पर्यायवाची शब्द | समानार्थी शब्द (Synonyms)

पर्यायवाची शब्द | समानार्थी शब्द (Synonyms)
4.7 (93.33%) 3 votes

नमस्कार दोस्तो, पिछली पोस्ट में हम हिंदी मके महत्वपूर्ण अध्याय समास पढ़ चुके हैं। आप उसेे जरूर पढ़े।

इस पोस्ट में हम अगले महत्वपूर्ण अध्याय पर्यायवाची शब्दों (Synonyms) को पढ़ेंगे।

पर्यायवाची शब्द | समानार्थी शब्द (Synonyms)

परिभाषा : वे शब्द जिनका अर्थ एक समान होता हैं, पर्यायवाची शब्द कहलाते हैं।

पर्याय’ का अर्थ है ‘समान’ तथा ‘वाची’ का अर्थ है ‘बोले जाने वाले’ अर्थात जिन शब्दों का अर्थ एक जैसा होता है, उन्हें ‘पर्यायवाची शब्द’ कहते हैं।

पर्यायवाची शब्दों को समानार्थी शब्द या समानार्थक शब्द भी कहा जाता हैं।

उदाहरण:- सूर्य के पर्यायवाची या समानार्थी शब्द दिनकर, दिवाकर, रवि, भास्कर, भानु हैं।

नीचे हम 5000 से अधिक शब्दो के पर्यायवाची शब्द (Synonyms) को पढ़ेंगे।

विशिष्ठ पर्यायवाची या समानार्थी शब्द 

गणेश :- गणपति, गजवदन, गजमुख, गजानन, विनायक, लम्बोदर, भवानीनन्दन, गौरीसूत, एकदन्त, विध्नेश।

गंगा : भागीरथी, देवापगा, सुरसरि, विष्णुपदी, मन्दाकिनी, देवनदी, सुरसरिता।

चन्द्रमा : मयंक, राकेश, शशि, सोम, इंदु, मृगांक, हिमकर, चंद्र, सुधांशु, सुधाकर, कलानिधि।

कामदेव : मनोभव, मनोज, अनग, मनसिज, मार, मन्मथ, रतिपति, रतिनाथ, मदन, मकरध्वज, मिनकेतु।

इन्द्र : सुरेश, शचीपति, सुरपति, देवेंद्र, पुरन्दर, देवेश, वासव, मधवा, सुरेन्द्र।

इच्छा : अभिलाषा, कामना, वांछा, आकांक्षा, मनोरथ, स्पृहा।

तालाब : सर, सरोवर, जलाशय, तड़ाग, पुष्कर।

अश्व : घोड़ा, हय, घोतक, बाजि, तुरंग।

असुर : राक्षस, दनुज, नुशाचर, दैत्य, रजनीचर।

दांत दंत, द्विज, रद।

अरण्य : जंगल, वन, कान्तार, कानन, विपिन।

दास : सेवक, भृत्य, नौकर, किंकर, अनुचर।

दुःख : शोक, खेद, व्यथा, कष्ट, यातना, यन्त्रणा।

अग्नि : पाक, आग, अनल, हुताशन, कृशानु।

अर्जुन : पार्थ, धनंजय, कौन्तेय, गुडाकेश, भारत।

दुग्ध : दूध, क्षीर, पय, स्तन्य, अमृत।

किरण : किरन, अंशु, रश्मि, मयूख।

किरीट :  ताज, मुकुट, शिरोभूषण।

किश्ती : कश्ती, नाव, नौका, नैया।

कीर : तोता, सुग्गा, सुआ, शुक।

कुंभ :  घड़ा, गागर, घट, कलश।

कुसुम : पुष्प, फूल, प्रसून, पुहुप।

कृश : दुबला, क्षीणकाय, कमजोर, दुर्बल, कृशकाय।

चन्द्र : शशि, कलाधर, निशाकर, मृगांक, राकापति, हिमकर, राकेश, रजनीश, निशानाथ, सोम, मयंक, सारंग, सुधाकर, कलानिधि।

कृषि : किसानी, खेतीबाड़ी, काश्तकारी।

केतन :  ध्वज, झंडा, पताका, परचम।

द्रोपदी : याज्ञसेनी, सैरन्ध्री, पांचाली, कृष्णा।

आम्र : आम, रसाल, सहकार, अतिसौरभ।

अतिथि : मेहमान, अभ्यागत, आगन्तुक, पाहूना।

अमृत : सुरभोग सुधा, सोम, पीयूष, अमिय।

वायुसखा : धूमकेतु, अनल, पावक, वहनि, कृशानु।

ऊँचा :  तुंग, उच्च, बुलंद, गगनस्पर्शी।

ऊँट : करभ, उष्ट्र, लंबोष्ठ, साँड़िया।

ठटरी : कंकाल, पंजर, अस्थिपंजर, ठठरी।

ठठोली : मजाक, परिहास, ठट्ठा, ठिठोली, दिल्लगी।

ठन : ठन गोपाल- निर्धन, गरीब, दरिद्र, अकिंचन।

ठहाका : कहकहा, अट्टहास, खिलखिलाना।

ठाकुरद्वारा : मंदिर, देवालय, शिवाला, देवस्थान।

ठाली : बेरोजगार, ठलुआ, बेकार।

ऊखल : ओखली, उलूखल, कूँडी।

अर्थ : हय, तुरङ, वाजि, घोडा, घोटक।

असु : यातुधान, निशिचर, रजनीचर, दनुज, दैत्य, तमचर।

किताब : पोथी, ग्रन्थ, पुस्तक।

किनारा : तीर, कूल, कगार, तट।

किसान : कृषक, भूमिपुत्र, हलधर, खेतिहर, अन्नदाता।

कृष्ण : राधापति, घनश्याम, वासुदेव, माधव, मोहन,

केशव : गोविन्द, मुरारी, नन्दनन्दन, राधारमण, दामोदर, ब्रजवल्लभ, गोपीनाथ, मुरलीधर, द्वारिकाधीश, यदुनन्दन।

अलंकार : आभूषण, भूषण, विभूषण, गहना, जेवर।

चेला : शागिर्द, शिष्य, विद्यार्थी।

चेहरा : शक्ल, आनन, मुख, मुखड़ा।

चोरी : स्तेय, चौर्य, मोष, प्रमोष।

चौकन्ना : सचेत, सजग, सावधान, जागरूक।

चौकीदार : प्रहरी, पहरेदार, रखवाला।

चौमासा : वर्षाकाल, वर्षाऋतु, बरसात।

चोटी : मूर्धा, शीश, सानु, शृंग।

अहंकार : दंभ, गर्व, अभिमान, दर्प, मद, घमंड, मान।

खाना : भोज्य सामग्री, खाद्यय वस्तु, आहार, भोजन।

खग : पक्षी, द्विज, विहग, नभचर, अण्डज, शकुनि, पखेरू।

खंभा : स्तूप, स्तम्भ, खंभ।

खंड : अंश, भाग, हिस्सा, टुकड़ा।

खटमल : मत्कुण, खटकीट, खटकीड़ा।

खद्योत : जुगनू, सोनकिरवा, पटबिजना, भगजोगिनी।

खर : गधा, गर्दभ, खोता, रासभ, वैशाखनंदन।
खरगोश : शशक, शशा, खरहा।

ऊसर : अनुपजाऊ, बंजर, अनुर्वर, वंध्य।

ऊधम : उपद्रव, उत्पात, धूम, हुल्लड़, हुड़दंग।

एकतंत्र : राजतंत्र, एकछत्र, तानाशाही।

औरत : स्त्री, जोरू, घरनी, महिला, मानवी, तिरिया, नारी, वनिता, घरवाली।

उदाहरण : मिसाल, नजीर, दृष्टांत।

उद्दंड : ढीठ, अशिष्ट, बेअदब, गुस्ताख़।

आँख : लोचन, अक्षि, नैन, अम्बक, नयन, नेत्र, चक्षु, दृग, विलोचन, दृष्टि, अक्षि।

आकाश : नभ, गगन, द्यौ, तारापथ, पुष्कर, अभ्र, अम्बर, व्योम, अनन्त, आसमान, अंतरिक्ष, शून्य, अर्श।

