संतुलित आहार की परिभाषा एवं शरीर के लिए संतुलित आहार क्यों जरूरी हैं

इस पेज पर हम संतुलित आहार की जानकारी पढ़ने वाले हैं तो आर्टिकल को पूरा जरूर पढ़िए।

पिछले पेज पर हमने सब्जियों के नाम की जानकारी शेयर की थी तो उस पोस्ट को भी पढ़े।

चलिए आज हम संतुलित आहार की समस्त जानकारी पढ़ते हैं।

संतुलित आहार क्या हैं

संतुलित आहार एक ऐसा आहार है जिसमें एक निश्चित मात्रा और अनुपात में विभिन्न प्रकार के खाद्य पदार्थ होते हैं ताकि  सभी प्रकार के प्रोटीन, खनिज, विटामिन और पोषक तत्व पर्याप्त मात्रा में हमें मिले।

दूसरे शब्दों में एक आहार जिसमें मानव शरीर के लिए आवश्यक सभी महत्वपूर्ण पोषक तत्व होते हैं, संतुलित आहार कहलाता है।

एक संतुलित आहार आपके शरीर को सही ढंग से काम करने के लिए आवश्यक पोषक तत्व देता है। आपको आवश्यक पोषण प्राप्त करने के लिए निम्नलिखित चीजे अपने आहार में शामिल करनी चाहिए।

  • ताजे फल
  • ताजी सब्जियां
  • साबुत अनाज
  • फल
  • प्रोटीन

कैलोरी

किसी भोजन में कैलोरी की संख्या उस भोजन में स्टोर ऊर्जा की मात्रा को दर्शाती है। आपका शरीर चलने, सोचने, सांस लेने और अन्य महत्वपूर्ण कार्यों के लिए भोजन से कैलोरी का उपयोग करता है।

औसत व्यक्ति को अपना वजन बनाए रखने के लिए प्रतिदिन लगभग 2,000 कैलोरी की आवश्यकता होती है। लेकिन यह उनकी उम्र, लिंग और शारीरिक गतिविधि के स्तर पर निर्भर करेता है।

पुरुषों को महिलाओं की तुलना में अधिक कैलोरी की आवश्यकता होती है, और जो लोग व्यायाम करते हैं उन्हें उन लोगों की तुलना में अधिक कैलोरी की आवश्यकता होती है।

विभिन्न आयु के पुरुषों और महिलाओं के लिए निम्नलिखित कैलोरी की मात्रा की सूची :

व्यक्ति  वर्षकैलोरी आवश्यकताएं
गतिहीन बच्चे2-8 वर्ष1,000-1,400
सक्रिय बच्चे2-8 वर्ष1,000-2,000
महिलाएं9-13 वर्ष    1,400-2,200
पुरुष9-13 वर्ष    1,600-2,600
सक्रिय महिलाएं14-30 वर्ष    2,400
गतिहीन महिलाएं14-30 वर्ष    1,800-2,000
सक्रिय पुरुष14-30 वर्ष    2,800–3,200
गतिहीन पुरुष14-30 वर्ष    2,000-2,600
सक्रिय लोग30 वर्ष या उससे अधिक 2,000-3,000
गतिहीन लोग30 वर्ष या उससे अधिक 1,600-2,400

संतुलित आहार के लिए क्या खाएं

एक स्वस्थ, संतुलित आहार में आमतौर पर निम्नलिखित पोषक तत्व शामिल होते हैं

  • विटामिन, खनिज, और एंटीऑक्सीडेंट
  • स्टार्च और फाइबर के साथ कार्बोहाइड्रेट 
  • प्रोटीन
  • वसा

एक संतुलित आहार में निम्नलिखित समूहों के विभिन्न प्रकार के खाद्य पदार्थ शामिल होते हैं:

  • फल
  • सब्जियां
  • अनाज
  • डेयरी उत्पाद

प्रोटीन खाद्य पदार्थ

प्रोटीन खाद्य पदार्थों के उदाहरणों में मांस, अंडे, मछली, सेम, नट और फलियां शामिल हैं। जो लोग शाकाहारी होते हैं वह पूरी तरह से पौधे से प्राप्त खाद्य पदार्थों का सेवन करते हैं। 

