GST KYA HAI

GST क्या है इसके प्रकार, लाभ और हानि को समझे

इस पेज में आप GST से संबंधित समस्त जानकारी समझेंगे जैसे GST क्या है, GST कैसे काम करती है और GST के लाभ क्या है और GST से लोगो को क्या क्या हानियाँ होती है।

किसी भी कंपनी में जब कोई भी प्रोडक्ट बनता हैं तो ग्राहकों को वह प्रोडक्ट पंहुचाने में उसकी कीमत कई गुना बढ़ जाती हैं जब कोई भी सामान फेक्ट्री में बनता हैं उसके बाद वहाँ से निकलने पर एक्साइज ड्यूटी लगती हैं फिर उसके बाद वो प्रोडक्ट एक राज्य से दूसरे राज्य भेजा जाता हैं तब इस पर एंट्री टेक्स लगता हैं राज्य में पहुँच जाने के बाद इस पर सेल्स टैक्स लगता हैं जो सभी राज्यों का अपना अलग-अलग टैक्स होता हैं कई सामानों के लिए आपको परचेज टैक्स भी देना होता हैं।

पहले किसी भी प्रोडक्ट पर आपको 50% तक टैक्स लग जाता था लेकिन GST लागू होने के बाद अलग-अलग लगने वाले टैक्स से छुटकारा मिल गया अब कोई भी वस्तु पर सिर्फ 12 से 16 प्रतिशत टैक्स रहने की उम्मीद हैं सभी प्रकार के प्रोडक्ट पर वैट, एक्साइज और सर्विस टैक्स कुल मिलाकर अलग-अलग 18 टैक्स लगा करते थे लेकिन GST लागू होने के बाद हर समान पर सर्फ एक ही टैक्स लगता हैं पूरे देश में एक वास्तु की एक ही कीमत होगी और सभी को एक सामान टैक्स देना पढ़ेगा।

तो चलिए GST की समस्त जानकारी को विस्तार से समझते है

GST क्या हैं?

GST भारत सरकार द्वारा शुरू किया गया एक नया टैक्स सिस्टम हैं भारत में GST “1 जुलाई 2017” को लागू हुई थीं GST लागू करने का सुझाव “विजय केलकर समिति” ने दिया था।

किसी भी समान के खरीदने या बेचने पर जितने भी टैक्स लगाए जाते थे अब उनकी जगह सिर्फ एक टैक्स GST लगता हैं एक दुकानदार जो बिजनिस करता हैं उसके लिए उसको समान खरीदने और बेचने की जरूरत होती हैं तभी जाकर उसका व्यापार चलता हैं।

GST एक Indirect Tax सिस्टम होता हैं जिसे भारत सरकार और बहुत से इकोनॉमिक्स भारत की आजादी के बाद का सबसे महत्वपूर्ण आर्थिक सुधार मानते हैं।

सेंट्रल और स्टेट गवर्मेन्ट द्वारा अलग-अलग लगाए जाने वाले Tax को हटा पूरे देश मे अब सिर्फ एक ही Indirect Tax लागू कर दिया हैं इससे हमारे भारत देश को एक सिंगल मार्किट बनने में मदद मिली हैं।

GST Full form: Goods and Services Tax जिसका हिंदी में मतलब वस्तु एवं सेवा कर हैं।

Goods Tax : हर दिन सभी व्यक्ति अपनी जरूरत के हिसाब से कुछ न कुछ सामान या वस्तुए जरूर ही खरीदता हैं इन वस्तुओं पर जो Tax लगता हैं उससे Goods Tax लिया जाता हैं।

Services Tax : सामान और वस्तुओं के अलावा भी बहुत सारी सेवाएं होती हैं जिनका इस्तेमाल किया जाता हैं जैसे:- ट्रैन टिकट, बस टिकट, आदि।

GST के प्रकर

GST चार प्रकार की होती हैं भारत सरकार ने GST लागू करने से पहले इसको चार भागों में बाट दिया था।

  • CGST (Central Goods and Services Tax)
  • SGST (State Goods and Services Tax)
  • IGST (Integrated Goods and Services Tax)
  • UGST/UTGST (Union Territory Goods and Services Tax)

CGST (Central Goods and Services Tax): CGST यह Tax किसी भी राज्य के अंदर होने वाले लेन-देन पर लगती हैं इस Tax से जो पैसे वसूल किए जाते हैं वो सीधे सेंट्रल गवर्मेन्ट के एकाउंट में जाते हैं।