आनंद : हर्ष, सुख, आमोद, मोद, प्रसन्नता, आह्राद, प्रमोद, उल्लास।

उद्धार : मुक्ति, छुटकारा, निस्तार, रिहाई।

उपा : युक्ति, साधन, तरकीब, तदबीर, यत्न, प्रयत्न।

उज्र : ऐतराज, विरोध, आपत्ति।

उत्थान : उत्कर्ष, प्रगति, उन्नयन।

उत्साह : उमंग, जोश, उछाह।

उदार : फ़राख़दिल, क्षीरनिधि, दरियादिल, दानशील, दानी।

आश्रम : कुटी, स्तर, विहार, मठ, संघ, अखाड़ा ।

उद्देश्य : लक्ष्य, प्रयोजन, मकसद।

उद्यान : बगीचा, बाग, वाटिका, उपवन।

उन्नति : प्रगति, तरक्की, विकास, उत्कर्ष।

उपकार : भेंट, नजराना, तोहफा।

उपहास : परिहास, मजाक, खिल्ली।

औचित्य : उपयुक्तता, तर्कसंगति, तर्कसंगतता।

जन्नत : स्वर्ग, सुरधाम, बैकुंठ, सुरलोक, हरिधाम।

जन्मांध : सूरदास, अंधा, आँधरा, नेत्रहीन।

जबह : वध, हत्या, कत्ल, खून।

जम्हूरियत : प्रजातंत्र, लोकतंत्र, लोकशाही, जनताशासन।

पति : भर्ता, वल्लभ, स्वामी, प्राणाधार, प्राणप्रिय, प्राणेश, आर्यपुत्र।

पत्नी : भार्या, दारा, बेगम, कलत्र, प्राणप्रिया, वधू, वामा, अर्धांगिनी, सहधर्मिणी, गृहणी, बहु, वनिता, जोरू, वामांगिनी।

पक्षी : खेचर, दविज, पतंग, पंछी, खग, विहग, परिन्दा, शकुन्त, अण्डज, चिडिया, गगनचर, पखेरू, विहंग, नभचर।

दिवंगत : स्वर्गीय, मृत, मरहूम, परलोकवासी।

दीदा : नेत्र, नयन, आँख, चक्षु।

दुनिया : जग, जगत, खलक, जहान, विश्व, संसार, भव।

दुर्गुण : अवगुण, ऐब, बुराई, खामी।

दुर्जन : दुष्ट, खल, शठ, असज्जन।

दुर्भिक्ष : अकाल, दुकाल, दुष्काल, सूखा।

दुर्लभ : अलभ्य, दुष्प्राप्य, अप्राप्य।

दुविधा : कशमकश, पशोपेश, असमंजस, अनिश्चय।

दुश्मन : रिपु, वैरी, अरि, शत्रु, बैरी।

दुष्कर : कठिन, दुसाध्य, दूभर, मुश्किल।

पर्वत : पहाड़, गिरि, अचल, भूमिधर, तुंग आद्रि, शैल, धरणीधर, धराधर, नग, भूधर, महीधर।

पण्डित : सुधी, विद्वान, कोविद, बुध, धीर, मनीषी, प्राज्ञ, विचक्षण।

आचार्य : शिक्षक, अध्यापक, प्राध्यापक, गुरु।

आजादी : स्वाधीनता, स्वतंत्रता, मुक्ति।

आजीविका : व्यवसाय, रोजी-रोटी, वृत्ति, धंधा।

आज्ञा : हुक्म, फरमान, आदेश।

आतिथ्य : मेहमानदारी, मेजबानी, मेहमाननवाजी, खातिरदारी।

आत्मा : रूह, जीवात्मा, जीव, अंतरात्मा।

आदत : स्वभाव, प्रकृति, प्रवृत्ति।

आदमी : मानव, मनुष्य, मनुज, मानुष, इंसान।

आनन : चेहरा, मुखड़ा, मुँह, मुखमंडल, मुख।

ईश्वर : परमपिता, परमात्मा, प्रभु, ईश, जगदीश, भगवान, परमेश्वर, जगदीश्वर, विधाता।
ईख- गन्ना, ऊख, इक्षु।

ईप्सा : इच्छा, ख्वाहिश, कामना, अभिलाषा।
ईमानदारी- सच्चा, सत्यपरायण, नेकनीयत, सत्यनिष्ठ।

ईर्ष्या : विद्वेष, जलन, कुढ़न, ढाह।

ईसा : यीशु, ईसामसीह, मसीहा।

ईहा : मनोकामना, अभिलाषा, इच्छा, आकांक्षा, कामना।

आबंटन : विभाजन, वितरण, बाँट, वंटन।

आबरू : सम्मान, प्रतिष्ठा, इज्जत।

आयु : उम्र,वय, जीवनकाल।

आयुष्मान : दीर्घायु, दीर्घजीवी, चिरंजीवी, चिरायु।

आवेदन : प्रार्थना, याचना, निवेदन।

आशीर्वाद : शुभकामना, आशीष, आशिष, दुआ।

जमाई : दामाद, जामाता, जँवाई।

जमीन : धरती, भू, भूमि, पृथ्वी, धरा, वसुंधरा।
जय- जीत, फतह, विजय।

औलाद : संतान, संतति, आसऔलाद, बाल-बच्चे।

औषधालय : चिकित्सालय, दवाखाना, अस्पताल।

ऊँट : करभ, उष्ट्र, लंबोष्ठ, साँड़िया।

ऊखल : ओखली, उलूखल, कूँडी।

ऊसर : अनुपजाऊ, बंजर, अनुर्वर, वंध्य।

ठंड : ठंड, शीत, सर्दी।

ठग : छली, छलिया, फ़रेबी, वंचक, धूर्त, धोखेबाज।

जलाशय : तालाब, तलैया, ताल, पोखर, सरोवर।

जवान : तरुण, युवक, नौजवान, नौजवाँ, युवा।

कमल : नलिन, अरविन्द, उत्पल, अम्भोज, तामरस, पुष्कर, महोत्पल, वनज, कंज, सरसिज, राजीव, पद्म, पंकज, नीरज, सरोज, जलज, जलजात, शतदल, पुण्डरीक, इन्दीवर।

किरण : गभस्ति, रश्मि, अंशु, अर्चि, गो, कर, मयूख, मरीचि, ज्योति, प्रभा।

कामदेव : मदन, मनोज, अनंग, आत्मभू, कंदर्प, दर्पक, पंचशर, मनसिज, काम, रतिपति, पुष्पधन्वा, मन्मथ।