वह मांस, मछली या डेयरी नहीं खाते हैं। लेकिन कुछ अन्य भोजन भी है जो प्रोटीन के समान ही पोषक तत्व प्रदान करती हैं।

उदाहरण के लिए टोफू और बीन्स प्रोटीन के पौधे आधारित स्रोत हैं। 

फल

Fruit
फल

फल पौष्टिक होते हैं। स्थानीय फल जो मौसम में होते हैं वह ताजे होते हैं और अन्य फलों की तुलना में अधिक पोषक तत्व प्रदान करते हैं।

फलों में चीनी की मात्रा अधिक होती है, लेकिन यह चीनी प्राकृतिक होती है। फल फाइबर और अन्य पोषक तत्व भी प्रदान करते हैं। 

यदि आपको डायबिटीज है, तो आपका डॉक्टर या आहार विशेषज्ञ आपको सलाह दे सकता है कि कौन सा फल चुनना है, कितना खाना है और कब।

सब्जियां

vegetables
सब्जियां

सब्जियां आवश्यक विटामिन, खनिज और एंटीऑक्सीडेंट का एक प्रमुख स्रोत हैं। पोषक तत्वों की पूरी श्रृंखला के लिए अलग-अलग रंगों की सब्जियां खाएं।

गहरे रंग के पत्तेदार साग कई पोषक तत्वों के स्रोत हैं। उनमे शामिल है:

  • पालक
  • गोभी
  • हरी सेम
  • ब्रोकोली

स्थानीय, मौसमी सब्जियां का प्रयोग निम्न प्रकार से करें:

  • एक साइड डिश के रूप में
  • एक ट्रे में जैतून के तेल के साथ भुना हुआ
  • सलाद के रूप में
  • प्यूरी में
  • जूस और स्मूदी में

अनाज

anaaj
साबुत अनाज

साबुत अनाज अतिरिक्त विटामिन, खनिज और फाइबर प्रदान करते हैं। साबुत अनाज एक डिश में स्वाद और बनावट जोड़ते हैं। 

डेयरी उत्पाद

डेयरी उत्पाद का मतलब होता है दूध से बने भोज्य पदार्थ। डेयरी उत्पाद प्रोटीन, कैल्शियम और विटामिन डी जैसे

आवश्यक पोषक तत्व प्रदान करते हैं।

इनमें वसा भी होता है। जो लोग शाकाहारी होते वह इस प्रकार के भोजन कर सकते है। इनमे कैल्शियम और अन्य पोषक तत्व होते है जो हमे मजबूत बनाते हैं।

वसा और तेल

Fat
वसा

वसा ऊर्जा और कोशिका के स्वास्थ्य के लिए आवश्यक है, लेकिन बहुत अधिक वसा शरीर की आवश्यकता से अधिक कैलोरी बढ़ा सकता है और इससे वजन बढ़ सकता है।

वसा संबंधी नियमों का पालन करना कभी-कभी कठिन हो सकता है। लेकिन जरूरी नहीं है कि सभी प्रकारके वसा हानिकारक ही हो। नीचे कुछ वसा युक्त भोजन और उनके गुण के बारे में बताया गया है :

अच्छे वसा युक्त भोजन : वनस्पति तेल और मछली के तेल

सामान्य वसा युक्त भोजन : मक्खन, पनीर, और क्रीम

भारी वसा युक्त भोजन : ट्रांस वसा, डोनट्स

तले हुए खाद्य पदार्थ में कैलोरी अधिक होती हैं लेकिन पोषण कम होते हैं, इसलिए आपको उन्हें कम से कम खाना चाहिए।

कैल्शियम

अन्य खनिजों की तुलना में कैल्शियम हमारे शरीर में सबसे प्रचुर मात्रा में पाया जाने वाला खनिज है। यह एक आवश्यक पोषक तत्व है, जो मजबूत हड्डियों और दांतों के विकास और रखरखाव के लिए आवश्यक है। 

कैल्शियम के स्रोत: दूध, दही, पनीर, हरी पत्तेदार सब्जियां, बेक्ड बीन्स, सोया दूध, ब्रोकोली, गोभी, सपोडिला, प्याज, स्प्राउट्स, आंवला, संतरा, अंडे की जर्दी, सूखी मछली आदि हैं।

