कार्बोहाइड्रेट की परिभाषा, प्रकार, कार्य, लाभ और हानि

इस पेज पर आप कार्बोहाइड्रेट की समस्त जानकारी पढ़ने वाले हैं तो पोस्ट को पूरा जरूर पढ़िए।

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चलिए आज हम कार्बोहाइड्रेट की समस्त जानकारी पढ़ते और समझते हैं।

कार्बोहाइड्रेट क्या हैं

Carbohydrate
कार्बोहाइड्रेट

कार्बोहाइड्रेट, कार्बन, हाइड्रोजन, आक्सीजन के प्राकतिक रूप में पाये जाने वाले कार्बनिक यौगिक हैं ।

“कार्बोहाइड्रेटस पालीहाइडॉक्सी एल्डिहाइडस या पॉलिहाइड्रोक्सी कीटोंन के बहुलक अणु हैं। जो जल अपघटन पर पॉलिहाइड्रोक्सी एल्डिहाइड या पॉलिहाइड्रोक्सी कीटोंन उत्पन्न करते हैं 

कार्बोहाइड्रेट स्वस्थ रहने के लिए एक अच्छा अनिवार्य पदार्थ हैं। ये शरीर को ज्यादा ऊर्जा देता हैं जिससे शरीर ठीक तरह से काम करता हैं सबसे पहले हमारे शरीर को ऊर्जा कार्बोहाइड्रेट से मिलता हैं इसलिए इसे ऊर्जा का प्राथमिक स्त्रोत कहते हैं। सबसे ज्यादा कार्बोहाइड्रेट गन्ना और चुकंदर से मिलता हैं। ये कार्बन, ऑक्सीजन,हाइड्रोजन के कंपाउंड हैं तथा कार्बन, हाइड्रोजन,आक्सीजन को 1: 2: 1 के रूप में मिलाकर बने कार्बनिक पदार्थ को कार्बोहाइड्रेट कहते हैं।

एक ग्राम कार्बोहाइड्रेट के आक्सीजन से 17 किलो जूल तथा 4.2 किलो कैलोरी की ऊर्जा निकलती हैं हमारे भोजन में कुछ ऊर्जा में से 50-75 % ऊर्जा कार्बोहाइड्रेट से आती हैं। ये एक शुगर हैं जो हमारे शरीर मे अंदर जाकर ग्लूकोज बनाती हैं 

कार्बोहाइड्रेट का सूत्र

आधारभूत सूत्र :- (CH₂On)

सामान्य सूत्र:-  Cx(H₂O)y

कार्बोहाइड्रेट की भोज्य सूची

आम :- आम खाने से लगभग 50g Carbohydrate मिलता हैं कच्चे और पके दोनों प्रकार के आम खाने चाहिए कुछ लोगों को कच्चा आम खाना पंसद नही होता हैं और कुछ लोगों को पका आम खाना पंसद नही होता हैं दोनों तरह के आम में कार्बोहाइड्रेट पाया जाता हैं।

केला :- केले में भी बहुत कार्बोहाइड्रेट पाया जाता हैं कच्चे केले में ज्यादा आहार मिलता हैं यदि आप केला नही खाता हैं तो कच्चे केले की सब्जी बना के खा सकते हैं इससे भी आहार मिलेगा।

सेव :- सेव में भी बहुत कार्बोहाइड्रेट मिलता हैं। एक सेव में लगभग 25g Carbohydrate मिल सकता हैं।

हरे चने :- हरे चने में लगभग (59.9) Carbohydrate होता हैं। हरे चने का सेवन करने से आँखों में आने वाली समस्या ठीक हो जाती हैं।

संतरा :- विटामिन सी तथा फाइवर का एक अच्छा स्रोत हैं इसमे लगभग 12% Carbohydrate पाया जाता हैं ये किडनी ओर दिल मे होने वाली पथरी को होने से रोकता हैं।

कार्बोहाइड्रेट के प्रकार

इसके प्रकार निम्लिखित हैं।

1. मोनोसैकेराइड 

मोनोसैकेराइड एकल पॉलिहाइड्रोक्सी एल्डिहाइड या कीटोंन की इकाई हैं विश्व मे सबसे ज्यादा मात्रा में पाये जाने वाला मोनोसैकेराइड 6 कार्बन वाला शर्करा हैं ये स्वाद में मीठे होते हैं एवं जल में नहीं घुलते मोनोसैकेराइड कहलाते हैं।

(a). कीटोज :- कीटोज एक प्रकार का मोनोसैकेराइड हैं। जो कार्बन स्केलेटल में कीटोज समूह होता हैं तथा ये प्रति एक चीनी के अणु में कीटोज समूह होता हैं।

(b). एल्डोज :- एल्डोज एक प्रकार का मोनोसैकेराइड हैं जो कार्बन स्केलेटल में एक एल्डिहाइड समूह हैं तथा मोनोसैकेराइड अणु में एक एल्डिहाइड समूह होता हैं।

(c). एपिमर :- यदि मोनोसैकेराइड में समावयवी एक विशिष्ट कार्बन परमाणु के संरचात्मक विन्यास में अलग अलग होते हैं। तो उससे एपिमर कहते हैं।