अंजाम : नतीजा, परिणाम, फल।

अंत : समाप्ति, अवसान, इति, इतिश्री, समापन।

अंतर : भिन्नता, असमानता, भेद, फर्क।

अंतरिक्ष : खगोल, नभमंडल, गगनमंडल, आकाशमंडल।

अंतर्धान : गायब, लुप्त, ओझल, अदृश्य।

अंदर : भीतर, आंतरिक, अंदरूनी, अभ्यंतर।

अंदाज : अंदाजा, अटकल, कयास, अनुमान।

अंधा : सूरदास, आँधरा, नेत्रहीन, दृष्टिहीन।

कपड़ा : मयुख, वस्त्र, चीर, वसन, पट, अंशु, कर, अम्बर, परिधान।

जवानी : युवावस्था, यौवन, तारुण्य, तरुणाई।

जहाज : पोत, बेड़ा, जलयान, जलपोत।

जहीन : बुद्धिमानी, अक्लमंद, मेधावी, मेधावान, तीक्ष्ण बुद्धि।

ठाँव : स्थान, जगह, ठिकाना।

ठिंगना : बौना, वामन, नाटा।

ठीक : उपयुक्त, उचित, मुनासिब।

ठेठ : निपट, निरा, बिल्कुल।

ऊधम : उपद्रव, उत्पात, धूम, हुल्लड़, हुड़दंग, धमाचौकड़ी।

आम : रसाल, आम्र, अतिसौरभ, मादक, अमृतफल, चूत, सहकार, च्युत (आम का पेड़), सहुकार।

भौंरा : अलि, मधुव्रत, शिलीमुख, मधुप, मधुकर, द्विरेप, षट्पद, भृंग, भ्रमर।

भोजन : खाना, भोज्य सामग्री, खाद्यय वस्तु, आहार।

भय : भीति, डर, विभीषिका।

भाई : तात, अनुज, अग्रज, भ्राता, भ्रातृ।

भंगुर : नाशवान, नश्वर, अनित्य, क्षर, मर्त्य, विनश्वर।

भंडारी : रसोइया, खानसामा, महाराज, रसोईदार।

भंवरा : भौंरा, भ्रमर, मधुकर, मधुप, मिलिंद, अलि, अलिंद, भृंग।

भक्त : आराधक, अर्चक, पुजारी, उपासक, पूजक।

भगिनी : बहन, बहना, स्वसा, अग्रजा।

भद्र : शिष्ट, शालीन, कुलीन, सभ्य, सलीकेदार, बासलीक़ा।

भरतखंड : भारतवर्ष, आर्यावर्त, भारत, हिंदुस्तान, हिंदोस्ताँ।

भरोसा : यकीन, विश्वास, ऐतबार, अक़ीदा, आश्वास।

भव : संसार, दुनिया, जग, जहाँ, विश्व, खलक, खल्क।

भविष्य : भावी, अनागत, भविष्यतकाल, मुस्तकबिल, भविष्यद।

भारती : शारदा, सरस्वती, वाग्देवी, वीणावादिनी, विद्या, वागेश्वरी, वागीशा।

भीष्म : गंगापुत्र, शांतनुसुत, भीष्मपितामह, देवव्रत।

भुजा : भुज, बाहु, बाँह, बाजू।

कल्याण : भलाई, परहित, उपकार, भला।

कष्ट : तकलीफ, पीड़ा, वेदना, दुःख।

काग : कौआ, कागा, काक, वायस।

कातिल : खूनी, हत्यारा, घातक।

घट : घड़ा, कलश, कुम्भ, निप।

घर : आलय, आवास, गेह, गृह, निकेतन, निलय, निवास, भवन, वास, वास-स्थान, शाला, सदन।

घृत : घी, अमृत, नवनीत।

घटना : हादसा, वारदात, वाक्या।

घन : मेघ, बादल, घटा, अंबुद, अंबुधर।

घपला : गड़बड़ी, गोलमाल, घोटाला।

घमंड : दंभ, दर्प, गर्व, गरूर, गुमान, अभिमान, अहंकार।

घुड़सवार : अश्वारोही, तुरंगी, तुरंगारूढ़।

घुमक्कड़ : भ्रमणशील, पर्यटक, यायावर।

घूँस : घूस, रिश्वत, उत्कोच।

घोड़ा : तुरंग, हय, घोट, घोटक, अश्व।

घास : तृण, दूर्वा, दूब, कुश, शाद

कामधेनु : सुरभि, सुरसुरभि, सुरधेनु।

कायर : कापुरुष, डरपोक, बुजदिल।

काल : समय, वक्त, वेला।

कालकूट : जहर, विष, गरल, हलाहल।

काला : श्याम, कृष्ण, कलूटा, साँवला, स्याह।

किनारा : तट, तीर, कगार, कूल, साहिल।

भेद : फर्क, अंतर, भिन्नता, विषमता।

भ्रष्ट : पथभ्रष्ट, पतित, बदचलन, दुश्चरित्र, आचरणहीन।

भ्रू : भौंह, भौं, भृकुटि, भँव, त्यौरी।

भूषण : जेवर, गहना, आभूषण, अलंकार।

आंसू : नेत्रजल, नयनजल, चक्षुजल, अश्रु।

आत्मा : जीव, देव, चैतन्य, चेतनतत्तव, अंतःकरण।

खल : दुष्ट, बदमाश, दुर्जन, गुंडा।

खलक : दुनिया, जगत, जग, विश्व, जहान।

पुत्र : बेटा, लड़का, आत्मज, सुत, वत्स, तनुज, तनय, नंदन।

पुत्री : बेटी, आत्मजा, तनूजा, दुहिता, नन्दिनी, लड़की, सुता, तनया।

पृथ्वी : धरा, धरती, भू, इला, उर्वी, धरित्री, धरणी, अवनि, मेदिनी, क्षिति, मही, वसुंधरा, वसुधा, जमीन, भूमि।

पुष्प: फूल, सुमन, कुसुम, मंजरी, प्रसून, पुहुप।

पानी : जल, नीर, सलिल, अंबु, अंभ, उदक, तोय, जीवन, वारि, पय, अमृत, मेघपुष्प, सारंग।

