विज्ञापन की परिभाषा, महत्व, माध्यम और प्रकार

आज के इस आर्टिकल में हम विज्ञापन की समस्त जानकारी समझेंगे जो सभी विद्यार्थियों, व्यापारिओं और आम नागरिको को ज्ञात होना आवश्यक है।

विज्ञापन क्या है

व्यवसायिक तौर पर विज्ञापन का मतलब ग्राहकों को किसी भी वस्तुओं एवं सेवाओं की जानकारी देकर उन्हें अपनी तरफ आकर्षित करना है।

आसान शब्दों में हम कह सकते हैं अपने ग्राहकों को वस्तुओं और सेवाओं के गुणों के बारे में बता कर उन्हें अपनी चीजें खरीदने या सेवाओं को लेने के लिए प्रोत्साहित करना ही विज्ञापन या प्रचार कहलाता है।

अंग्रेजी भाषा के Advertising शब्द की उत्पत्ति लैटिन के Advertise शब्द से हुई है। जिसका मतलब होता है मोड़ना या आकर्षित करना।

विज्ञापन वस्तुओं, सेवाओं और विचारों की बिक्री को काफी हद तक बढ़ावा देता है। आजकल पूरे विश्व में वस्तुओं के प्रचार और उनके संबंध में जानकारी देने के लिए इनका महत्व और भी बढ़ता जा रहा है।

आज की दुनिया में विज्ञापन अपने संदेश को लोगों तक पहुंचाने के लिए मीडिया का उपयोग करता है। कई देशों में विज्ञापन मीडिया के लिए आय का सबसे महत्वपूर्ण स्रोत है जैसे समाचार पत्र, पत्रिकाएं, रेडियो, प्रेस, इंटरनेट, पोस्टर और यहां तक की कई विज्ञापन लोगों के माध्यम से भी करवाए जाते हैं।

विज्ञापन का महत्व

विज्ञापन ग्राहक और वस्तु को आपस में जोड़ने का कार्य करता है विज्ञापन के महत्व को हम निम्नलिखित रूप में प्रस्तुत कर सकते हैं:-

1. नए वस्तु की जानकारी

आजकल हर रोज नई वस्तुओं का उत्पादन होता है और विज्ञापन इन नई वस्तु की जानकारी लोगों तक पहुंचाता है।

विज्ञापन की माध्यम से लोगों में नई वस्तु के प्रति रुचि पैदा की जाती है। केवल वस्तु ही नहीं बल्कि उसकी उपयोगिता तथा उसके गुणों की जानकारी देने का कार्य भी विज्ञापन करता है। 

2. विक्रेता का लाभ

विज्ञापन से केवल उसे खरीदने वाले को ही लाभ नहीं होता बल्कि उसे बेचने वाले दुकानदार को भी लाभ होता है। विज्ञापन दुकानदार का काम इतना आसान कर देता है कि उसे नई-नई वस्तुओं के बारे में बार-बार लोगों को बताना नहीं पड़ता है। इस तरह विज्ञापन से वस्तु खरीदने वाले और वस्तु बेचने वाले दोनों को लाभ होता है।

3. बाजार का निर्माण

विज्ञापन के माध्यम से नए वस्तु के उत्पादन और उसकी उपयोगिता की जानकारी दी जाती है जिससे लोगों का ध्यान उस वस्तु की ओर आकर्षित होता है और वह इसका इस्तेमाल करने लगते हैं। इस तरह विज्ञापन बाजार का निर्माण करता है।

उदाहरण के लिए पहले लोग किसी विशेष दिन समय निकालकर बाजार जाते थे क्योंकि पहले बाजार किसी विशेष स्थान पर हुआ करता था। लेकिन आज लगभग हर जगह बाजार होता है और यह सब विज्ञापन के कारण ही हो पाया है।

4. राष्ट्र का हित

विज्ञापन का महत्व राष्ट्र हित के लिए भी कम नहीं है। उत्पादन के प्रति लोगों को जागरूक बनाकर विज्ञापन देश की अर्थव्यवस्था के विकास में सहयोग प्रदान करता है। इतना ही नहीं राष्ट्रीय सुरक्षा के मामले, अंतरराष्ट्रीय समझौते, आर्थिक, सामाजिक, राजनैतिक और ऐतिहासिक मुद्दों को विज्ञापनों के द्वारा जनता के बीच पहुंचाता है।

5. जीवन स्तर को ऊंचा करने में सहायक

सर्व शिक्षा अभियान, नारी सशक्तिकरण आदि विज्ञापनों द्वारा लोग शिक्षा एवं नारी के विकास को अच्छे ढंग से समझ सके हैं। इस तरह के विज्ञापन से समाज का जीवन स्तर ऊंचा होता है।

