कंप्यूटर वायरस

कंप्यूटर वायरस क्या है और इससे कंप्यूटर को सुरक्षित कैसे करे

Last Updated on September 28th, 2020 by Bhupendra Singh

इस पेज पर आप कंप्यूटर वायरस से संबंधित समस्त जानकारी जैसे कंप्यूटर वायरस क्या है, कंप्यूटर वायरस काम कैसे करता है और कंप्यूटर को वायरस से कैसे बचाया जा सकता है आदि को विस्तार में पढ़ेंगे।

पिछले पेज पर हमने कंप्यूटर के एंटीवायरस की जानकारी शेयर की है उसे जरूर पड़े।

चलिए कंप्यूटर वायरस की समस्त जानकारी को विस्तार पढ़कर समझते है।

कंप्यूटर वायरस क्या है?

कंप्यूटर वायरस एक Software होता है, जिसका निर्माण हमारे कंप्यूटर के ऑपरेशन और उसके डाटा को नुकसान पहुंचाने के लिए किया गया है। 

कंप्यूटर वायरस बिना हमारी जानकारी के हमारे इलेक्ट्रॉनिक गैजेट के सिस्टम को खराब कर सकता है, जिसे ठीक करवाने में हमें काफी मुश्किल हो सकती है।

हमारा Computer बहुत प्रकार के सॉफ्टवेयर प्रोग्राम से बना हुआ होता है और यही प्रोग्राम हमारे कंप्यूटर को सही तरीके से चलाने में मदद करता है परंतु इसके विपरीत कुछ प्रोग्राम कंप्यूटर को हानि पहुंचाने के लिए भी बनाए गए हैं।

कंप्यूटर के वायरस का निर्माण अपने आप नहीं हुआ बल्कि इसका निर्माण इंसान ने किया है इसे जानबूझकर हमारे कंप्यूटर के सिस्टम को खराब करने के लिए बनाया गया है।कंप्यूटर वायरस के लिए काम ना करके उसे नुकसान पहुंचाने के लिए होते हैं।

कंप्यूटर वायरस तथा अन्य वायरस किसी भी इलेक्ट्रॉनिक वस्तुओं के लिए काफी हानिकारक होते हैं और अगर एक बार यह आपके इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस में पहुंच जाता है तो यह आपके डिवाइस को काफी धीमा बना सकता है और महत्पूर्ण डाटा को ख़राब कर सकता है।

उदाहरण के तौर पर जब हमारे शरीर को कोई बीमारी हो जाती है तब धीरे-धीरे हमारा मानव तंत्र कमजोर होने लगता है और अगर हम ठीक से अपना इलाज ना कराएं तो हमारी मौत भी हो सकती है। ठीक उसी प्रकार यह वायरस होता है जिससे हमारे इलेक्ट्रॉनिक वस्तुओ को और उनके सिस्टम खराब हो जाते हैं।

इसलिए कंप्यूटर वायरस से बचने के लिए लोग कंप्यूटर एंटीवायरस का इस्तेमाल करते हैं।

कंप्यूटर वायरस का इतिहास

सबसे पहले Robert Thomas एक Engineer थे जिन्होंने वर्ष 1971 में BBN Technology में काम करते समय सबसे पहले Computer Virus को Develop किया।

सबसे पहले Computer Virus का नाम Creeper रखा गया यह एक Experimental Program था जिसे Thomas जी ने खुद किया था ARPANET के Mainframes को Infect करने के लिए।

यह Virus System को Infect करने के बाद ये निम्लिखित Message Screen पर Display करता हैं।

इससे सीमित University ही जुड़े थे 1974 में Webit Virus आया जो किसी भी मशीन को पूरी तरह से बर्बाद कर सकता था।

वर्ष 1980 के आस-पास फ्लॉपीड्राईव के द्वारा फैलाने वाला जिसका नाम Eik Cloner था।

वर्ष 1990 के बाद अधिकांश Computer पर Microsoft के Software रन हो रहे थे जिसके वजह से वायरस को फैलने की बहुत बड़ा Singal Platform मिल गया।

इसके बाद वर्ष 1996 में इंटरनेट का दौर स्टार्ट हुआ तो Email Id व File Transfer के जरिए वायरस तेजी से फैलने लगें।

कंप्यूटर में वायरस है या नहीं कैसे ज्ञात करे?

हम नीचे आपको कुछ ऐसे टिप्स बता रहे हैं जिनके द्वारा आप यह पता लगा सकते हैं कि आपके कंप्यूटर में कोई हानिकारक वायरस है अथवा नहीं?

  • अगर अच्छा खासा चलता हुआ कंप्यूटर धीमे-धीमे काम करने लगे तो यह समझ जाइए कि आपके Computer में Virus का प्रवेश हो चुका है और Virus ने अपना काम करना चालू कर दिया है।
  • आपके कंप्यूटर की स्क्रीन पर बार-बार Popup आता है तो यह भी वायरस होने का संकेत है।
  • कंप्यूटर में कोई भी Program अपने आप Start हो जा रहा है अथवा बंद हो जा रहा है तो निश्चित ही आपके Computer में Virus घुस गया है।
  • कंप्यूटर में किसी भी File का कॉपी अपने आप बन जा रहा है अथवा कोई भी फाइल या प्रोग्राम अपने आप Install हो जा रहा है तो यह भी Computer में Virus होने का संकेत है।
  • आपके द्वारा Save की गई फाइल आपके कंप्यूटर में करप्ट होने लगे तो इसका मतलब यही है कि आपके Computer में Virus है।
  • कंप्यूटर किसी फाइल की Size नहीं बता रहा है तो यह भी यह संकेत दे रहा है कि आपके Computer में Virus है।

Computer Virus या Malware से कैसे बचें?

