वाक्य की परिभाषा, प्रकार और उदहारण

इस पेज पर आप हिंदी व्याकरण के महत्वपूर्ण अध्याय वाक्य की परिभाषा, प्रकार और उदहारण को पढ़ेंगे।

पिछली पोस्ट में हम हिंदी व्याकरण के महत्वपूर्ण अध्याय वर्ण की परिभाषा, प्रकार और उदाहरण की जानकारी शेयर कर चुके है उसे जरूर पढ़े।

चलिए अब वाक्य की परिभाषा, प्रकार और उदहारण को पढ़कर समझते है।

वाक्य किसे कहते हैं?

वाक्य बहुत ही साधारण सी चीज है जो हम रोजाना किसी भी बात को प्रकट करने लिए उपयोग करते है।

हम बहुत से वाक्यो का गलत उपयोग भी करते है अतः वाक्यो को समझकर सही तरीके से उपयोग करना ही विवेक को उजागर करना होता है।

शब्दों के सही विन्यास के संकलन को वाक्य कहा जाता हैं। प्रत्येक वाक्य का एक सही अर्थ होता हैं।

यदि आप किसी भी वाक्य का गलत उपयोग  करते है तो आपकी बात का अर्थ भी गलत होता है। यदि किसी वाक्य का अर्थ सही है तो वह वाक्य स्वतः सही माना जाता है।

वाक्य के प्रकार

वाक्य दो प्रकार के होते है।

  1. रचना के आधार पर
  2. अर्थ के आधार पर

1. रचना के आधार पर

रचना के आधार पर वाक्य तीन प्रकार के होते है।

सरल वाक्य: सरल वाक्य में एक उद्देश्य के साथ-2 केवल एक ही समायिका और एक विधेय होते हैं सरल वाक्य कहलाते हैं। उदाहरण:- बच्चे क्रिकेट खेलते हैं।

संयुक्त वाक्य: दो या दो से अधिक सरल वाक्य योजक शब्दों के द्वारा जुड़कर बनते हैं संयुक्त वाक्य को विभाजित करने पर पुनः सरल वाक्य प्राप्त होते हैं। उदाहरण:- राम आया और सो गया।

मिश्र वाक्य: जिन वाक्यों में एक प्रधान उपवाक्य और इस उपवाक्य पर एक या एक से अधिक आश्रित उपवाक्य होते हैं यह सभी आपस में कि, जो, की, इतना, उतना, इधर, उधर, कब, कितना, जब ,तब जैसा, वैसा, वह, आदि, शब्दों, से जुड़े होते हैं।

2. अर्थ के आधार पर

अर्थ के आधार पर वाक्य आठ प्रकार के होते है।

विधिवाचक वाक्य: वह वाक्य जिससे किसी प्रकार की जानकारी प्राप्त होती है, वह विधानवाचक वाक्य कहलाता है।

उदाहरण :

  • भारत एक देश है
  • राम के पिता का नाम दशरथ है
  • दशरथ अयोध्या के राजा हैं

प्रश्नवाचक वाक्य: वह वाक्य जिसके द्वारा किसी प्रकार प्रश्न किया जाता है, वह प्रश्नवाचक वाक्य कहलाता है।

उदाहरण :

  • हुमायूं किसका पुत्र था?
  • राम के पिता कौन थे?
  • राजा जनक कहाँ के राजा थे?

निषेधवाचक वाक्य: जिन वाक्यों से कार्य न होने का भाव प्रकट होता है, उन्हें निषेधवाचक वाक्य कहते हैं।

उदाहरण :

  • मैंने दूध नहीं पिया।
  • मैंने खाना नहीं खाया।

आज्ञावाचक वाक्य : वह वाक्य जिसके द्वारा किसी प्रकार की आज्ञा दी जाती है या प्रार्थना किया जाता है, वह विधिसूचक वाक्य कहलाता हैं।

उदाहरण :

  • बैठो।
  • बैठिये।
  • कृपया बैठ जाइये।
  • शांत रहो।
  • कृपया शांति बनाये रखें।

संदेहवाचक वाक्य: जिन वाक्य‌ों में संदेह का बोध होता है, उन्हें संदेहवाचक वाक्य कहते हैं।

उदाहरण :

  • क्या वह यहाँ आ गया?
  • क्या उसने काम कर लिया?

विस्मयादिवाचक वाक्य : वह वाक्य जिससे किसी प्रकार की गहरी अनुभूति का प्रदर्शन किया जाता है, वह विस्मयादिवाचक वाक्य कहलाता हैं।

उदाहरण :

  • अहा! कितना सुन्दर उपवन है।
  • ओह! कितनी ठंडी रात है।
  • बल्ले! हम जीत गये।

इच्छावाचक वाक्य : जिन वाक्यों में किसी इच्छा, आकांक्षा या आशीर्वाद का बोध होता है उन्हें कहते हैं।

उदाहरण :

  • भगवान तुम्हे दीर्घायु करे।
  • नववर्ष मंगलमय हो।

संकेतवाचक वाक्य: जिन वाक्यों में किसी संकेत का बोध होता है, उन्हें संकेतवाचक वाक्य कहते हैं।

उदाहरण :

  • राम का मकान उधर है।
  • सोनु उधर रहता है।

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आशा है वाक्य से संबंधित जानकारी आपको पसंद आयी होगी और आप इस पोस्ट को पढ़कर वाक्य की परिभाषा, प्रकार और उदाहरण को समझ पाएंगे।

वाक्य से सम्बंधित किसी भी प्रश्न के लिए कमेंट करे। यदि वाक्य की जानकारी पसंद आयी है तो जानकारी को फेसबुक और Whatsapp आदि पर अपने दोस्तों के साथ शेयर जरूर करे।

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