विज्ञापन के प्रकार

1. वर्गीकृत

इस प्रकार के विज्ञापन ज्यादातर छोटे, कम सजे हुए और कम महंगे होते हैं। इनका उपयोग शोक अवसर, शादी विवाह, नौकरी, किराए के लिए खाली घर, रोजगार इत्यादि से संबंधित कार्योँ में किया जाता है।

समाचार पत्रों और पत्रिकाओं में किसी निश्चित स्थान पर इस तरह के विज्ञापन प्रकाशित किए जाते है। इनका खर्च बहुत कम होता है। इस तरह के विज्ञापन में तीन चार लाइनों में पूरी बात कह दी जाती है।

2. सजावटी

यह सबसे अच्छे विज्ञापन माने जाते हैं क्योंकि यह दिखने में सुंदर और अधिक जानकारी देने वाले होते हैं।

वर्गीकृत विज्ञापन की तरह इनके छपने का स्थान तय नहीं होता बल्कि यह विज्ञापन देने वाले की इच्छा के अनुसार स्थान और आकार में छापे जाते हैं। इनकी कीमत भी इनके आकार और छपने वाले पन्ने के आधार पर अलग-अलग होती है। इस प्रकार के विज्ञापन महंगे भी होते हैं।

3. समाचार सूचना

समाचार सूचना विज्ञापनों को Advertorial भी कहा जाता है। इसमें विज्ञापन को इस प्रकार तैयार किया जाता है कि वह किसी समाचार की तरह ही रहता है। इनका उद्देश्य जनता को शिक्षित करना, जीवन स्तर, सामुदायिक विकास सुधार, वन प्राणी रक्षा, यातायात सुरक्षा आदि क्षेत्रों के बारे में सूचना पहुंचा कर जागरूकता बढ़ाना है।

4. उपभोक्ता विज्ञापन

इस प्रकार के विज्ञापन में दैनिक जीवन की उपयोगी वस्तु की जानकारी होती है। खाने पीने की वस्तुओं, कपड़े, साबुन, तेल, चाय, बिस्कुट, चॉकलेट, पेय पदार्थ, स्कूटर या साइकिल आदि तमाम रोजाना जरूरतों की चीजों के विज्ञापन इसी तरह के होते हैं। यह विज्ञापन का सबसे लोकप्रिय रूप है। इन विज्ञापनों का उद्देश्य वस्तु की विशेषताओं को बताना होता है। इनमें दामों में छूट, समान दाम में अधिक वस्तु, आदी बातें भी बताई जाती है।

5.‌ औद्योगिक विज्ञापन

इस प्रकार के विज्ञापन आम लोगों के लिए नहीं होते हैं बल्कि यह उद्यमियों (Entrepreneur) या एक निश्चित वर्ग के लोगों के लिए जारी किए जाते हैं। यह विज्ञापन औद्योगिक धंधों से संबंधित वस्तुओं जैसे कच्चा माल, उपकरण इत्यादि की बिक्री के उद्देश्य से किए जाते हैं। बड़े उद्योगपति छोटे उद्योग में अपना कच्चा माल बेचने के लिए इस तरह के विज्ञापनों का सहारा लेते हैं। 

6. वित्तीय विज्ञापन

वित्तीय विज्ञापन मुख्य रूप से पैसों से संबंधित होता है। बैंक, बीमा कंपनी, वित्तीय संस्थाएं आदि अपनी शेयर जारी करने के लिए इस तरह के विज्ञापन जारी करती है।

यह विज्ञापन अखबारों और पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित होते हैं और डाक के माध्यम से भी भेजे जाते हैं।

7. व्यापारिक

इनका संबंध ग्राहकों से नहीं होता बल्कि थोक विक्रेता आदि से होता है।

डिटर्जेंट पाउडर या किसी खास ब्रांड के अंडर गारमेंट की थोक खरीद में बड़े उपहारों की घोषणा वाले ऐसे विज्ञापन पत्र-पत्रिकाओं में ज्यादातर देखे जा सकते हैं।

8. कृषि संबंधी

गांव में खेती करने के लिए परंपरागत (Traditional) कृषि के स्थान पर आधुनिक तकनीकों का प्रयोग करने के लिए इस तरह के विज्ञापनों का इस्तेमाल किया जाता है।

यह विज्ञापन नए कृषि उपकरणों, नई तकनीक, बीज खाद आदि की जानकारी देते हैं। इनसे संबंधित विज्ञापन पत्र-पत्रिकाओं स्थानीय समाचार पत्रों, रेडियो और टीवी में कुछ निजी चैनलों पर अधिक दिए जाते हैं।

