Energy

ऊर्जा की परिभाषा, प्रकार और अन्य प्रश्न उत्तर

नमस्कार छात्रों आशा करती हूं कि आप लोग अच्छे होंगे आज आप लोग htips के माध्यम से भौतिक विज्ञान के अंतर्गत आने वाला “ऊर्जा” का टॉपिक विस्तार पूर्वक पड़ेंगे।

पिछली पोस्ट में हमने आपको न्यूटन की गति के तीनों नियमों को विस्तार पूर्वक बताया हैं यदि अभी तक आपने वो पोस्ट नहीं पढ़ी हैं तो उसे भी जरूर पढ़ें।

चलिए आज पढ़ते हैं ऊर्जा के बारे में सम्पूर्ण जानकारी विस्तार पूर्वक।

ऊर्जा की परिभाषा

किसी पिण्ड की कार्य करने की क्षमता को ही उस पिंड की ऊर्जा कहाँ जाता हैं। ऊर्जा एक अदिश राशि हैं इसका S.I. पद्वति में मात्रक जूल हैं।

ब्राह्मण्ड में ऊर्जा विभिन्न रूपों में जैसे प्रकाश ऊर्जा, ताप ऊर्जा, यांत्रिक ऊर्जा, विघुत ऊर्जा, चुम्बकीय ऊर्जा, गुरुत्वीय ऊर्जा, ध्वनि ऊर्जा, पवन ऊर्जा आदि रूपों में उपस्थित है।

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किन्तु यह सभी ऊर्जाएं पृथ्वी पर केवल दो रूपों में ही मिलती हैं।

  • गतिज ऊर्जा (Kinetic Energy)
  • स्थितिज ऊर्जा (Potential Energy)

1. गतिज ऊर्जा (Kinetic Energy)

किसी वस्तु में उसकी गति के कारण कार्य करने की जो क्षमता आ जाती हैं उसे उस वस्तु की गतिज ऊर्जा कहते हैं।

माना,

m द्रव्यमान की कोई वस्तु v वेग से चल रही हैं तो गतिज ऊर्जा (KE) होगी।

KE = 1/2mv^2

गतिज ऊर्जा = 1/2द्रव्यमान/(वेग)^2

गजित ऊर्जा सदैव धनात्मक होती है।

2. स्थितिज ऊर्जा (Potential Energy)

जब किसी वस्तु में विशेष अवस्था या स्थिति के कारण कार्य करने की क्षमता आ जाती हैं तो उसे स्थितिज ऊर्जा कहते हैं।

जैसे:-

  • बाँध बनाकर इकट्ठा किये गए पानी की ऊर्जा
  • घड़ी की चाभी में संचित ऊर्जा
  • तनी हुई स्प्रिंग या कमानी की ऊर्जा

गुरुत्व बल के विरूद्ध संचित स्थितिज ऊर्जा का व्यंजक हैं-

P.E. = mgh

जहाँ

m = द्रव्यमान

g = गुरुत्वजनित त्वरण

h = ऊँचाई

ऊर्जा संरक्षण का नियम

ऊर्जा को ना तो उत्तपन्न किया जा सकता हैं ना ही नष्ट किया जा सकता हैं ऊर्जा को एक रूप से दूसरे रूप में परिवर्तित किया जा सकता हैं जब भी ऊर्जा किसी रूप में लुप्त होती हैं तब ठीक उतनी ही ऊर्जा अन्य रूपों में प्रकट होती हैं अतः विश्व की सम्पूर्ण ऊर्जा का परिमाण स्थिर रहता हैं यह ऊर्जा संरक्षण का नियम कहलाता हैं।

ऊर्जा रूपांतरित करने वाले कुछ उपकरण

उपकरणऊर्जा का रूपांतरण
डायनेमोयांत्रिक ऊर्जा को विधुत ऊर्जा में
मोमबत्तीरासायनिक ऊर्जा को प्रकाश एवं ऊष्मा ऊर्जा में
माइक्रोफोनध्वनि ऊर्जा को विधुत ऊर्जा में
लाउडस्पीकरविधुत ऊर्जा को ध्वनि ऊर्जा में
सोलर सेलसौर ऊर्जा को विधुत ऊर्जा में
ट्यूब लाइटविधुत ऊर्जा को प्रकाश ऊर्जा में
विधुत मोटरविधुत ऊर्जा को यांत्रिक ऊर्जा में
विधुत बल्बविधुत ऊर्जा को प्रकाश एवं ऊष्मा ऊर्जा में
विधुत सेलरासायनिक ऊर्जा को विधुत ऊर्जा में
सितारयांत्रिक ऊर्जा को ध्वनि ऊर्जा में

संवेग एवं गतिज ऊर्जा में सम्बन्ध

K.E. = P^2 / 2m

जहां, P (संवेग) = mv

अर्थात संवेग को दुगुना करने पर गतिज ऊर्जा चार गुनी हो जाएगी।

ऊर्जा से सम्बंधित कुछ महत्वपूर्ण प्रश्न उत्तर

प्रश्न. किसी वस्तु की कार्य करने की क्षमता को उस वस्तु की क्या कहते हैं?

उत्तर:- ऊर्जा

प्रश्न. ऊर्जा कैसी राशि हैं?

उत्तर:- अदिश

प्रश्न. ऊर्जा का S.I. पद्वति में मात्रक क्या होता हैं?

उत्तर:- जूल

प्रश्न. यांत्रिक ऊर्जा कितने प्रकार की होती हैं?

उत्तर:- 2

प्रश्न. गुरुत्व बल के विरुद्ध संचित स्थितिज ऊर्जा का व्यंजक क्या हैं?

उत्तर:-  P.E. = mgh

प्रश्न. यांत्रिक ऊर्जा को विधुत ऊर्जा में कौन सा उपकरण बदलता हैं?

उत्तर:- डायनेमो

प्रश्न. यांत्रिक ऊर्जा को ध्वनि ऊर्जा में कौन सा उपकरण बदलता हैं?

उत्तर:- सितार

प्रश्न. संवेग एवं गतिज ऊर्जा में क्या संबंध हैं?

उत्तर:- K.E. = P^2 / 2m

प्रश्न. यदि m द्रव्यमान की वस्तु v वेग से चल रही हो, तो गतिज ऊर्जा क्या होगी?

उत्तर:- गतिज ऊर्जा = 1/2 × mv^2

प्रश्न. संवेग को दुगना करने पर गतिज ऊर्जा कितने गुनी हो जाएगी?

उत्तर:- चार गुनी

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आशा हैं कि आपको htips की यह पोस्ट ऊर्जा से संबंधित समस्त जानकारी पसंद आई होगी तो कमेंट में जरूर बताएं और कोई प्रश्न हैं तो उसे भी कमेंट या मेल के द्वारा जरूर पूछे धन्यवाद।

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