माता रानी के भजन

माता रानी के भजन | प्रसिद्ध भजनो का संग्रह

आज के समय में लगभग सभी लोग माता की चौकी रखते हैं और रात भर माता रानी का जगराता भी करते हैं

माता की चौकी और अन्य धार्मिक कार्यो में भजन होते है तो सोने पर सुहागा होता है और धार्मिक स्थल पर माता रानी के जयकारे लग जाते है

लेकिन समस्या यह होती है की सभी लोगो को माता रानी के भजन याद नहीं होते है इसलिए इस पोस्ट में हमने माता रानी के भजन का संग्रह किया हुआ है जिसको पढ़कर आप समस्त प्रकार के माता रानी के भजन को याद कर पाएंगे और जगरातों में माता रानी के भजनो का गायन कर पायगे

तो चलिए माता रानी के भजन को पड़ना शुरू करते है

1. मैया मचली हैं भक्तों के घर जाने को

मैया के द्वारे एक अंधा पुकारे, अंधे को नैन दे दो मुरादे पूरी कर दो, हो रही जै जै कार भक्तों के घर जाने को कोई फूलों से सजा दो मेरी अम्बे माँ को

मैया के द्वारे एक लंगड़ा पुकारे, लंगड़ा को पैर दे दो मुरादे पूरी कर दो, हो रही जै जै कार भक्तों के घर जाने को कोई फूलों से सजा दो मेरी अम्बे माँ को

मैया के द्वारे एक बाझन पुकारे, बाझन को पुत्र दे दो मुरादे पूरी कर दो, हो रही जै जै कार भक्तों के घर जाने को कोई फूलों से सजा दो मेरी अम्बे माँ को

मैया के द्वारे एक कोड़ी पुकारे, कोड़ी को काया दे दो मुरादे पूरी कर दो, हो रही जै जै कार भक्तों के घर जाने को कोई फूलों से सजा दो मेरी अम्बे माँ को

मैया के द्वारे एक कन्या पुकारे, कन्या को वर दे दो मुरादे पूरी कर दो, हो रही जै जै कार भक्तों के घर जाने को कोई फूलों से सजा दो मेरी अम्बे माँ को

2. मैया विनती करू मैं दोई कर जोरे

मैया एक अर्ज मोरी सुन लिजो मैया मेरे मांग का सिंदूर अमर करइयों।

मैया दूजी अर्ज मोरी सुन लीजो मेरी माथ की बेदी अमर करइयों,

मैया तीजी अर्ज मोरी सुन लिजो मेरे गले का हार अमर करइयों।

मैया चौथी अर्ज मोरी सुन लिजो मेरे हाथों की चूड़ी अमर करइयों।

मैया पांचवी अर्ज मोरी सुन लिजो मेरे पाव की पायल अमर करइयों।

मैया छठी अर्ज मोरी सुन लिजो मेरे गोदी का लाल अमर करइयों।

3. मेरी अम्बे मेरी दुर्गे मेरा उद्धार कर दो मेरा दिल बेचैन हैं माँ दरस के लिए

माँ के दरबार मे एक अंधा पुकारे अंधे को नैन दे दो मुरादे पूरी कर दो हो रही जै-जै कार-2 माँ के दर पर  जाने को

मेरी अम्बे मेरी दुर्गे मेरा उद्धार कर दो मेरा दिल बेचैन हैं माँ दरस के लिए

माँ के दरबार मे एक लगड़ा पुकारे लंगड़े को पैर दे दो मुरादे पूरी कर दो हो रही जै-जै कार-2 माँ के दर पर जाने को

मेरी अम्बे मेरी दुर्गे मेरा उद्धार कर दो मेरा दिल बेचैन हैं माँ दरस के लिए

माँ के दरबार मे एक कोड़ी पुकारे कोड़ी को काया दे दो मुरादे पूरी कर दो हो रही जै-जै कार-2 माँ के दर पर जाने को

मेरी अम्बे मेरी दुर्गे मेरा उद्धार कर दो मेरा दिल बेचैन हैं माँ दरस के लिए

माँ के दरबार मे एक निर्धन पुकारे निर्धन को माया दे दो मुरादे पूरी कर दो हो रही जै-जै कार-2 माँ के दर पर जाने को

मेरी अम्बे मेरी दुर्गे मेरा उद्धार कर दो मेरा दिल बेचैन हैं माँ दरस के लिए

माँ के दरबार मे एक कन्या पुकारे कन्या को वर दे दो मुरादे पूरी कर दो हो रही जै-जै कार-2 माँ के दर पर जाने को