9. शिक्षाप्रद

इस तरह के विज्ञापनों का उद्देश्य लोगों को नई जानकारियां देना होता है। बाल मजदूरी, दहेज जैसी प्रथाओं के खिलाफ या पर्यावरण संरक्षण, सर्व शिक्षा अभियान, जनसंख्या नियंत्रण आदि को बढ़ावा देने के लिए इस तरह के विज्ञापन जारी होते हैं। इनका उद्देश्य आर्थिक लाभ कमाना नहीं होता है। यह सरकारी संस्थाओं के द्वारा जारी किए जाते हैं।

10. राष्ट्रीय

यह किसी वस्तु या सेवा का राष्ट्रीय स्तर पर विज्ञापन करते हैं। राष्ट्रीय विज्ञापन एक से अधिक भाषाओं में तैयार किए जाते हैं। सौंदर्य प्रसाधन (Cosmetics), घरेलू उपकरण, मोबाइल इत्यादि जैसे अनेकों विषय का विज्ञापन राष्ट्रीय स्तर पर किया जाता है। क्रिकेट मैच के दौरान दिखाए जाने वाले विज्ञापन भी इसी तरह के होते हैं।

11. अंतरराष्ट्रीय

जब कोई संगठन या कंपनी एक से अधिक देशों में किसी वस्तु या सेवा का प्रचार करने के लिए विज्ञापन करती है तो ऐसे विज्ञापन को अंतरराष्ट्रीय विज्ञापन कहा जाता है। यह विज्ञापन बहुत खर्चीलें होते हैं और इनकी भाषा तथा माध्यम का चुनाव बहुत सोच समझ कर किया जाता है। अधिकतर बहुराष्ट्रीय कंपनियां इस तरह के विज्ञापन जारी करती है।

12. स्थानीय

इस तरह के विज्ञापन स्थानीय स्तर पर वस्तुओं की बिक्री बढ़ाने के लिए दिए जाते हैं। इनको स्थानीय लोगों की पसंद को ध्यान में रखकर बनाया जाता है। यह छोटे क्षेत्र में किसी वस्तु के प्रचार के लिए होते हैं। इनका प्रचार स्थानीय समाचार पत्र, क्षेत्रीय टीवी, केबल नेटवर्क, बैनर और पोस्टर इत्यादि के द्वारा किया जाता है।

विज्ञापन के माध्यम

विज्ञापन को लोगों तक पहुंचाने के लिए अलग-अलग माध्यम का उपयोग किया जाता है। जिनके कुछ उदाहरण नीचे दिए गए है:

1. समाचार पत्र

समाचार पत्रों में शादी विवाह, सेवाओं से लेकर नौकरी की तलाश तथा सरकारी सूचनाओं से संबंधित विज्ञापन प्रकाशित होते हैं। बीसवीं सदी की शुरुआत में समाचार पत्र विज्ञापन का बहुत लोकप्रिय माध्यम था और कुछ हद तक यह अभी भी है। लेकिन इंटरनेट और टेलीविजन के आने से इनका उपयोग कम हो गया है।

आज भी कहीं जगह पर रेडियो सुने जाते हैं। वीडियो की मदद से हम विज्ञापन को सिर्फ सुन पाते हैं उन्हें देख नहीं पाते हैं जिसके कारण रेडियो विज्ञापन ज्यादा प्रभावी नहीं होते हैं। सुनने वालों को यह याद रखना मुश्किल हो जाता है कि उन्होंने क्या सुना है। फिर भी कुछ समय पहले तक विज्ञापन के लिए रेडियो का उपयोग बड़े पैमाने पर किया जा रहा था।

3. टेलीविजन

टेलीविजन का उपयोग आज हर घर में होता है। जिस कारण कोई भी विज्ञापन कम समय में अधिक लोगों तक आसानी से पहुंच पाता है। टेलीविजन में हम किसी भी विज्ञापन को देख और सुन सकते हैं जिसके कारण यह टेलीविजन विज्ञापन प्रभावी होता है। हालांकि टेलीविजन विज्ञापन तैयार करना आमतौर पर महंगा होता है।

4. ऑनलाइन

ऑनलाइन विज्ञापन को डिजिटल विज्ञापन भी कहा जाता है जिसमें विज्ञापन इंटरनेट के माध्यम से दिखाए जाते हैं।

यह ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए इंटरनेट पर Google Ads, Facebook Ads आदि का उपयोग करते हैं।

पिछले कुछ सालों से ऑनलाइन विज्ञापन बहुत लोकप्रिय हो गया है और नए ग्राहकों तक पहुंचने के तरीके के रूप में इसका महत्व बढ़ता जा रहा है।

5. आउटडोर

आउटडोर विज्ञापन में बड़े पोस्टर, बैनर या होल्डिंग की मदद से विज्ञापन प्रदर्शित किया जाता है। इनका उपयोग सार्वजनिक स्थानों पर किया जाता है जहां लोगों की ज्यादा मात्रा में भीड़ होती हो।