पार्वती : अपर्णा, अंबिका, आर्या, उमा, गौरी, गिरिजा, भवानी, रुद्राणी, शिवा।

परिवार : कुटुंब, कुनबा, खानदान, घराना।

परिवर्तन : बदलाव, हेरफेर, तबदीली, फेरबदल।

पत्थर : पाहन, पाषाण, प्रस्तर, उपल।

पथ : मग, मार्ग, राह, पंथ, रास्ता।

पिता : जनक, तात, पितृ, बाप।

प्रकाश : ज्योति, चमक, प्रभा, छवि, द्युति।

पेड़ : तरु, द्रुम, वृक्ष, पादप, रुक्ष।

पैर : पाँव, पद, चरण, पाद, पग।

पंक : कीचड़, कीच, कर्दम, चहला।

डंडा : सोंटा, छड़ी, लाठी।

डाली : भेंट, उपहार।

डंका : नगाड़ा, भेरी, दुंदभि, धौंसा।

थोड़ा : अल्प, न्यून, जरा, कम।

थाती : जमापूँजी, धरोहर, अमानत।

थाक : ढेर, समूह।

थप्पड़ : तमाचा, झापड़।

थकान : थकावट, श्रांति, क्लांति।

थल : स्थान, स्थल, भूमि, जगह।

थवई : राज, राजगीर, मिस्त्री, राजमिस्त्री।

डंस : मच्छर, मस, डाँस, मच्छड़।

डगर : राह, रास्ता, पथ, मार्ग, पंथ।

गीदड़ : श्रृंगाल, सियार, जंबुक।

गुनाह : अपराध, कसूर, खता, दोष।

गुलामी : दासता, परतंत्रता, परवशता।

गेहूँ : कनक, गोधूम, गंदुम।

गोद : अंक, क्रोड़, गोदी।

गोधूलि : साँझ, संध्या, शाम, सायंकाल।

ग्रामीण : ग्राम्य, ग्रामवासी, देहाती।

ग्राह : मगरमच्छ, घड़ियाल, मगर, झषराज।

डर : खौफ, भय, दहशत, भीति।

डाकू : दस्यु, लुटेरा, डकैत, बटमार, राहजन।

डाल : डाली, टहनी, वृंत, शाखा।

पंकज : कमल, राजीव, पद्म, सरोज, नलिन, जलज।

पंख : डैना, पक्ष, पर, पखौटा, पाँख।

पंगु : अपाहिज, लंगड़ा, विकलांग, अपंग।

पत्ता : पत्ती, पात, पाती, पल्लव, पर्ण।

खादिम : नौकर, चाकर, भृत्य, अनुचर।

खाविंद : पति, मियाँ, भर्तार, बालम, साजन, सैयाँ।

खिल्ली : मखौल, ठिठोली, उपहास।

खुदगर्ज : स्वार्थी, मतलबी, स्वार्थपरायण।

खुदा : राम, रहीम, रहमान, अल्लाह, परवरदिगार।

खौफ : डर, भय, दहशत, भीति।

खून : रक्त, लहू, शोणित, रुधिर।

आँगन : अँगना, अजिरा, प्राङ्गण।

कान : कर्ण, श्रुति, श्रुतिपटल, श्रवण, श्रोत, श्रुतिपुट।

कोयल : कोकिला, पिक, काकपाली, बसंतदूत, सारिका, कुहुकिनी, वनप्रिया।

क्रोध : रोष, कोप, अमर्ष, गुस्सा, आक्रोश, कोह, प्रतिघात।

कार्तिकेय : कुमार, षडानन, शरभव, स्कन्द।

कुत्ता : श्वा, श्रवान, कुक्कुर। शुनक, सरमेव।

आँधी : तूफान, बवंडर, झंझावत, अंधड़।

आईना : दर्पण, आरसी, शीशा।

उजला : उज्ज्वल, श्वेत, सफ़ेद, धवल।

उजाड : जंगल, बियावान, वन।

उजाला : प्रकाश, रोशनी, चाँदनी।

कुबेर : कित्ररेश, यक्षराज, धनद, धनाधिप, राजराज।

किस्मत : होनी, विधि, नियति, भाग्य।

कच : बाल, केश, कुन्तल, चिकुर, अलक, रोम, शिरोरूह।

कबूतर : कपोत, रक्तलोचन, पारावत, कलरव, हारिल।

झरना : उत्स, स्रोत, प्रपात, निर्झर, प्रस्त्रवण।

झण्डा : ध्वजा, पताका, केतु।

झंझा : अंधड़, आँधी, बवंडर, झंझावत, तूफान।

झाँसा : दगा, धोखा, फरेब, ठगी।

फल : फलम, बीजकोश।

फ़ख : गौरव, नाज, गर्व, अभिमान।

फरमान : हुक्म, राजादेश, राजाज्ञा।

फलक : आसमान, आकाश, गगन, नभ, व्योम।

फसल : शस्य, पैदावार, उपज, खिरमन, कृषि- उत्पाद।

फूट : मतभेद, मनमुटाव, अनबन, परस्पर, कलह।

फूल : पुष्प, सुमन, कुसुम, गुल, प्रसून।

झींगुर : घुरघुरा, झिल्ली, जंजीरा, झिल्लिका।

झूठ : असत्य, मिथ्या, मृषा, अनृत।

कण्ठ : ग्रीवा, गर्दन, गला, शिरोधरा।

कृपा : प्रसाद, करुणा, अनुकम्पा, दया, अनुग्रह।

उत्कष : समृद्धि, उन्नति, प्रगति, प्रशंसा, बढ़ती, उठान।

ऋण : कर्ज, कर्जा, उधार, उधारी।

ऋतुराज : बहार, मधुमास, वसंत, ऋतुपति, मधुऋतु।

ऋषभ : वृष, वृषभ, बैल, पुंगव, बलीवर्द, गोनाथ।

ऋषि : साधु, महात्मा, मुनि, योगी, तपस्वी।

ऋष्यकेतु : कामदेव, मकरकेतु, मकरध्वज, मदन, मनोज, मन्मथ।

उत्कृष्ट : उत्तम, उन्नत, श्रेष्ठ, अच्छा, बढ़िया, उम्दा।

उत्पति : उद्गम, पैदाइश, जन्म, उद्भव, सृष्टि, आविर्भाव, उदय।

आकाश : आसमान, नभ, गगन, व्योम, फलक।

आक्रोश : क्रोध, रोष, कोप, रिष, खीझ।

आखेटक : शिकारी, बहेलिया, अहेरी, लुब्धक, व्याध।

आगंतुक : मेहमान, अतिथि, अभ्यागत।

आग : पावक, अनल, अग्नि, बाड़व, वहि।

आचरण : चाल-चलन, बर्ताव, व्यवहार, चरित्र।

अभिमान : अस्मिता, अहं, अहंकार, अहंभाव।

अरण्य : जंगल, वन, कानन, अटवी, कान्तार, विपिन।

अनी : कटक, दल, सेना, फौज, चमू, अनीकिनी।

अतिथि : मेहमान, अभ्यागत, आगन्तुक, पाहूना।

अर्थ : धन्, द्रव्य, मुद्रा, दौलत, वित्त, पैसा।

अश्व : हय, तुरंग, घोड़ा, घोटक, हरि, तुरग, वाजि, सैन्धव।

अंधकार : तम, तिमिर, तमिस्र, अँधेरा, तमस, अंधियारा।

छल : दगा, ठगी, फरेब, छलावा।

छाछ : मही, मठा, मठ्ठा, लस्सी, छाछी।

छाती : सीना, वक्ष, उर, वक्षस्थल।

छुटकारा : मुक्ति, रिहाई, निजात।

जल : मेघपुष्प, अमृत, सलिल, वारि, नीर, तोय, अम्बु, उदक, पानी, जीवन, पय, पेय।

फल : फलम, बीजकोश।

फ़ख : गौरव, नाज, गर्व, अभिमान।

फजर : भोर, सवेरा, प्रभात, सहर, सकार।

फतह : सफलता, विजय, जीत, जफर।

फरमान : हुक्म, राजादेश, राजाज्ञा।

फलक : आसमान, आकाश, गगन, नभ, व्योम।

फसल : शस्य, पैदावार, उपज, खिरमन, कृषि- उत्पाद।

फालिज : पक्षाघात, अर्धांग, अधरंग, अंगघात।

फितरत : स्वभाव, प्रकृति, प्रवृत्ति, मनोवृत्ति, मिजाज।

फूट : मतभेद, मनमुटाव, अनबन, परस्पर, कलह।

फूल : पुष्प, सुमन, कुसुम, गुल, प्रसून।

जहर : गरल, कालकूट, माहुर, विष ।

जगत : संसार, विश्व, जग, जगती, भव, दुनिया, लोक, भुवन।

तालाब : सरोवर, जलाशय, सर, पुष्कर, ह्रद, पद्याकर , पोखरा, जलवान, सरसी, तड़ाग।

तोता : सुग्गा, शुक, सुआ, कीर, रक्ततुण्ड, दाड़िमप्रिय।

तरुवर : वृक्ष, पेड़, द्रुम, तरु, विटप, रूंख, पादप।

तलवार : असि, कृपाण, करवाल, खड्ग, शमशीर चन्द्रहास।

जीभ : रसना, रसज्ञा, जिह्वा, रसिका, वाणी, वाचा, जबान।

पुत्र : बेटा, लड़का, आत्मज, सुत, वत्स, तनुज, तनय, नंदन।

पुत्री : बेटी, आत्मजा, तनूजा, दुहिता, नन्दिनी, लड़की, सुता, तनया।

पृथ्वी : धरा, धरती, भू, इला, उर्वी, धरित्री, धरणी,

अवनि, मेदिनी, क्षिति, मही, वसुंधरा, वसुधा, जमीन, भूमि।

पुष्प : फूल, सुमन, कुसुम, मंजरी, प्रसून, पुहुप।

पानी : जल, नीर, सलिल, अंबु, अंभ, उदक, तोय,

जीवन, वारि, पय, अमृत, मेघपुष्प, सारंग।

पार्वती : अपर्णा, अंबिका, आर्या, उमा, गौरी, गिरिजा, भवानी, रुद्राणी, शिवा।

नदी : तनूजा, सरित, शौवालिनी, स्रोतस्विनी, आपगा, निम्रगा, कूलंकषा, तटिनी, सरि, सारंग, जयमाला, तरंगिणी, दरिया, निर्झरिणी।