SGST (State Goods and Services Tax): SGST यह Tax किसी भी राज्य के अंदर होने वाले लेन-देन पर लगती हैं इस Tax से जो पैसे वसूल किए जाते हैं वो सीधे स्टेट गवर्मेन्ट के एकाउंट में जाते हैं।

IGST (Integrated Goods and Services Tax): जब कोई प्रोडक्ट एक राज्य से दूसरे राज्य में भेजा जाता हैं तो इसमें सेंट्रल गवर्मेन्ट और स्टेट गवर्मेन्ट दोनों तरह के tax वसूल किए जाते हैं।।

UGST/UTGST (Union Territory Goods and Services Tax): भारत देश में पांच केंद्र शाषित प्रदेश हैं जो भी वस्तुएं और सर्विस वहाँ दी जाती हैं उन पर GST लागू होती हैं।।

GST काम कैसे करता हैं?

GST लागू होने के बाद किसी भी सामान पर टैक्स वही लगता हैं जहाँ से वह सामान बिकना चालू होता हैं इस पर अलग-अलग तरह के टैक्स लगते थे जैसे:- Excise duty, Central sales tax, Vat, Luxury tax, Service tax, Additional Excise, अब गवर्मेन्ट सरकार ने सभी टैक्सों को मिलाकर GST नाम दे दिया हैं अब बार-बार Tax नहीं देना पढ़ता हैं सिर्फ एक ही टैक्स देना होता हैं।

क्या आप जानते हैं कि आप जो सामान इस्तेमाल करते हैं वह कितनी जगह से होकर आता हैं तब जाकर आपको मिलता हैं सबसे पहले कम्पनी में कोई भी प्रोडक्ट बनना होता हैं तो कच्चा माल मंगाया जाता हैं जिस पर वैट लगा कर कंपनी को दिया जाता हैं फिर कंपनी वाले कच्चे माल से उससे प्रोडक्ट बनाते हैं प्रोडक्ट बनने के बाद कंपनी वाले यह प्रोडक्ट Wholesale को बेच देते हैं जिस पर वैट और एक्साइज ड्यूटी टैक्स लगाया जाता हैं।

Wholesale इसी प्रोडक्ट पर वैट जोड़कर Retailer को बेच देता हैं और Retailer इसी प्रकार समान वैट लगा कर कस्टमर को प्रोडक्ट बेच देते हैं इसी प्रक्रिया को GST कहाँ जाता हैं कोई भी प्रोडक्ट में इतने टैक्स जुड़ते जाते है जिससे उसका दाम बढ़ता जाता हैं सभी टैक्स जुड़ने पर वस्तुएं और भी महंगी हो जाती हैं।

Gst kya hai

GST के लाभ

Good and Services tax लागू होने के बहुत से फायदे हैं जो नीचे दिए गए हैं 

  • भारत सरकार द्वारा GST लागू होने पर कर व्यवस्था आसान होगी कर के ऊपर भी कर लगाने की व्यवस्था से छुटकारा मिलेगा।
  • GST लगने से छोटी कारें खरीदना सस्ता हो गया हैं क्योंकि पहले छोटी गाड़िया खरीदने पर 30% – 40% तक टैक्स लग जाता हैं लेकिन GST लगने के बाद यह टैक्स घटकर 17%- 18% हो गया हैं।
  • रेस्टोरेंट में खाना खाना भी सस्ता हो गया हैं पहले रेस्टोरेंट में खाना खाने पर वैट और सर्विस दोनों टैक्स देना पड़ता था लेकिन अब सिर्फ एक ही टैक्स देना होता हैं।
  • अब घर या जगह खरीदना भी सस्ता हो गया हैं क्योंकि इन पर भी वैट और सर्विस दोनों टैक्स देना पड़ता था लेकिन अब सिर्फ एक ही टैक्स देना होता हैं।
  • GST लागू होने पर सभी काम ऑनलाइन हो गए हैं जिससे सरकार की कर आय में वृद्धि हो गई हैं।
  • जीएसटी लागू होने पर कर विभाग के अधिकारियों द्वारा कर में हेराफेरी की संभावना भी कम हो गई हैं।
  • GST लागू होने पर सबसे बड़ा फायदा कंज्यूमर के अलावा इंडस्ट्रीज को होगा क्योंकि उन्हें अलग-अलग तरह के 18 टैक्स देने पड़ते थे अब GST लागू होने की वजह से उन्हें सिर्फ एक ही टैक्स देना पड़ता हैं।
  • पहले हम कोई भी समान खरीदते थे सभी पर 24 फीसदी टैक्स देना पढ़ता था लेकिन GST लागू होने पर यह टैक्स घटकर 17-18 फीसदी रह गया हैं।