मेरी अम्बे मेरी दुर्गे मेरा उद्धार कर दो मेरा दिल बेचैन हैं माँ दरस के लिए

माँ के दरबार मे एक बाझन पुकारे बाझन को पुत्र दे दो मुरादे पूरी कर दो हो रही जै-जै कार-2 माँ के दर पर जाने को

मेरी अम्बे मेरी दुर्गे मेरा उद्धार कर दो मेरा दिल बेचैन हैं माँ दरस के लिए

जरूर पढ़े – गाय का निबंध

4. बेटियों का भाग मैया तूने कैसा बनाया हैं

सीता जैसी नारी को धोबी ने सताया हैं उनके पति ने उनको रास्ता वन का दिखाया हैं।

बेटियों का भाग मैया तूने कैसा बनाया हैं

द्रौपती जैसी नारी को दुर्योधन ने सताया हैं उनके पति ने उनको दाव पर लगाया हैं।

बेटियों का भाग मैया तूने कैसा बनाया हैं

मीरा जैसी नारी को राणाजी ने सताया हैं उनके पति ने उनको प्याला विष का पिलाया हैं।

बेटियों का भाग मैया तूने कैसा बनाया हैं

अहिल्या जैसी नारी को राजा इंद्र ने सताया हैं उनके पति ने उनको पत्थर का बनाया हैं।

बेटियों का भाग मैया तूने कैसा बनाया हैं।।

5. सींगों पे हो के सवार हाथों में उनके हैं तलवार बड़ी मर्दानी हैं माँ जगदम्बा

सींगों पे हो के सवार हाथों में उनके हैं तलवार बड़ी मर्दानी हैं माँ जगदम्बा।।

दिल तो चाहता हैं माता रानी को जल भी चढाऊँ क्या बताऊँ उनको वो तो मछली का झूठा पड़ा हैं

सींगों पे हो के सवार हाथों में उनके हैं तलवार बड़ी मर्दानी हैं माँ जगदम्बा।।

दिल तो चाहता हैं माता रानी को सिंदूर भी चढाऊँ क्या बताऊँ उनको वो तो नारी का झूठा पड़ा हैं

सींगों पे हो के सवार हाथों में उनके हैं तलवार बड़ी मर्दानी हैं माँ जगदम्बा।।

दिल तो चाहता हैं माता रानी को चावल भी चढाऊँ क्या बताऊँ उनको वो तो पक्षी का झूठा पड़ा हैं

सींगों पे हो के सवार हाथों में उनके हैं तलवार बड़ी मर्दानी हैं माँ जगदम्बा।।

दिल तो चाहता हैं माता रानी को फूल भी चढाऊँ क्या बताऊँ उनको वो तो माली का झूठा पड़ा हैं

सींगों पे हो के सवार हाथों में उनके हैं तलवार बड़ी मर्दानी हैं माँ जगदम्बा।।

6. माता काली तू बड़ी बिकराली तेरी अखियां लाल-लाल हैं तेरी गले में पड़ी मुण्डमाल हैं

माता काली तू बड़ी बिकराली तेरी अखियां लाल-लाल हैं तेरी गले में पड़ी मुण्डमाल हैं।

माता काली तू बड़ी बिकराली तेरी अखियां लाल-लाल हैं तेरी गले में पड़ी मुण्डमाल हैं।

मैया के द्वारे एक अंधा पुकारे

मैया के द्वारे एक अंधा पुकारे

आशा उसकी पूरी कर दो जए माता जय काली

माता काली तू बड़ी बिकराली तेरी अखियां लाल-लाल हैं तेरी गले में पड़ी मुण्डमाल हैं – 2

मैया के द्वारे एक लगड़ा पुकारे

मैया के द्वारे एक लगड़ा पुकारे

आशा उसकी पूरी कर दो जए माता जय काली

माता काली तू बड़ी बिकराली तेरी अखियां लाल-लाल हैं तेरी गले में पड़ी मुण्डमाल हैं – 2

मैया के द्वारे एक कोड़ी पुकारे

मैया के द्वारे एक कोड़ी पुकारे

आशा उसकी पूरी कर दो जए माता जय काली

माता काली तू बड़ी बिकराली तेरी अखियां लाल-लाल हैं तेरी गले में पड़ी मुण्डमाल हैं – 2

