दीपावली पर निबंध

दीपावली पर निबंध पढ़े | Eassy on Diwali in Hindi

पहली से लेकर बारवीं तक कि परीक्षाओं में एक निबंध जरूर ही आता हैं जो सबको करना अनिवार्य होता हैं जो छात्र निबंध नही लिख पाते हैं जिसकी वजह से उसके नम्बर कम हो जाते हैं अतः सभी निबंध को ध्यान से पढ़कर परीक्षा देने जाए। इसलिए इस पेज पर हम हिंदी व्याकरण के महत्वपूर्ण अध्याय निबंध लेखन के महत्वपूर्ण  दीपावली निबंध को विस्तार पूर्वक पड़कर समझेंगे जो कि समस्त कक्षा की परीक्षाओ के लिए महत्वपूर्ण है।

तो चलिए आज हम दीपावली के निबंध के बारे में विस्तार पूर्वक पढ़ते और समझते हैं।

दीपावली के निबंध की रूपरेखा 

  1. प्रस्तावना
  2. दीपावली का इतिहास एवं महत्व
  3. मनाने का तरीका
  4. लाभ
  5. हानि
  6. उपसंहार

1. प्रस्तावना

आज व्यक्ति दैनिक कार्यों में इतना व्यस्त है कि सारे दिन के परिश्रम के फलस्वरूप वह कुछ स्वस्थ मनोरंजन की अपेक्षा करता हैं, इसलिए हमारे यहाँ त्यौहारों को धूमधाम से मनाने की परम्परा चली आ रही हैं।

हमारे चार त्यौहार में दीपावली, होली, दशहरा और रक्षाबंधन बहुत ही धूमधाम से बनाए जाते है इनमें से दीपावली एक प्रमुख्य त्यौहार हैं यह त्यौहार अच्छाई की बुराई पर विजय का प्रतीक हैं यह अंधकार पर प्रकाश की विजय हैं इसे दीपोत्सव भी कहते हैं।

यदि प्रतिवर्ष कार्तिक मास की अमावस्या के दिन मनाया जाता हैं दीपक प्रकाश एवं ज्ञान का प्रतीक माना गया हैं यह अंधकार में प्रकाश फैलाता हैं इस दिन सभी लोग अपने घरों के अंदर एवं बाहर दीपक जलाते हैं।

2. दीपावली का इतिहास एवं महत्व

इसी दिन भगवान श्रीराम चौदह वर्ष पश्चात अयोध्या में लंका पर विजय प्राप्त करके आए थे अयोध्या वासियों ने दीप जलाकर उनका स्वागत किया था इसी यादगार में दीपावली का त्यौहार हर्षोल्लास के साथ प्रतिवर्ष बनाया जाता हैं।

दीपावली के पहले विजय दशमी के दिन राम ने रावण का वध करके विजयश्री प्राप्त की थी।

इसी प्रकार एक दूसरी कथा हैं द्वापर युग की – इस युग मे नरकासुर नामक राजा ने अनेक राजाओं को पराजित करके उनकी कन्याओं को बन्दी बना लिया था उनकी वरुण पुकार सुनकर भगवान श्रीकृष्ण ने इसी दिन कार्तिक अमावस्या को उन कन्याओं को बंदीगृह से मुक्त कराया था।

एक और कथा राजा बलि से सम्बंधित हैं कि भगवान राजा बलि की परीक्षा लेने के लिए बामन अवतार लेकर आए थे राजा बलि की दानशीलता देखकर भगवान विष्णु ने सभी को यह आदेश दिया कि दीप जलाकर उत्सव मनाया करो।

इसी दिन समुद्र मंथन से माँ लक्ष्मी उत्तपन्न हुई थी इसके अलावा माँ महाकाली ने रक्त बीज का वध करके एवं राक्षसों का खून पीने के उपरान्त जब माँ रोष में आ गई तो दीपक प्रज्ज्वलित करके उनकी पूजा की गयी थी।

तब से ही बंगाली लोग माता महाकाली की पूजा धूमधाम से करते हैं जैनियों के भगवान महावीर स्वामी का महानिर्वाण भी इसी दिन का हैं स्वामी दयानंद भी आज ही के दिन ब्रहालीन हुए थे स्वामी राम तीर्थ का जन्म एवं मरण भी इसी दिन का हैं।

पुराने समय से व्यापारी विदेशों में व्यापार कर धन अर्जित करके इसी दिन घर लौटकर अत्यंत हर्सोल्लास सहित इस उत्सव को मनाकर लक्ष्मी पूजन करते थे।