GST से हानियाँ

GST लागू होने के जितने फायदे हैं उतने नुकसान भी हैं क्योंकि जिन वस्तुओं पर टैक्स लागू नहीं होता हैं या बहुत कम टैक्स लगता हैं उन पर भी हमे टैक्स देना पढ़ता हैं जिससे सस्ती चीजें महंगी हो जाएंगी ।

जैसे:- चाय, कॉफी, समोसा, पेन, फ्रूट आदि जिन पर पहले टैक्स नहीं लगता था लेकिन GST लागू होने के बाद इन छोटे-छोटे सामान या खाने की वस्तुओं को खरीदने पर भी टैक्स देना पड़ता हैं जिसमें हमारा बहुत नुकसान होता हैं।

  • GST लागू होने के बाद न्यूनतम सामान लेने पर भी 12 फीसदी टैक्स देना ही पड़ता हैं और छोटे-छोटे समान लेने पर 4-6 फीसदी तक टैक्स देना पढ़ता हैं जिससे वस्तुएं महंगी हो जाती हैं।
  • GST लागू होने के बाद ज्वैलरी पर भी 3 फीसदी टैक्स लगता हैं जिससे ज्वैलरी काफी मंहगी हो गई हैं।
  • रेडीमेड गारमेंट्स भी GST लागू होने पर बहुत मंहगे हो गए हैं।
  • मोबाइल फोन का बिल, क्रेडिट कार्ड का बिल, लाइट का बिल आदि सेवाओं पर अधिकतम 14.5 फीसदी सर्विस टैक्स लगता था लेकिन GST लागू होने पर यह टैक्स बढ़कर 18 फीसदी हो गया हैं।
  • पहले आपको 100 रुपए के मोबाइल खरीदने पर 14 रुपए 50 पैसे का टैक्स देना पढ़ता था लेकिन यह अब बढ़कर 100 रुपए के मोबाइल फोन पर 18 रुपए टैक्स देना पढ़ता हैं।
  • बैकिंग और फाइनेंशियल सेक्टर में 14 प्रतिशत टैक्स लगता था यह टैक्स सिर्फ ट्रांजेक्शन पर लगता हैं इंट्रेस्ट पर कोई टैक्स नहीं लगता हैं लेकिन GST लागू होने के बाद इस सेक्टर पर लगने वाला टैक्स 18 से 20 प्रतिशत बढ़ गया हैं।

GST से संबंधित कुछ महत्वपूर्ण जानकारी

  • GST का फूलफ्रॉम Good and Service Tax होता हैं।
  • रोज इस्तेमाल किए जाने वाले सामान जैसे:- मोबाइल, हैंडसेट, सिगरेट, शराब, कार आदि good में शामिल हैं।
  • खाने वाले अनाज जैसे दूध, अंडा, गुड़, सब्जियां, आटा, चावल, बेसन, नमक, इन सभी चीजों पर कोई Tax नहीं हैं मतलब यह चीजें खरीदने पर आपको कोई टैक्स नहीं लगेगा।
  • पहले बाइक की कीमत अलग-अलग tax की वजह से ज्यादा थी लेकिन GST लागू होने की वजह से इसकी कीमत में कमी आई हैं।
  • AC , रेफ्रिजरेटर, वॉशिंग मशीन पर पहले 30 – 35% टैक्ट लगता था लेकिन अब इन सभी पर सिर्फ 28% टैक्स लागू कर दिया हैं।
  • किचन में इस्तेमाल होने वाले सामान पर भी सिर्फ 18% टैक्स लग रहा हैं।
  • सर्विस सेवाएं जैसे मोबाइल बिल, बिजली बिल, ट्रैन टिकट आदि के लिए 14 प्रतिशत टैक्स देना पढ़ता हैं।
  • भारत देश में गवर्मेन्ट सरकार द्वारा Good और Service के लिए अलग-अलग Tax देना पढ़ता हैं।

दोस्तों आशा करती हूं कि आपको इस Blog पर GST क्या है इसके फायदे और नुकसान कौन-कौन से हैं इस से संबंधित पोस्ट पसंद आई होगी और आप इस पोस्ट को पढ़कर GST के बारे में सम्पूर्ण जानकारी प्राप्त कर चुके और अब आपके दिमाक में GST को लेकर किसी भी प्रकार का कोई डाउट नहीं होगा।

यदि अभी भी आपको कुछ समझ ना आया हो या आपके मन में कोई प्रश्न हैं तो कमेंट द्वारा जरूर पूछे आपको उसका उत्तर जरूर मिलेगा।

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