मैया के द्वारे एक निर्धन पुकारे

मैया के द्वारे एक निर्धन पुकारे

आशा उसकी पूरी कर दो जए माता जय काली

माता काली तू बड़ी बिकराली तेरी अखियां लाल-लाल हैं तेरी गले में पड़ी मुण्डमाल हैं – 2

मैया के द्वारे एक कन्या पुकारे

मैया के द्वारे एक कन्या पुकारे

आशा उसकी पूरी कर दो जए माता जय काली

माता काली तू बड़ी बिकराली तेरी अखियां लाल-लाल हैं तेरी गले में पड़ी मुण्डमाल हैं – 2

मैया के द्वारे एक बाझन पुकारे

मैया के द्वारे एक बाझन पुकारे

आशा उसकी पूरी कर दो जए माता जय काली

माता काली तू बड़ी बिकराली तेरी अखियां लाल-लाल हैं तेरी गले में पड़ी मुण्डमाल हैं – 2

7. मेरी अम्बे, मेरी दुर्गे, मेरा उद्धार कर दो

मेरी अम्बे, मेरी दुर्गे, मेरा उद्धार कर दो
मेरा दिल बैचेन हैं माँ दरस के लिए
एक अंधा चला आ रहा झूमते
झूमते-झूमते मंदिर में आ गया
नैन दे दो उसे उम्र भर के लिए

मेरी अम्बे, मेरी दुर्गे, मेरा उद्धार कर दो
मेरा दिल बैचेन हैं माँ दरस के लिए
एक लगड़ा चला आ रहा झूमते
झूमते-झूमते मंदिर में आ गया
पैर दे दो उसे उम्र भर के लिए

मेरी अम्बे, मेरी दुर्गे, मेरा उद्धार कर दो
मेरा दिल बैचेन हैं माँ दरस के लिए
एक कोड़ी चला आ रहा झूमते
झूमते-झूमते मंदिर में आ गया
काया दे दो उसे उम्र भर के लिए

मेरी अम्बे, मेरी दुर्गे, मेरा उद्धार कर दो
मेरा दिल बैचेन हैं माँ दरस के लिए
एक निर्धन चला आ रहा झूमते
झूमते-झूमते मंदिर में आ गया
माया दे दो उसे उम्र भर के लिए

मेरी अम्बे, मेरी दुर्गे, मेरा उद्धार कर दो
मेरा दिल बैचेन हैं माँ दरस के लिए
एक कन्या चली आ रही झूमते
झूमते-झूमते मंदिर में आ गई
वर दे दो उसे उम्र भर के लिए

मेरी अम्बे, मेरी दुर्गे, मेरा उद्धार कर दो
मेरा दिल बैचेन हैं माँ दरस के लिए
एक बाझन चली आ रही झूमते
झूमते-झूमते मंदिर में आ गई
पुत्र दे दो उसे उम्र भर के लिए

मेरी अम्बे, मेरी दुर्गे, मेरा उद्धार कर दो
मेरा दिल बैचेन हैं माँ दरस के लिए

8. अरे रे मेरी वैष्णों मैया दिया नहीं मुझे क्यों नहीं भैया

अरे रे मेरी वैष्णों मैया दिया नहीं मुझे क्यों नहीं भैया मुझे बतला दो मेरा क्या कसूर हैं।

अरे रे मेरी वैष्णों मैया दिया नहीं मुझे क्यों नहीं भैया मुझे बतला दो मेरा क्या कसूर हैं।

अरे रे मेरी वैष्णों मैया दिया नहीं मुझे क्यों नहीं भैया मुझे बतला दो मेरा क्या कसूर हैं।

मुझे मेरे दर्द की दवाई चाहिए।

राखी बांधने को एक कलाई चाहिए।

माँ का जाया बहिन को एक सिपाई चाहिए।

माँ का जाया बहिन को एक सिपाई चाहिए।।

एक ना सुनोगी मुझे भाई चाहिए।।

अरे रे मेरी वैष्णों मैया दिया नहीं मुझे क्यों नहीं भैया मुझे बतला दो मेरा क्या कसूर हैं।

वर्षो से तेरे चोकट पर मैं आ रही हूँ माँ

तेरे आगे कब से अर्ज लगा रही हूँ माँ

मानती नहीं हूँ कब से तुझे मना रही हूँ माँ।।

अपना लो मुझे कब से ठोकर खा रही हूँ माँ।।

अरे रे मेरी वैष्णों मैया दिया नहीं मुझे क्यों नहीं भैया मुझे बतला दो मेरा क्या कसूर हैं।