खाने की प्लेट

एक स्वस्थ आहार में ऊपर बताए गए सभी पोषक तत्वों और खाद्य समूह आते हैं। लेकिन आपको उन्हें भी संतुलित करने की आवश्यकता है।

  • अपनी आधी थाली को फलों और सब्जियों से भरे।
  • अनाज को थाली वो सिर्फ एक चौथाई भाग में भरे।
  • प्रोटीन खाद्य पदार्थों को एक चौथाई से कम भाग में भरे।

संतुलित आहार क्यों जरूरी है

एक संतुलित आहार आपके शरीर को प्रभावी ढंग से काम करने के लिए आवश्यक पोषक तत्वों की पूर्ति करता है। संतुलित आहार के बिना, आपका शरीर रोग, संक्रमण, थकान के प्रति अधिक संवेदनशील होता है।

जिन बच्चों को पर्याप्त स्वस्थ भोजन नहीं मिलता है, उन्हें विकास और विकास संबंधी समस्याओं, खराब शैक्षणिक प्रदर्शन और बार-बार संक्रमण का सामना करना पड़ सकता है।

संयुक्त राज्य अमेरिका में मौत के 10 प्रमुख कारणों में से 3 सीधे आहार से जुड़ी हैं।

  • दिल की बीमारी
  • कैंसर
  • डायबिटीज टाइप 2

संतुलित आहार के फायदे

संतुलित आहार के निम्नलिखित फायदे हैं।

1. शरीर के वजन को नियंत्रित करें

पोषक तत्वों से भरपूर खाद्य पदार्थों को खाने से अधिक कैलोरी वाले ​​खाद्य पदार्थों के लिए कम जगह बचती है जो आमतौर पर वजन बढ़ाते हैं। इन खाद्य पदार्थों का शरीर में बहुत कम उपयोग होता है।

साबुत अनाज, जई, सब्जियां, फल जैसे कार्बोहाइड्रेट का सेवन करने से ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम होता है जो पेट को लंबे समय तक भरा भरा महसूस कराती है। और इस वजह से आपको भूख कम लगती हैं। जिससे आपको अपना वजन कम करने या नियंत्रित करने में आसानी होती हैं।

2. रोग से लड़ें

 संतुलित आहार लेते समय, आवश्यक पोषक तत्व प्रतिरक्षा प्रणाली में सुधार करते हैं। कुछ पोषक तत्वों की कमी प्रतिरक्षा प्रणाली के कार्य को ख़राब कर सकती है। जैसे कि विटामिन ए, बी-विटामिन, विटामिन सी, विटामिन ई, जिंक और आयरन। 

फलों और सब्जियों से भरा आहार संक्रमण से लड़ने वाली श्वेत रक्त कोशिकाओं के उत्पादन को भी बढ़ाता है जो बैक्टीरिया और संक्रमण को शरीर में प्रवेश करने से रोकने में मदद करते हैं।

3. अधिक ऊर्जा

 हम जो भोजन करते हैं उसका हमारे दिन भर की ऊर्जा पर प्रभाव पड़ता है। पोषक तत्वों से भरपूर खाद्य पदार्थ खाने से यह हमे ज्यादा समय तक ऊर्जा प्रदान करते हैं। 

अच्छी तरह से खाने से हमारी ऊर्जा सुबह से रात तक अच्छी बनी रहती है। भोजन जो आयरन से भरपूर होते है, जैसे कि गहरे रंग के पत्तेदार साग, ऊर्जा को बढ़ावा देने में भी मदद कर सकते हैं क्योंकि आयरन काम करने वाली मांसपेशियों और मस्तिष्क को ऑक्सीजन पहुंचाने में मदद करता है।

4. बेहतर नींद

 हमारे शरीर को नींद की बहुत ज्यादा जरूरत होती है। यह इसके बिना हम सुस्त महसूस करते हैं, ऊर्जा का स्तर कम रहता है, ध्यान और एकाग्रता का स्तर प्रभावित होता है। 