2. डाइसैकेराइड

डाइसेकेराइड उसे कहते हैं जो Carbohydrate के साथ जल में अपघटित होते हैं तथा अपघटित होने के बाद मोनोसैकेराइड के दो अणु देते हैं उसे डाईसैकेराइड कहते हैं।

माल्टोज :- माल्टोज एक डाईसेकेराइड शर्करा हैं एक माल्टोज अणु को संश्लेषित करने के लिए संघनन प्रतिक्रिया के परिणाम स्वरूप ग्लूकोज के दो अणु एक ग्लाइकोसिडिक बंधन के साथ जुड़े जाते हैं।  

सुक्रोज :- सुक्रोज एक डाईसेकेराइड शर्करा होता हैं। तथा इसका वैज्ञानिक नाम टेबल शुगर हैं। इसमे 50%फ्रक्टोज़, 50% ग्लूकोज होता हैं।

लैक्टोज :- लैक्टोज एक डाईसेकेराइड शर्करा हैं लैक्टोज दूध में उपस्थित होता हैं।जो स्तनधारियों के दूध में 4% से 5% के बीच पाया जाता हैं। 

3. पॉलिसेकेराइड

वे कार्बोहायड्रेट जिनके जल अपघटन से अनेक मोनोसैकेराइड बनते हैं। उन्हें पॉलिसेकेराइड कहते हैं पॉलिसेकेराइड मीठे नहीं होते हैं तथा जल में घुलते नही हैं।

4. होमिपॉलिसेकेराइड

होमिपॉलिसेकेरैड एक डाईसेकेराइड हैं जो एक समान मोनोसैकेराइड इकाई से जुड़कर बने होते हैं।

(a). स्टार्च :- स्टार्च एक पॉलिसेकेराइड कार्बोहाइड्रेट है जिसका निर्माण मोनोसैकेराइड की इकाइयों की एक बड़ी संख्या से आपस मे ग्लाइकोसिडिक बंधो द्वारा जुड़ने के कारण होता हैं। यह सिर्फ पादपों में पाया जाता हैं।

(b). ग्लाइकोजन :- ग्लाइकोजन एक पॉलिसेकेराइड हैं। जो जीव जंतुओं में ग्लूकोज का मुख्य भंडार हैं।

(c). सेलुलोज :- सेलुलोज एक कार्बनिक यौगिक है । तथा यह एक पॉलिसेकेराइड है जिसमे एक ही प्रकार के अणु लगातार जुड़ने से एक हजारो अणुओ वाला पॉलीमर बन जाता है।बहुत से हरे पर्द पोधो की कोशिका भित्ति सेलुलोज की बनी होती है

(d). डेक्सट्रेन्स :- दांतो पर बैक्टीरिया द्वारा बना प्लाक में डेक्सट्रेन्स पाए जाते हैं।

(e). काइटिन :- काइटिन वृहत- श्रखंला बहुलक है।ये पृथ्वी पर अनेक स्थानों पर पाया जाता हैं काइटिन अनेक चिकित्सा और औधोगिक प्रायोजनों के लिए उपयोग सिध्य हुआ हैं।

कार्बोहाइड्रेट के मुख्य स्रोत

कार्बोहाइड्रेट ऊर्जा का एक अच्छा स्रोत हैं जो मानव के शरीर के लिए विटामिन और खनिज पदार्थ प्रदान करता हैं कार्बोहाइड्रेट के पांच मुख्य स्रोत निम्लिखित हैं।

  • गेहूँ कार्बोहाइड्रेट का सबसे अच्छा और मुख्य पदार्थ हैं। गेंहूँ से बने हर पदार्थ में अच्छी मात्रा में कॉम्प्लेक्स पाया जाता हैं। तथा इसमे प्रोटीन फाइबर भी पाया जाता हैं। जिसकी वजह से हमारा पाचन आसानी से हो जाता हैं।
  • केला भी Carbohydrate का एक अच्छा स्रोत हैं। इसमे भी फाइबर पाया जाता हैं इसमे बहुत एनर्जी होती हैं। इसलिए आपको सुबह के समय में खाने के बाद एक दो केला खाना चाहिए जिससे आपको दिन भर एनर्जी मिलती रहे।
  • दलिया भी कार्बोहाइड्रेट का एक अच्छा स्रोत हैं। सुबह के टाइम रोज एक कटोरी दलिया खाना चाहिए। जब कोई व्यक्ति बीमार रहता हैं तो उसको दलिया खिलाते हैं। जिससे उसको एनर्जी मिलती रहती हैं। दलिया खाने से वजन भी बढ़ता हैं।
  • शकरकंद में बहुत अधिक मात्रा में कार्बोहाइड्रेट पाया जाता हैं इसमे विटामिन भी पाया जाता हैं। शकरकंद खाने में बहुत स्वादिष्ट होता हैं ये ठंडी के मौसम में बहुत उपलब्ध होती हैं।
  • सभी प्रकार के फलों सब्जियों में विटामिन पाये जाते हैं। जैसे :- संतरा, चुकुन्दर, आम, जामुन, सेव आदि में विटामिन होते हैं।