नौका : नाव, तरिणी, जलयान, जलपात्र, तरी, बेड़ा, डोंगी, तरी, पतंग।

नाग : विषधर, भुजंग, अहि, उरग, काकोदर, फणीश, सारंग, व्याल, सर्प, साँप।

नर्क : यमलोक, यमपुर, नरक, यमालय।

नर : जन, मानव, मनुष्य, पुरुष, मर्त्य, मनुज।

निंदा : दोषारोपण, फटकार, बुराई, भर्त्सना।

नेत्र : चक्षु, लोचन, नयन, अक्षि, चख, आँख।

नंदकुमार : नंदलाल, नंदकिशोर, नंदनंदन, कृष्ण, मुरारी, मोहन।

परिवार : कुटुंब, कुनबा, खानदान, घराना।

परिवर्तन : बदलाव, हेरफेर, तबदीली, फेरबदल।

पत्थर : पाहन, पाषाण, प्रस्तर, उपल।

पथ : मग, मार्ग, राह, पंथ, रास्ता।

हस्त : हाथ, कर, पाणि, बाहु, भुजा।

हिमालय : हिमगिरी, हिमाचल, गिरिराज, पर्वतराज, नगपति, हिमपति, नगराज, हिमाद्रि, नगेश।

हिरण : सुरभी, कुरग, मृग, सारंग, हिरन।

होंठ- अक्षर, ओष्ठ, ओंठ।

हनुमान : पवनसुत, पवनकुमार, महावीर, रामदूत, मारुततनय, अंजनीपुत्र, आंजनेय, कपीश्वर, केशरीनंदन, बजरंगबली, मारुति।

हिमांशु : हिमकर, निशाकर, क्षपानाथ, चन्द्रमा, चन्द्र, निशिपति।

हंस : कलकंठ, मराल, सिपपक्ष, मानसौक।

हृदय : छाती, वक्ष, वक्षस्थल, हिय, उर।

हाथ : हस्त, कर, पाणि।

हाथ : नाग, हस्ती, राज, कुंजर, कूम्भा, मतंग, वारण, गज, द्विप, करी, मदकल।

पिता : जनक, तात, पितृ, बाप।

प्रकाश : ज्योति, चमक, प्रभा, छवि, द्युति।

पेड़ : तरु, द्रुम, वृक्ष, पादप, रुक्ष।

पैर : पाँव, पद, चरण, पाद, पग।

पंक : कीचड़, कीच, कर्दम, चहला।

पंकज : कमल, राजीव, पद्म, सरोज, नलिन, जलज।

पंख : डैना, पक्ष, पर, पखौटा, पाँख।

पंगु : अपाहिज, लंगड़ा, विकलांग, अपंग।

जंगल : विपिन, कानन, वन, अरण्य, गहन, कांतार, बीहड़, विटप।

जेवर : गहना, अलंकार, भूषण, आभरण, मंडल।

ज्योति : आभा, छवि, द्युति, दीप्ति, प्रभा, भा, रुचि, रोचि।

जहाज : पोत, जलयान।

जानकी : सीता, वैदही, जनकसुता, मिथिलेशकुमारी, जनकतनया, जनकात्मजा।

जंग : लड़ाई, संग्राम, समर, युद्ध।

जनक : तात, बाप, पिता, बप्पा, बापू, वालिद।

जननी : माँ, माता, मम्मी, अम्मा, वालिदा।

तीर : शर, बाण, विशिख, शिलीमुख, अनी, सायक।

दूध : दुग्ध, दोहज, पीयूष, क्षीर, पय, गौरस, स्तन्य।

दास : नौकर, चाकर, सेवक, परिचारक, अनुचर, भृत्य, किंकर।

सम : सर्व, समस्त, सम्पूर्ण, पूर्ण, समग्र, अखिल, निखिल।

समीप : सन्निकट, आसन्न, निकट, पास।

सभा : अधिवेशन, संगीति, परिषद, बैठक, महासभा।

सुन्दर : कलित, ललाम, मंजुल, रुचिर, चारु, रम्य, मनोहर, सुहावना, चित्ताकर्षक, रमणीक, कमनीय, उत्कृष्ट, उत्तम, सुरम्य।

सन्ध्या : सायंकाल, शाम, साँझ, प्रदोषकाल, गोधूलि।

स्त्री : सुन्दरी, कान्ता, कलत्र, वनिता, नारी, महिला, अबला, ललना, औरत, कामिनी, रमणी।

सुगंधि : सौरभ, सुरभि, महक, खुशबू।

स्वर्ग : सुरलोक, देवलोक, दिव्यधाम, ब्रह्मधाम, द्यौ, परमधाम, त्रिदिव, दयुलोक।

स्वर्ण : सुवर्ण, कंचन, हेन, हारक, जातरूप, सोना, तामरस, हिरण्य।

सहेली : अलि, भटू, संगिनी, सहचारिणी, आली, सखी, सहचरी, सजनी, सैरन्ध्री।

संसार : लोक, जग, जहान, भूमण्डल, दुनियाँ, भव, जगत, विश्व।

दुःख : पीड़ा, कष्ट, व्यथा, वेदना, संताप, संकट, क्लेश, यातना, यन्तणा, शोक, खेद, पीर,।

देवता : सुर, देव, अमर, वसु, आदित्य, निर्जर, त्रिदश, गीर्वाण, अदितिनंदन, अमर्त्य, अस्वप्न, आदितेय, दैवत, लेख, अजर, विबुध।

द्रव्य : धन, वित्त, सम्पदा, विभूति, दौलत, सम्पत्ति।

दैत्य : असुर, इंद्रारि, दनुज, दानव, दितिसुत, दैतेय, राक्षस।

परिवार : कुटुंब, कुनबा, खानदान, घराना।

परिवर्तन : बदलाव, हेरफेर, तबदीली, फेरबदल।

पत्थर : पाहन, पाषाण, प्रस्तर, उपल।

पथ : मग, मार्ग, राह, पंथ, रास्ता।

पिता : जनक, तात, पितृ, बाप।

प्रकाश : ज्योति, चमक, प्रभा, छवि, द्युति।

पेड़ : तरु, द्रुम, वृक्ष, पादप, रुक्ष।

पैर : पाँव, पद, चरण, पाद, पग।

दधि : दही, गोरस, मट्ठा, तक्र।

दरिद्र : निर्धन, ग़रीब, रंक, कंगाल, दीन।

दिन : दिवस, याम, दिवा, वार, प्रमान, वासर, अह्न।

दुष्ट : पापी, नीच, दुर्जन, अधम, खल, पामर।

दाँत : दशन, रदन, रद, द्विज, दन्त, मुखखुर।

दर्पण : शीशा, आरसी, आईना, मुकुर।

दुर्गा : चंडिका, भवानी, कुमारी, कल्याणी, सिंहवाहिनी, कामाक्षी, सुभद्रा, महागौरी, कालिका, शिवा, चण्डी, चामुण्डा।