खाने की खराब आदतें अक्सर एसिडिटी का कारण बनती हैं। बढ़ी हुई अम्लता पाचन तंत्र पर भी दबाव डाल सकती है, जिससे रात की अच्छी नींद लेना बहुत मुश्किल हो जाता है। 

यह बात याद रखें कि रात के समय अधिक भोजन न करें। संतुलित आहार से हम नींद अच्छी आती है जिससे हमारी मानसिक स्थिति बेहतर होती हैं।

5. अधिक दिमागी शक्ति

 हमारे दिमाग से ज्यादा महत्वपूर्ण क्या हो सकता है? ओमेगा 3 फैटी एसिड कई महत्वपूर्ण लाभ प्रदान करते हैं, जैसे कि बेहतर याददाश्त और सीखने की क्षमता। 

यह शरीर को कमजोर करने वाले मानसिक विकारों से लड़ने में भी मदद करते हैं, उदाहरण के लिए, अवसाद और सिज़ोफ्रेनिया। सैल्मन, अखरोट, एवोकैडो और कीवी जैसे खाद्य पदार्थों में यह महत्वपूर्ण फैटी एसिड होते हैं। 

संतुलित आहार की महत्वपूर्ण बातें

  • रोजाना सुबह और शाम वाॅक पर जाए। कम से कम 4 किलोमीटर वाॅक करें। लंच के बाद भी कुछ देर जरूर वॉक करें। अगर आप रात में 8:30 के बाद खाना खा रहे हैं तो चपाती और चावल के बजाय दाल और सब्जियों का सेवन करें। रात में हल्का खाना खाए।
  • टोंड दूध और दही, पनीर और अन्य सामग्री का इस्तेमाल करें। पानी पेट को ऐसे तत्वों से भर देता है जिसमें कोई कैलोरी नहीं होती है। इससे व्यक्ति को पेट भरा होने का एहसास होता है जिससे वह खाने के दौरान कम कैलोरी लेता है। पानी ज्यादा पीना चाहिए और मीठे और हाई कैलोरी वाले खाद्य पदार्थ कम लेने चाहिए।
  • खाने में ऊपर से नमक ना मिलाए। पुराने मसाले सिर्फ स्वाद नहीं बढ़ाते हैं बल्कि उनमें माइक्रोन्यूट्रिएंट्स, एंटीऑक्सीडेंट और फाइबर होते हैं। सिर्फ ध्यान रखें कि इन्हें भूनने के लिए ज्यादा तेल का इस्तेमाल ना करें।
  • दिन भर के खाने में सबसे ज्यादा फोकस ब्रेकफास्ट पर होना चाहिए। अक्सर लोग वजन कम करने के चक्कर में ब्रेकफास्ट नहीं लेते। लेकिन रिसर्च कहता है कि अगर नियमित रूप से ब्रेकफास्ट लिया जाए तो लंबी अवधि में वजन कम होता है। नाश्ते या खाने में हमेशा एक जैसी चीजें ना खाएं बदलते रहे। रिच फूड जैसे चॉकलेट, केक, टॉफी, आइसक्रीम, कैंडी बिल्कुल भी ना खाए।
  • खाना एक निश्चित समय पर खाएं। इसके अलावा सोने से 2 घंटे पहले खाना खाए।
  • खाने में फाइबर की मात्रा ज्यादा से ज्यादा ले। फलों और हरी सब्जियों की मात्रा अपनी डाइट में बढ़ाएं।
  • खाना जब भी खाए 15 से 20 मिनट आराम से चबा चबा कर खाएं।
  • सप्ताह में एक दिन उपवास करें। उस दिन केवल पानी, नींबू पानी, दूध, जूस, सूप, सलाद या फल का सेवन करें।
  • कच्चे या पके पपीता का सेवन रोज सुबह करना चाहिए।
  • रात में सोने से पहले तांबे के जग में दो-तीन गिलास पानी रखें। फिर सुबह उठने के बाद बिना मुंह धोए उस पानी को पिए।
  • यदि आपका काम बैठकर करने का है तो हर 1 घंटे के बाद 5 मिनट के लिए जरूर टहले।

उम्मीद हैं आपको संतुलित आहार की जानकारी पसंद आयी होगीं।

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