यह मुख्यत सड़क के किनारे और बड़ी इमारतों के शीशे पर लगे होते हैं। पहले आउटडोर विज्ञापन में लिखें हुए विज्ञापन का उपयोग किया जाता है लेकिन हाल ही में इन्हें डिजिटल बोर्डों से बदल दिया गया है।

6. डायरेक्ट मेल

डायरेक्ट मेल का मतलब है ग्राहकों को सीधे मेल भेजकर अपने विज्ञापन दिखाना। इस प्रकार के विज्ञापन का उपयोग अभी भी अधिक किया जाता है। 

7. दुकान

जो विज्ञापन दुकानों के अंदर किया जाता है उसे हम दुकान विज्ञापन या इन स्टोर विज्ञापन कहते है।

विज्ञापन के कार्य

विज्ञापन के निम्नलिखित कार्य है।

  • नए वस्तुओं और सेवाओं की सूचना देना।
  • किसी वस्तु के उपयोग और गुण को बताते हुए उसकी तरफ लोगों का ध्यान आकर्षित करना।
  • ग्राहकों में वस्तु के प्रति रुचि और विश्वास पैदा करना।
  • वस्तु से संबंधित आकर्षक योजनाओं को लोगों तक पहुंचाना।
  • विशेष छूट की जानकारी देते हुए ग्राहकों की मांग में वृद्धि करना।
  • कम समय में अपने व्यवसाय के बारे में अधिक लोगों में जागरूकता पैदा करना।

लाभ

  • विज्ञापन नए वस्तु को पेश करने में मदद करता है और उनके उपयोग के बारे में लोगों शिक्षित करता है।
  • विज्ञापन द्वारा ही अलग-अलग वस्तुओं के दुकानदार बिना कहीं जाए ग्राहक से संपर्क कर पाते हैं।
  • विज्ञापन नए बाजारों में प्रवेश करके और नए ग्राहकों को आकर्षित करके वस्तुओं की बिक्री बढ़ाने में सहायता करता है।
  • विज्ञापन लेखन, डिजाइनिंग और विज्ञापन जारी करने वाले व्यक्तियों को रोजगार प्रदान करता है।
  • विज्ञापन द्वारा रेडियो और टेलीविजन हमारी दैनिक आवश्यकताओं के महत्वपूर्ण साधन बन गए हैं।

नुकसान

इस प्रकार जहां एक तरफ हमें विज्ञापन द्वारा बहुत से लाभ मिलते हैं वहीं दूसरी तरफ इन से हानि भी होती हैं।

कुछ ऐसे विज्ञापन भी होते हैं जिसके जरिए लोगों से पैसा लूटने की कोशिश की जाती है। 

कुछ लोग विज्ञापन को ज्यादा उपयोगी नहीं समझते। उन लोगों के अनुसार जो वस्तु अच्छी होती है वह बिना विज्ञापन के ही बेची जाती है और जो वस्तुएं अच्छी नहीं होती उन्हें ही विज्ञापन पर दिखाया जाता है। 

कई बार ऐसा होता है कि जो प्रोडक्ट, घरेलू सामग्री, दवाइयों का विज्ञापन किया जाता है वह नकली होते हैं और यदि कोई व्यक्ति उसे खरीद ले तो उसे नुकसान हो सकता है।

विज्ञापन बनाते वक्त किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?

  • विज्ञापन बनाने वाली का कंपनी को ऐसा विज्ञापन बनाना चाहिए जो पढ़े लिखे, अनपढ़, शहरी तथा गांव सभी लोगों को समझने में आसानी हो क्योंकि जब तक लोग उसे समझ नहीं पाएंगे तब तक वस्तु को उपयोग में लाने की ओर कदम नहीं बढ़ाएंगे।
  • कम शब्दों में अधिक आकर्षक होना चाहिए।
  •  लुभावने शब्द जैसे सेल, धमाका, खुशखबरी, एक पर एक फ्री, स्टॉक सीमित आदि जैसे शब्दों का इस्तेमाल करना चाहिए।
  • रंगीन चित्रों का इस्तेमाल किया जाना चाहिए लेकिन बहुत अधिक चित्रों का प्रयोग ना करें।
  • अगर विज्ञापन किसी सामान खरीदने या बेचने से संबंधित है तो उसके मूल्य के बारे में भी अवश्य लिखें।
  • विज्ञापन के अंत में अपना फोन नंबर अवश्य देना चाहिए, जो कंपनी या दुकान का हो।

आशा है इस पोस्ट की जानकारी आपको पसंद आयी होगी।

पोस्ट से संबंधित किसी भी अन्य प्रश्न के लिए कमेंट करे।

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