दशरथ : अवधेश, कौशलपति, दशस्यंदन, रावण।

दस्तूर : रीति-रिवाज, प्रथा, परंपरा, चलन।

दादा : पितामह, बाबा, आजा।

दादुर : मेंढक, मंडूक, भेक।

दारा : बीवी, पत्नी, अर्धांगिनी, वामांगिनी, गृहणी।

दिनकर : सूरज, सूर्य, भानु, भास्कर, दिवाकर, रवि, दिवेश, दिनेश।

तम : अँधेरा, अंधकार, तिमिर, अँधियारा।

तमा : रजनी, रात, निशा, रात्रि।

तमारि : सूरज, सूर्य, दिवाकर, दिनकर, आदित्य, भानु, भास्कर।

धनु : धनुष, पिनाक, शरासन, कोदंड, कमान, धनुही।

धराधर : पर्वत, पहाड़, शैल, मेरु, महीधर, भूधर।

धराधीश : सम्राट, शहंशाह, नृप, नरेश, महीप, महीपति।

धात्री : धाय, उपमाता, आया, दाई।

धान : चावल, चाउर, तंदुल, शालि, व्रीहि।

ब्रह्मा : विधि, विधाता, स्वयंभू, प्रजापति, आत्मभू, लोकेश, पितामह, चतुरानन, विरंचि, अज, कर्तार, कमलासन, नाभिजन्म, हिरण्यगर्भ।

ब्राह्मण : द्विज, भूदेव, विप्र, महीदेव, अग्रजन्मा, द्विजाति, भूसुर, महीसुर, वाडव, भूमिसुर, भूमिदेव।

बहुत : अनेक, अतीव, अति, बहुल, भूरि, बहु, प्रचुर, अपरिमित, प्रभूत, अपार, अमित, अत्यन्त, असंख्य।

बादल : मेघ, घन, जलधर, जलद, वारिद, नीरद, सारंग, पयोद, पयोधर।

बालू : रेत, बालुका, सैकत।

बन्दर : वानर, कपि, कपीश, मर्कट, कीश, शाखामृग, हरि।

बगीचा : बाग़, वाटिका, उपवन, उद्यान, फुलवारी, बगिया।

बाल : कच, केश, चिकुर, चूल।

धी : अक्ल, दिमाग, बुद्धि, मति, प्रज्ञा, मेधा, विवेक।

धीरज : सब्र, संतोष, तसल्ली, धैर्य, दिलासा।

धीवर : मछुहारा, मछुआरा, मत्स्यजीवी।

धेनु : गऊ, गाय, गैया, गौ, गोमाता, सुरभि।

तरनी : नौका, नाव, किश्ती, नैया।

तरुण : युवक, युवा, जवान, नौजवान।

तरुणाई : युवावस्था, यौवन, जवानी, जोबन।

तहजीब : संस्कृति, सभ्यता, तमद्दुन।

मछली : मीन, मत्स्य, झख, झष, जलजीवन, शफरी, मकर।

महादेव : शम्भु, ईश, पशुपति, शिव, महेश्र्वर, शंकर, चन्द्रशेखर, भव, भूतेश, गिरीश, हर, त्रिलोचन।

मेघ : घन, जलधर, वारिद, बादल, नीरद, वारिधर, पयोद, अम्बुद, पयोधर।

मुनि : यती, अवधूत, संन्यासी, वैरागी, तापस, सन्त, भिक्षु, महात्मा, साधु, मुक्तपुरुष।

मित्र : सखा, सहचर, स्नेही, स्वजन, सुहृदय, साथी, दोस्त।

मोर : केक, कलापी, नीलकंठ, शिखावल, सारंग, ध्वजी, शिखी, मयूर, नर्तकप्रिय।

मनुष्य : आदमी, नर, मानव, मानुष, जन, मनुज।

तिजारत : व्यवसाय, व्यापार, सौदागरी।

तिरिया : स्त्री, औरत, महिला, ललना।

देश : राष्ट्र, राज्य, मुल्क।

देशज : देशजात, देशीय, देशी, मुल्की, वतनी।

देहाती : ग्रामवासी, ग्रामीण, ग्राम्य।

धन : दौलत, संपत्ति, सम्पदा, वित्त।

धरती : धरा, धरती, वसुधा, ज़मीन, पृथ्वी, भू, भूमि, धरणी, वसुंधरा, अचला, मही, रत्नवती, रत्नगर्भा।

बाण : सर, तीर, सायक, विशिख, आशुग, इषु, शिलीमुख, नाराच।

नदी : तनूजा, सरित, शौवालिनी, स्रोतस्विनी, आपगा, निम्रगा, कूलंकषा, तटिनी, सरि, सारंग, जयमाला, तरंगिणी, दरिया, निर्झरिणी।

नौका : नाव, तरिणी, जलयान, जलपात्र, तरी, बेड़ा, डोंगी, तरी, पतंग।

ब्रह्मा : विधि, विधाता, स्वयंभू, प्रजापति, आत्मभू, लोकेश, पितामह, चतुरानन, विरंचि, अज, कर्तार, कमलासन, नाभिजन्म, हिरण्यगर्भ।

ब्राह्मण : द्विज, भूदेव, विप्र, महीदेव, अग्रजन्मा, द्विजाति, भूसुर, महीसुर, वाडव, भूमिसुर, भूमिदेव।

बहुत : अनेक, अतीव, अति, बहुल, भूरि, बहु, प्रचुर, अपरिमित, प्रभूत, अपार, अमित, अत्यन्त, असंख्य।

बादल : मेघ, घन, जलधर, जलद, वारिद, नीरद, सारंग, पयोद, पयोधर।

मदिरा : शराब, हाला, आसव, मधु, मद्य, वारुणी, सुरा, मद।

मधु : शहद, रसा, शहद, कुसुमासव।

मृग : हिरण, सारंग, कृष्णसार।

माता : जननी, माँ, अंबा, जनयत्री, अम्मा।

मूर्ख : गँवार, अल्पमति, अज्ञानी, अपढ़, जड़।

मृत्यु : देहांत, मौत, अंत, स्वर्गवास, निधन,देहावसान, पंचत्व, इंतकाल, काशीवास, गंगालाभ, निर्वाण, मरण।

माँ : अंबा, अम्बिका, अम्मा, जननी, धात्री, प्रसू।

मुर्गा : तमचूक, अरुणशिखा, ताम्रचूड़, कुक्कुट।

मग : पन्थ, मार्ग, बाट, पथ, राह।

मूढ़ : मूर्ख, अज्ञानी, निर्बुद्धि, जड़, गंवार।

बालू : रेत, बालुका, सैकत।

बन्दर : वानर, कपि, कपीश, मर्कट, कीश, शाखामृग, हरि।

वारिश : वर्षण, वृष्टि, वर्षा, पावस, बरसात।

वीर्य : जीवन, सार, तेज, शुक्र, बीज।

वज्र : कुलिस, पवि, अशनि, दभोलि।

यम : सूर्यपुत्र, जीवितेश, श्राद्धदेव, कृतांत, अन्तक, धर्मराज, दण्डधर, कीनाश, यमराज।