अगर आप अपने कंप्यूटर को Virus अथवा मालवेयर से बचाना चाहते हैं तो सबसे पहले अपने कंप्यूटर में एक अच्छा सा Antivirus जरूर इंस्टॉल कर ले। एंटीवायरस किसी भी प्रकार के हानिकारक वायरस से आपके कंप्यूटर के सिस्टम को सुरक्षा प्रदान करता है और समय-समय पर आपको नोटिफिकेशन भी देता रहता है।

समय-समय पर अपने Antivirus को Update जरूर करते रहें।

अगर आपके Email पर कोई मेल आया है और अगर आपको उसके बारे में कोई भी जानकारी नहीं है तो उसे ना खोलें क्योंकि मेल के साथ अटैचमेंट के जरिए वायरस हमारे Computer में प्रवेश कर लेते हैं।

किसी भी Illegal Website से कुछ भी डाउनलोड करने से बचें।

अपने कंप्यूटर में किसी भी Pendrive या मेमोरी कार्ड का इस्तेमाल बिना Scan किए हुए ना करें, क्योंकि पेनड्राइव और मेमोरी कार्ड के जरिए वायरस आने का खतरा सबसे ज्यादा रहता है।

जब भी आप किसी भी Website को Visit करें तो इस बात का ध्यान अवश्य रखें कि वह Website विस्वाश पत्र हो।

अगर आपको Surfing करने के दरमियान किसी भी ऐसी चीज का विज्ञापन आता है जिसमें यह लिखा हो कि इसमें भाग लेने पर इतने रुपए कैश प्राइज मिलेंगे तो उसे सोच विचार कर ही खोलें क्योंकि आमतौर पर यह Website Virus से भरी होती है।

Computer Virus के नाम

  • Conficker Virus
  • Mebroot Virus
  • Leap Virus
  • Storm Worm Virus
  • My Doom Virus
  • Beast Trojan Horse Virus
  • अन्ना कुर्निकोवा वायरस
  • I love you Virus

कंप्यूटर के वायरस से बचने के लिए एंटीवायरस

  • Norton AntiVirus Plus
  • F-Secure Antivirus SAFE
  • Kaspersky Anti-Virus
  • Trend Micro Antivirus+ Security
  • Webroot SecureAnywhere AntiVirus
  • ESET NOD32 Antivirus
  • G-Data Antivirus
  • Comodo Windows Antivirus.
  • Quick heal Antivirus
  • 360 security

कंप्यूटर के वायरस से नुकसान

आपके कंप्यूटर में वायरस है तो इससे आपके कंप्यूटर के Software Program Corrupt हो सकते हैं, जिससे आपका कंप्यूटर धीमे काम करने लगेगा।

Computer में Virus है, तो यह आपके कंप्यूटर के Data को हमेशा के लिए मिटा सकते हैं, जिससे आपको नुकसान हो सकता है।

वायरस आपके कंप्यूटर के हार्ड डिस्क के डाटा को भी हमेशा के लिए मिटा सकता है।

Computer Virus, ईमेल के द्वारा दूसरे कंप्यूटर तक भी पहुंच जाते हैं और उसके सिस्टम को भी नुकसान पहुंचाते हैं।

यह हानिकारक Virus आपके कंप्यूटर की स्पीड को धीमा कर देते हैं। इससे आपका सिस्टम हैंग होने लगता है और आपको काम करने में रुकावट आने लगती है।

Computer Virus आपके कंप्यूटर के सिस्टम को कैसे खराब करता है इसे उदाहरण सहित समझे तो अगर आपने अपने कंप्यूटर में Word की कोई file रखी है, जिसमें कुछ इंफॉर्मेशन लिखी हुई है और अगर इसमें Computer Virus लग गया है तो उस स्थिति में उस फाइल की इंफॉर्मेशन अपने आप Delete हो जाती है अथवा File Corrupt हो जाती है या फिर वह फाइल खुलती ही नहीं है।

इसके अलावा हो सकता है कि वह पूरा Word ही करप्ट हो जाए और आप उस फाइल को खोल ही ना पाए।

जरूर पढ़िए :

आशा है कंप्यूटर के वायरस की जानकारी आपको पसंद आएगी और आप इसको पढ़कर कंप्यूटर वायरस से अपने कंप्यूटर और लैपटॉप को सुरक्षित रख पाएंगे

कंप्यूटर वायरस से संबंधित किसी भी प्रश्न के लिए कमेंट करे।

यदि यह जानकारी पसंद आयी है तो इसे अपने सहपाठियों के साथ शेयर करना न भूले।

2 thoughts on “कंप्यूटर वायरस क्या है और इससे कंप्यूटर को सुरक्षित कैसे करे

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.