स्वतंत्रता दिवस पर निबंध | 15 अगस्त भारत की आजादी का निबंध

नमस्कार छात्रों इस पोस्ट के माध्यम से हम हिंदी व्याकरण के महत्वपूर्ण अध्याय स्वतंत्रता दिवस का निबंध को विस्तार पूर्वक पड़ेंगे जो कि समस्त कक्षा की परीक्षाओ के लिए महत्वपूर्ण है।

छात्रों से परीक्षा में कोई एक निबन्द जरूर ही पूछ लिया जाता हैं तो परीक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण हैं इस पोस्ट के माध्यम से आज हम आपको स्वतंत्रता दिवस के बारे में सम्पूर्ण जानकारी विस्तार पूर्वक देगें तो आप इस पोस्ट को पूरा जरूर पढ़िएगा।

चलिए आज हम स्वतंत्रता दिवस का निबंध विस्तार पूर्वक पढ़ते और समझते हैं।

 स्वतंत्रता दिवस के निबंध की रूपरेखा

  • प्रस्तावना
  • स्वतंत्रता दिवस की महत्ता
  • नाना प्रकार के आयोजन
  • उपसंहार

1. प्रस्तावना

भारत उत्सव प्रधान देश हैं हमारे देश में अनेक सामाजिक सांस्कृतिक एवं धार्मिक आयोजन होते हैं किंतु यह त्यौहार प्रान्त, धर्म एवं जाति तक के दायरे में रहते हैं। जिस त्यौहार को समस्त राष्ट्रीय द्वारा बनाया जाता हैं उसे राष्ट्रीय पर्व कहते हैं।

1947 में हमारे देश में गुलामी की जंजीरों को छोड़कर आजादी की स्वच्छंद हवा में पहली सांस ली थी इतनी कुर्बानीयों एवं संघर्षों से मिली आजादी के परम हर्षोल्लास के दिवस पर हमारा देश 15 अगस्त के दिन राष्ट्रीय पर्व का आयोजन करता हैं।

2. स्वतंत्रता दिवस की महत्ता

इस स्वंतत्रता दिवस की प्राप्ति के लिए हमारे देश के न जाने कितने सपूतों ने अंग्रेजों के कोड़े खाए कारागार में बंदी रहे तथा न जाने कितने वीर शहीद अपनी माँ की गोद सुनी करके, अपनी पत्नी की माँग का सिंदूर पोंछकर अपनी बहन एवं भाइयों एवं बच्चों को रोता बिलखता छोड़कर भारत माता को स्वतंत्र कराने के लिए हँसते-हँसते फाँसी के तख्ते पर झूल गए।

राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने अहिंसा आंदोलन चलाकर अंग्रेज सरकार के छक्के छुड़ा दिए दूसरी ओर गरम दल के सुभाष चन्द्र बोस, चंद्रशेखर आजाद, शहीद भगतसिंह इत्यादि द्वारा देश की स्वतंत्रता के लिए किया गया बलिदान अमिट एवं अविस्मरणीय हैं।

14 अगस्त 1947 की आधी रात को देश के स्वतंत्र होने की घोषणा कर दी गयी थी 15 अगस्त 1947 को हमारे देश की आजादी का तिरंगा दिल्ली के लाल किले पर फहराया गया था समस्त देश एवं देशवासी प्रसन्नता से झूम उठे थे।

3. नाना प्रकार के आयोजन

इस दिन सभी कॉलेज, कार्यालय इत्यादि में छुट्टी रहती हैं सभी सरकारी भवनों पर राष्ट्रीय ध्वज फहराया जाता हैं बहुत से लोग अपने घरों के ऊपर भी तिरंगा फहरा देते हैं जुलूस आदि निकलते हैं सार्वजनिक सभाओं का आयोजन किया जाता हैं।

रात में रोशनी की सजावट की जाती हैं प्रत्येक वर्ष प्रधानमंत्री दिल्ली के लाल किले पर ध्वजारोहण करते हैं तीनों (जल, थल, नभ) सेनाएं एवं स्कूली छात्र-छात्राओं एवं एन. सी. सी. कैडेट राष्ट्रीय ध्वज को अपनी सलामी देते हैं ततपश्चात प्रधानमंत्री राष्ट्र के नाम सन्देश देते हैं।

स्कूल, विघालय एवं कॉलेजों में ध्वजारोहण के पश्चात प्रधानाचार्य अपने भाषण द्वारा छात्र-छात्राओं को हृदय में देश प्रेम एवं उसके प्रति उनके कर्तव्यों का ज्ञान कराते हैं उसके पश्चात मिठाई बांटी जाती हैं प्रभातकालीन फेरी लगायी जाती हैं स्कूलों में बच्चों के सांस्कृतिक कार्यक्रम भी होते हैं।

4. उपसंहार

इस प्रकार शहीदों की शहादत से मिली स्वंतत्रता का हमें दुरुपयोग न करके उसे सदैव स्थायी बनाये रखने का प्रयास करना चाहिए।

देश में भाई चारे एवं प्रेम की भावना को विकसित एवं कायम रखते हुए, देश की अखण्डता एवं स्वतंत्रता को सुरक्षित बनाये रखते हुए, सत्य, प्रेम, अहिंसा की त्रिवेणी प्रवाहित करनी चाहिए।

जिससे हमारी भारत माता एवं उसके सभी निवासी सुख, प्रेम एवं शांति के सागर में अवगाहन करते हुए देश को विकास के मार्ग पर अग्रसर करते हुए विश्व के समक्ष एक मिसाल प्रस्तुत कर सकें।

आशा हैं कि आपको htips के माध्यम से स्वतंत्रता दिवस की यह पोस्ट अच्छी लगी होगी और आप इस पोस्ट को अपने दोस्तों और रिश्तेदारों के साथ शेयर जरूर करेंगे धन्यवाद।

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