यमुना : कालिन्दी, सूर्यसुता, रवितनया, तरणि-तनूजा, तरणिजा, अर्कजा, भानुजा।

पातक : पाप, गुनाह, अघ, कल्मष।

पावस : वर्षाकाल, वर्षाऋतु, बारिस।

पाशविक : अमानवीय, बर्बर, क्रूर, अमानुषिक, पैशाचिक।

पाहुना : मेहमान, अतिथि, पाहुन, अभ्यागत।

पिक : कोयल, कोकिला, कोयलिया।

पृष्ठ : पेज, वर्क, सफहा, सफा, पन्ना।

प्रेक्षागृह- नाट्यगृह, छविगृह, नाट्यशाला, रंगशाला, रंगभूमि, रंगस्थली।

पवन : वायु, हवा, समीर, वात, मारुत, अनिल, पवमान, समीरण, स्पर्शन।

यंत्रणा : व्यथा, तकलीफ, वेदना, यातना, पीड़ा।

यकीन : भरोसा, ऐतबार, आस्था, विश्वास।

यकृत : जिगर, कलेजा, जिगरा, पित्ताशय।

यक्ष्मा : टी.बी., तपेदिक, राजरोग, क्षय।

यज्ञोपवीत : जनेऊ, उपवीत, ब्रह्मसूत्र।

विशाल : विराट, दीर्घ, वृहत, बड़ा, महा, महान।

वर्षा : पावस, बरसात, वर्षाकाल, चौमासा, वर्षाऋतु।

वसन्त : मधुमास, माधव, कुसुमाकर, ऋतुराज।

वन : कानन, विपिन, अरण्य, कांतार

बगीचा : बाग़, वाटिका, उपवन, उद्यान, फुलवारी, बगिया।

बाल : कच, केश, चिकुर, चूल।

नाग : विषधर, भुजंग, अहि, उरग, काकोदर, फणीश, सारंग, व्याल, सर्प, साँप।

नर्क : यमलोक, यमपुर, नरक, यमालय।

वृक्ष : तरू, अगम, पेड़, पादप, विटप, गाछ, दरख्त, शाखी, विटप, द्रुम।

विवाह : शादी, गठबंधन, परिणय, व्याह, पाणिग्रहण।

वायु : हवा, पवन, समीर, अनिल, वात, मारुत।

वसन : अम्बर, वस्त्र, परिधान, पट, चीर।

महावत : हाथीवान, पीलवान, फीलवान, आकुंशिक।

मिथुन : युग्म, युगल, जोड़ा, यमल।

मुकुट : ताज, उष्णीष, किरीट, राजमुकुट।

मुकुल : कलिका, कली, शिगूफा, कोरक, गुंजा।

मुगालता : भ्रांति, भ्रम, गलतफ़हमी, मतिभ्रम।

मुदर्रिस : शिक्षक, अध्यापक, गुरु, आचार्य, उस्ताद।

मृषा : मिथ्या, झूठ, असत्य, अनृत।

मोक्ष : मुक्ति, परधाम, निर्वाण, कैवल्य, सद्गति, निर्वाण, परमपद, अपवर्ग।

विधवा : अनाथा, पतिहीना, राँड़।

विष : ज़हर, हलाहल, गरल, कालकूट।

विष्णु : नारायण, दामोदर, पीताम्बर, माधव, केशव, गोविन्द, चतुर्भज, उपेन्द्र, जनार्दन, चक्रपाणि, विश्वम्भर, लक्ष्मीपति, मधुरिपु।

विश्व : जगत, जग, भव, संसार, लोक, दुनिया।

विद्युत : चपला, चंचला, दामिनी, सौदामिनी, तड़ित,

बीजुरी : घनवल्ली, क्षणप्रभा, करका।

नर : जन, मानव, मनुष्य, पुरुष, मर्त्य, मनुज।

नंदिनी : बेटी, पुत्री, अंगजा, तनुजा, सुता, धी, दुहिता।

नक्षत्र : उडु, तारिका, नखत, जुन्हाई।

नगपति : हिमालय, पर्वतराज, पर्वतेश्वर, नगेश, नगेंद्र, शैलेन्द्र।

शिक्षक : गुरु, अध्यापक, आचार्य, उपाध्याय।

शेषनाग : अहि, नाग, भुजंग, व्याल, उरग, पन्नग, फणीश, सारंग।

शुभ्र : गौर, श्वेत, अमल, वलक्ष, धवल, शुक्ल, अवदात।

शहद : पुष्परस, मधु, आसव, रस, मकरन्द।

सरस्वती : गिरा, शारदा, भारती, वीणापाणि, विमला, वागीश, वागेश्वरी।

सेना : ऊनी, कटक, दल, चमू, अनीक, अनीकिनी।

साधु : सज्जन, भद्र, सभ्य, शिष्ट, कुलीन।

सलिल : अम्बु, जल नीर, तोय, सलिल, पानी, वारि।

सगर्भ : बंधु, भाई, सजात, सहोदर, भ्राता, सोदर।

नारी : स्त्री, वनिता, महिला, मानवी।

यतीम : बेसहारा, अनाथ, माँ-बापविहीन।

यशस्वी : मशहूर, विख्यात, नामवर, कीर्तिवान, ख्यातिवान।

यशोदा : यशोमति, जसोदा, नंदरानी।

यशोधरा : गौतम-पत्नी, गौतमी, गोपा।

याज्ञसेनी : पांचाली, द्रौपदी, सैरंध्री, द्रुपदसुता, कृष्णा।

मयूख : किरन, किरण, रश्मि, अंशु, मरीचि।

मरघट : मसान, मुर्दघाट, श्मशान, श्मशानघाट।

मरहूम : स्वर्गवासी, मृत, गोलोकवासी, दिवंगत।

परवाना : फतिंगा, पतंगा, शलभ, फुनगा, भुनगा।

परिणति : नतीजा, अंजाम, फल, परिणाम।

परिणय : शादी, विवाह, ब्याह, पाणिग्रहण।

सुमन : कुसुम, मंजरी, प्रसून, पुष्प, फूल ।

सीता : वैदेही, जानकी, भूमिजा, जनकतनया, जनकनन्दिनी, रामप्रिया।

सर्प : साँप, अहि, भुजंग, ब्याल, फणी, पत्रग, नाग, विषधर, उरग, पवनासन।

सोना : स्वर्ण, कंचन, कनक, सुवर्ण, हाटक, हिरण्य, जातरूप, हेम, कुंदन।

सूर्य : रवि, सूरज, दिनकर, प्रभाकर, आदित्य, मरीची, दिनेश, भास्कर, दिनकर, दिवाकर, भानु, अर्क, तरणि, पतंग, आदित्य, सविता, हंस, अंशुमाली, मार्तण्ड।

संसार : जग, विश्व, जगत, लोक, दुनिया।

सिंह : केसरी, शेर, महावीर, व्याघ्र, पंचमुख, मृगेन्द्र, केहरी, केशी, ललित, हरि, मृगपति, वनराज, शार्दूल, नाहर, सारंग, मृगराज।