कार्बोहाइड्रेट के कार्य 

कार्बोहाइड्रेट के कार्य निम्नलिखित हैं। 

  • ये पौधों के लिए मुख्य संरचात्मक विकास में योगदान देता हैं।
  • शरीर मे हिपेरिन रक्त वाहिकाओं के अंदर रक्त का थक्का बनने और जमने से रोकती हैं।
  • सेल्युलोज नाइट्रेट विस्फोट के रूप में उपयोग किया जाता हैं।
  • कोशिका झिल्ली में पाए जाने वाले ओलिगोसेकेराइड कोशिकाओं को पहचानने में सहायक होते हैं।
  • पृथ्वी में सबसे ज्यादा कार्बनिक पदार्थ Carbohydrate से बनते हैं।

कार्बोहाइड्रेट के लाभ

कार्बोहाइड्रेट का लाभ निम्नलिखित हैं।

1. शरीर की ऊर्जा :- कार्बोहाइड्रेट शरीर के लिए एक ईधन तरह का कार्य करता हैं इसकी मदद से ही हम अपने सारे काम कर पाते है जिससे हम बिना थके ही काम कर लेते हैं।

2. पेट की समस्या :- कार्बोहाइड्रेट में सबसे ज्यादा फाइबर पाया जाता हैं फाइबर पेट से जुड़ी सारि परेशानी को दूर कर देता हैं। फाइबर के इस्तेमाल से मल त्यागने में भी आसानी होती हैं। फाइबर बहुत सी बीमारियों को ठीक करने में भी मदद करता हैं।

3. रक्त का थक्का :- Carbohydrate में जो फाइबर पाया जाता हैं वो रक्त को जमने तथा थक्का बनने से रोकता हैं यदि इसका सेवन न करे तो शरीर मे रक्त का थक्का जम सकता हैं। जिससे दिल की बीमारी हो सकती हैं।

4. नींद के लिए :- सोते समय फाइबर का उपयोग कम करना चाहिए जिससे नींद अच्छी आयेगी।

5. रोगप्रतिरोधक क्षमता :- Carbohydrate शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में मदद करते हैं जिससे शरीर मे रोगाणु प्रवेश न कर पाये। यह शरीर मे रक्षा कवच की तरह काम करता हैं।

कार्बोहाइड्रेट के हानि

कार्बोहाइड्रेट के हानि निम्नलिखित हैं।

1. कार्बोहाइड्रेट का याचिक सेवन करने से ह्रदय रोग का खतरा बढ़ जाता हैं तथा इसे खाने से मोटापा की बीमारी और बढ़ती जाती हैं मोटापा होने के बाद बहुत सारी बीमारी घेर लेती हैं।

2. भोजन में इसका सेवन कम करने से शरीर मे कमजोरी होने लगती हैं। जिससे रोगप्रतिरोधक क्षमता कम होने लगती हैं। जिससे पेट से सम्बंधित बीमारी होने लगती हैं। इसलिए भोजन में लिमिट का कार्बोहाइड्रेट लेना चाहिए।

3. Carbohydrate की ज्यादा मात्रा लेने से डायबिटीज का खतरा बढ़ने लगता हैं इसलिए कार्बोहाइड्रेट लिमिट में खाना चाहिए जिससे डायबिटीज न बढ़े।

4. कार्बोहाइड्रेट जब आप कम खाते हैं तो इसका असर सीधा आपके दिमाक पर पड़ता हैं ये धीरे धीरे आपके वुद्धि को कमजोर करते जाता हैं।  

5. जब आप कार्बोहाइड्रेट युक्त भोजन लेते हैं तो उसमें फाइबर का स्तर कम होता है। जिससे हमारी पाचन क्रिया की शक्ति कम होने लगती हैं।

सरल कार्बोहाइड्रेट ओर जटिल कार्बोहाइड्रेट में अंतर

सरल कार्बोहाइड्रेटजटिल कार्बोहाइड्रेट
सरल कार्बोहाइड्रेट पचाने में आसान होते हैं। जटिल कार्बोहाइड्रेट पचाने में आसान नही होते हैं।
ये खाने में मीठे होते हैं इसमे मोनोसेक्रेइड्स, शर्करा, डाईसेक्राइड्स, तथा ट्रेसेक्रेइड्स के रूप में पाए जाते हैं। ये खाने में मिठे नही होते है यह शर्करा पॉली सेक्रेइड्स के रूप में पाए जाते हैं।
ये पानी मे घुलनशील होते है। जैसे सुक्रोज, माल्टोजये पानी में घुलनशील नही होते हैं। जैसे स्टार्च, ग्लाइकोजन
ये शर्करा के परिवहन के रूप में पाये जाते हैं।ये ऊर्जा भंडार के रूप में पाए जाते हैं।
इसका आण्विक भार कम होता हैं। इसका आण्विक भार अधिक होता हैं।

कार्बोहाइड्रेट की कमी से और अधिकता से होने वाले रोग

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