई काफी कम होती है। इसकी अधिकतम लम्बाई 5 मीटर तक ही रहता है। इसकी लंबाई कम होने के कारण कभी-कभी जब यह कंप्यूटर के साथ जुड़ा हुआ होता है तब इसका इस्तेमाल करना थोड़ा मुश्किल हो जाता है।

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इस पेज पर आपने USB क्या है और कितने प्रकार की होती है? इससे संबंधित समस्त जानकारी को विस्तार पूर्वक पड़ा है।

उम्मीद करती हूँ कि आपको यह पोस्ट पसंद आई होगी।

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