परोपकार : परहित, भलाई, नेकी, परकाज, परमार्थ।

पर्याय : समानार्थी, एकार्थी, एकार्थवाची।

पलटन : सेना, आर्मी, लश्कर, चमू, फौज।

पहेली : प्रहेलिका, मुअम्मा, मुकरी, कूटप्रश्न, बुझौवल।

पाठशाला : स्कूल, विद्यापीठ, विद्यालय, मदरसा।

मराल : हंस, राजहंस, सितपक्ष, धवलपक्ष।

मरुत : पवन, वायु, हवा, वात, समीर, मारुत।

मर्कट : बंदर, कपि, कीश, वानर, शाखामृग।

मशहूर : नामी, प्रसिद्ध, ख्यात, विख्यात, ख्यातिप्राप्त, प्रख्यात।

याद : स्मृति, स्मरण, स्मरण-शक्ति, सुध, याद्दाश्त।

याम : पहर, प्रहर, बेला, वेला, जून।

मंतव्य : अभिमत, सम्मति, राय, सलाह, विचार।

मंसूख : रद्द, निरस्त, ख़ारिज, निरसित।

मकड़ी : मकरी, लूता, लूतिका, लूत।

मकतब : स्कूल, पाठशाला, विद्यालय, विद्यापीठ।

मकर : मगर, मगरमच्छ, घड़ियाल, नक्र, ग्राह, झषराज।

मजार : मकबरा, समाधि, कब्र, इमामबाड़ा।

मटका : कुंभ, झट, घड़ा, कलश।

पौ : सवेरा, सुबह, भोर, प्रातः।

पौरस्त्य : पूरबी, पूर्वी, प्राच्य, मशरिक़ी।

प्रजा : जनता, रिआया, रैयत, परजा।

प्रतिदिन : रोजाना, हर दिन, हर रोज, रोज, रोज-रोज।

प्रतियोगिता : स्पर्धा, प्रतिस्पर्धा, मुकाबला, होड़।

प्रवाद : अफवाह, किंवदंती, जनश्रुति।

प्रहरी : द्वारपाल, पहरेदार, प्रतिहारी, दरबान, चौकीदार।

प्राज्ञ : विद्वान, महाज्ञानी, बुद्धिमान, चतुर।

प्रासाद : महल, राजमहल, राजनिवास, राजभवन।

मत्सर : द्वेष, ईर्ष्या, कुढ़न, जलन, डाह।

मनीषा : मति, बुद्धि, मेधा, प्रज्ञा, विचार।

महक : खुशुबू, सुवास, सुगंध, सुगंधि, सौरभ।

महाभारत : भारत, जयकाव्य, पंचमवेद, जय, महायुद्ध।

यामिनी : रजनी, रात, रात्रि, रैन, राका, निशा।

युग : जुग, दौर, मन्वंतर, काल, कल्प, जमाना।

नाविक : केवट, खेवट, मल्लाह, खिवैया।

नियम : उसूल, सिद्धांत, विधि, रीति।

निरक्षर : अनपढ़, अपढ़, अशिक्षित, लाइल्म।

रात्रि : निशा, क्षया, रैन, रात, यामिनी, रजनी, त्रियामा, क्षणदा, शर्वरी, तमस्विनी, विभावरी।

रात : रात्रि, रैन, रजनी, निशा, यामिनी, तमी, निशि, यामा, विभावरी।

राजा : नृपति, भूपति, नरपति, नृप, महीप, राव, सम्राट, भूप, भूपाल, नरेश, महीपति, अवनीपति।

रवि : सूरज, दिनकर, प्रभाकर, दिवाकर, सविता, भानु, दिनेश, अंशुमाली, सूर्य।

युधिष्ठिर : कौन्तेय, धर्मराज, धर्मपुत्र, अजातशत्रु।

योषा : योषिता, नारी, स्त्री, औरत, वनिता, महिला, तिरिया।

योम : दिवस, दिनमान, दिन, अह, सूर्यकाल।

युवति : युवती, सुन्दरी, श्यामा, किशोरी, तरुणी, नवयौवना।

राधिका : राधा, ब्रजरानी, हरिप्रिया, वृषभानुजा।

रक्त : खून, लहू, रुधिर, शोणित, लोहित।

राक्षस : दैत्य, असुर, निशाचर।

लक्ष्मी : चंचला, कमला, पद्मा, रमा, हरिप्रिया, श्री, इंदिरा, पद्ममा, सिन्धुसुता, कमलासना।

लड़का : बालक, शिशु, सुत, किशोर, कुमार।

रमा : इन्दिरा, हरिप्रिया, श्री, लक्ष्मी, कमला, पद्मा, पद्मासना, समुद्रजा, श्रीभार्गवी, क्षीरोदतनया।

रामचन्द्र : अवधेश, सीतापति, राघव, रघुपति, रघुवर, रघुनाथ, रघुराज, रघुवीर, रावणारि, जानकीवल्लभ, कमलेन्द्र, कौशल्यानन्दन।

रावण : दशानन, लंकेश, लंकापति, दशशीश, दशकंध, दैत्येन्द्र।

निशा : रात्रि, रैन, रात, निशि, विभावरी।

न्यौता : निमंत्रण, आमंत्रण, बुलावा।

नया : नूतन, नव, नवीन, नव्य।

पति : भर्ता, वल्लभ, स्वामी, प्राणाधार, प्राणप्रिय, प्राणेश, आर्यपुत्र।

पत्नी : भार्या, दारा, बेगम, कलत्र, प्राणप्रिया, वधू, वामा, अर्धांगिनी, सहधर्मिणी, गृहणी, बहु, वनिता, जोरू, वामांगिनी।

पक्षी : खेचर, दविज, पतंग, पंछी, खग, विहग, परिन्दा, शकुन्त, अण्डज, चिडिया, गगनचर, पखेरू, विहंग, नभचर।

पर्वत : पहाड़, गिरि, अचल, भूमिधर, तुंग आद्रि, शैल, धरणीधर, धराधर, नग, भूधर, महीधर।

पण्डित : सुधी, विद्वान, कोविद, बुध, धीर, मनीषी, प्राज्ञ, विचक्षण।

पुत्र : बेटा, लड़का, आत्मज, सुत, वत्स, तनुज, तनय, नंदन।

पत्ता : पत्ती, पात, पाती, पल्लव, पर्ण।

पथिक : राही, राहगीर, यात्री, बटोही, मुसाफिर, पंथी।

मैना : सारी, सारिका, त्रिलोचना, मधुरालाषा, कलहप्रिया।

मूँगा : प्रवाल, रक्तांग, विद्रुम, रक्तमणि।

मंजुल : मोहक, मनोहर, आकर्षक, शोभनीय, सुंदर।

मंजूषा : संदूक, बक्स, पिटारी, पिटक, पेटी, झाँपी।

युद्ध : संग्राम, संघर्ष, समर, लड़ाई, रण, द्वंद्व।

युद्धभूमि : रणक्षेत्र, रणभूमि, समरभूमि, संग्रामभूमि, युद्धस्थल।

लड़की : बालिका, कुमारी, सुता, किशोरी, बाला, कन्या।

लक्ष्मण : लखन, शेषावतार, सौमित्र, रामानुज, शेष।

लौह : अयस, लोहा, सार।

लता : बल्लरी, बल्ली, बेली।

शेर : हरि, मृगराज, व्याघ्र, मृगेन्द्र, केहरि, केशरी, वनराज, सिंह, शार्दूल, हरि, मृगराज।

शिव : भोलेनाथ, शम्भू, त्रिलोचन, महादेव, नीलकंठ, शंकर।

शरीर : देह, तनु, काया, कलेवर, वपु, गात्र, अंग, गात।

शत्रु : रिपु, दुश्मन, अमित्र, वैरी, प्रतिपक्षी, अरि, विपक्षी, अराति।

समुद्र : सागर, पयोधि, उदधि, पारावार, नदीश, नीरनिधि, अर्णव, पयोनिधि, अब्धि, वारीश, जलधाम, नीरधि, जलधि, सिंधु, रत्नाकर, वारिधि।

समूह : दल, झुंड, समुदाय, टोली, जत्था, मण्डली, वृंद, गण, पुंज, संघ, समुच्चय।

सरस्वती : गिरा, भाषा, भारती, शारदा, ब्राह्यी, वाक्, जातरूप, हाटक, वीणापाणि, विमला, वागीश, वागेश्वरी।

आशा है HTIPS की यह पोस्ट पर्यायवाची शब्द, समानार्थी शब्द आपको पसंद आएगी।

पर्यायवाची शब्द या समानार्थी शब्द से सम्बन्धी किसी भी तरह के प्रश्न के लिए comment जरूर करें।

Leave a Comment

You have to agree to the comment policy.

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.