दीपावली हमारा सांस्कृतिक त्यौहार हैं वर्षो के उपरांत सब जगह मच्छर एवं गन्दगी हो जाती हैं दीपावली के बहाने घरों में पुताई हो जाती हैं सफाई करने से घरों के मच्छर भाग जाते है दीपक जलाने से शहर का वातावरण शुद्ध हो जाता हैं नयी फसल बोने की खुशी में कृषक इसे उल्लासपूर्ण मनाते हैं।

3. दीपावली मनाने का तरीका

दीपावली के लगभग आठ या दस दिन पहले से ही लोग अपने-अपने घरों की मरम्मत, सफाई, लिपाई-पुताई आदि का काम शुरू कर देते हैं।

दीपावली का प्रारम्भ धनतेरस से हो जाता हैं इसी दिन सभी हिन्दू चाहे वे धनी हो अथवा निर्धन अपनी सामथ्र्य के अनुसार बर्तन खरीदते हैं दूसरे दिन नरक चौदस होती हैं।

इसी दिन भगवान श्रीकृष्ण ने नरकासुर राक्षस वध किया था इसे छोटी दीपावली कहते हैं बड़ी दीपावली के दिन रात्रि को धन की लक्ष्मी एवं विघ्न विनाशक भगवान गणेश का पूजन किया जाता हैं।

मान्यता हैं कि पूरी रात श्री लक्ष्मी गणेश के सामने दीप जलते रहने से घर में बहुत धन आता हैं रात्रि को सभी लोग अपने-अपने घरों में दीप प्रकाशित करते हैं लाई, बताशा और मिठाइयों का भोग लगाते हैं रात के समय बड़े-बच्चे पटाखे एवं आतिशबाजी जलाते हैं तथा बच्चे फुलझड़ियां झुड़ा कर खुशियां मनाते हैं पूजा के बाद लोग अपने पड़ोसियों और परिचय वालों को लाई, बताशा और लड्डु बाटते हैं।

दीपावली के दिन अहीर अपनी गाय भैसों को किसान अपने हल-बखर तथा बैलों की व्यापारी अपने रोकड़ बही खातों की पूजा करते हैं।

दूसरे दिन पड़वा को गोवर्धन की पूजा होती हैं अन्न कूट की सब्जी बनायी जाती हैं द्वितीया को भाईदोज का त्यौहार बनाते हैं इस दिन सभी बहनें अपने भाइयों को टिका करती हैं और भाई उन्हें भेंट देते हैं इस दिन सभी लोग नए कपड़े पहनते हैं।

4. दीपावली के त्यौहार से होने वाले लाभ

  • वर्षा में गिरे या टूटे-फूटे मकानों की मरम्मत व सफाई हो जाती हैं।
  • सफाई तथा तेल के दिए जलाने से हानिकारक कीटाणु नष्ट हो जाते हैं।

5. दीपावली के त्यौहार से होने वाली हानियां

  • इस त्यौहार में लड़के फटाके चलाते हैं फटाके चलाते समय असावधानी के कारण कुछ बालक जल जाते हैं।
  • कभी-कभी फटाकों की दुकान में आग लग जाती हैं।
  • कुछ लोग जुआ खेलना अच्छा समझते हैं इससे जुए की आदत पड़ जाती हैं जो खराब चीज हैं।

6. उपसंहार

यह त्यौहार अच्छाई की बुराई पर विजय हैं भगवान राम ने स्वयं अपने श्रीमुख से कहा हैं कि

“सखा धर्ममय रस रथ जाके, जीतन सकै न कतहुँ रिपु ताके”

इसी आधार पर सैन्य बल रहित, रथ रहित एवं शस्त्र रहित भगवान राम ने सर्वशक्तिसम्पन्न रावण पर विजय प्राप्त की थी इन बातों से हमें यह शिक्षा लेनी चाहिए कि हमें कर्तव्यों का पालन करते हुए सही मार्ग पर चलते रहना चाहिए।

जरूर पढ़िए

आशा हैं कि आपको htips के माध्यम से दीपावली के निबंध की यह पोस्ट अच्छी लगी होगी परीक्षा से संबंधित संपूर्ण जानकारी इस पोस्ट में दी गई हैं जो परीक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण हैं आशा हैं की आप इस पोस्ट को पूरी जरूर पड़ेंगे और अपने दोस्तों के साथ शेयर जरूर करेंगे धन्यवाद।

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