बेटी का दुःख कौन जाने मैया के बिना।

मैं तो हूँ अधूरी भैया के बिना।

नाव कैसे चलेगी खिवैया के बिना।

सुख जाऊ तेरी छैया के बिना।

अरे रे मेरी वैष्णों मैया दिया नहीं मुझे क्यों नहीं भैया मुझे बतला दो मेरा क्या कसूर हैं।

या तो भैया दे दो या मार दो।

अपनी इस तलवार से सर मेरा काट दो।

सबके भाग बनाती मेरा भी सवार दो।

भैया मेरी नैया को फिर से उभार दो।

9. मैं बालक नादान तेरी सेवा ना जानी।

मैं बालक नादान तेरी सेवा ना जानी।

मैं बालक नादान तेरी सेवा ना जानी।।

मैं क्या जानी मैया माली का लड़का।

मैं क्या जानी मैया माली का लड़का।।

गजरा गुथे दिन-रात मैया तेरी सेवा ना जानी

मैं बालक नादान तेरी सेवा ना जानी।

मैं बालक नादान तेरी सेवा ना जानी।।

मैं क्या जानी मैया सुनार का लड़का।

मैं क्या जानी मैया सुनार का लड़का।।

गहना गढ़े दिन-रात मैया तेरी सेवा ना जानी

मैं बालक नादान तेरी सेवा ना जानी।

मैं बालक नादान तेरी सेवा ना जानी।।

मैं क्या जानी मैया दर्जी का लड़का।

मैं क्या जानी मैया माली का लड़का।।

कपड़ा सिले दिन-रात मैया तेरी सेवा ना जानी

मैं बालक नादान तेरी सेवा ना जानी।

मैं बालक नादान तेरी सेवा ना जानी।।

मैं क्या जानी मैया कुम्हार का लड़का।

मैं क्या जानी मैया कुम्हार का लड़का।।

कलसा बनाए दिन-रात मैया तेरी सेवा ना जानी

मैं बालक नादान तेरी सेवा ना जानी।

मैं बालक नादान तेरी सेवा ना जानी।।

कृपा करो मैया अपना समझ कर

नैया लगा दो दिन-रात

मैं बालक नादान तेरी सेवा ना जानी।

मैं बालक नादान तेरी सेवा ना जानी।।

10. मैया छिटकी चाँदनी रात शारदा कहाँ गई थी।

मैया छिटकी चाँदनी रात शारदा कहाँ गई थी।

मैया छिटकी चाँदनी रात शारदा कहाँ गई थी।।

भौर भए, माली घर गई थी।

भौर भए, माली घर गई थी।।

ले गजरा दो हाथ कालका कहाँ गई थी।

मैया छिटकी चाँदनी रात शारदा कहाँ गई थी।।

मैया छिटकी चाँदनी रात शारदा कहाँ गई थी।।

भौर भए, सुनरा घर गई थी।

भौर भए, सुनरा घर गई थी।।

ले गहना दो हाथ कालका शारदा कहाँ गई थी।

मैया छिटकी चाँदनी रात शारदा कहाँ गई थी।।

मैया छिटकी चाँदनी रात शारदा कहाँ गई थी।।

भौर भए, दर्जी घर गई थी।

भौर भए, दर्जी घर गई थी।।

ले कपड़ा दो हाथ कालका शारदा कहाँ गई थी।

मैया छिटकी चाँदनी रात शारदा कहाँ गई थी।।

मैया छिटकी चाँदनी रात शारदा कहाँ गई थी।।

भौर भए, कुम्हार घर गई थी।

भौर भए, कुम्हार घर गई थी।।

ले करसा दो हाथ कालका शारदा कहाँ गई थी।

मैया छिटकी चांदनी रात शारदा कहाँ गई थी।

मैया छिटकी चांदनी रात शारदा कहाँ गई थी।।

आशा करती हूं कि आपको htips की यह पोस्ट माता रानी के भजन आपको पसंद जरूर आई होगी और आप भजन को पढ़ कर जरूर गाएंगे।
यदि आपको माता रानी के भजन पसंद आते हैं आपको इस तरह के और भजन चाहिए हो तो मुझे कमेंट करके जरूर बताएं धन्यवाद।

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