भारतीय परिवहन

भारतीय परिवहन एवं यातायात के साधन की समस्त जानकारी पढ़े?

इस पेज पर आप भारतीय परिवहन एवं यातायात के साधन के बारे में सम्पूर्ण जानकारी पड़ेंगे जो सभी सरकारी परीक्षाओं के लिए जरूरी हैं।

सरकारी परीक्षाओं में भारतीय परिवहन एवं यातायात पर एक, दो प्रश्न पूछ ही लिए जाते हैं जिसके बारे में आपको जानकारी होना जरूरी हैं।

तो चलिए भारतीय परिवहन एवं यातायात के साधनों को विस्तार पूर्वक पढ़ते हैं?

भारतीय जल परिवहन

भारत में जल परिवहन को दो भागों में बाटा जा सकता है।

1. आन्तरिक जल परिवहन 
2. समुद्र मार्ग से होने वाला परिवहन

आन्तरिक जल परिवहन

यह परिवहन भारत की प्रमुख नदियो में व नहरो व झीलो के द्वारा संभव है इसे आन्तरिक जल परिवहन की संज्ञा दी जाती है। इसके अन्तगर्त 1986 में इलाहाबाद से हल्दिया के बीच गंगा नदी में होने वाले परिवहन को राष्ट्रीय जलमार्ग 1 का नाम दिया गया।  इसके अतिरिक्त भारत में इस समय 6 राष्ट्रीय जलमार्गो का विकास हो चुका है जिनमें प्रमुख नदी ब्रह्मपुत्र, कृष्णा, महानदी, गोदावरी, ताप्ती, यमुना आदि प्रमुख नदियाँ तथा इनके अलावा जो इस प्रकार हैं

अन्य राष्ट्रीय जलमार्ग
जलमार्ग कहाँ से कहाँ तक लम्बाई ( कि0मी0 )
N.W. 1 इलाहाबाद से हल्दिया 1621
N.W.2 सादिया से धुबरी पट्टी 890
N.W.3 कोल्लम से कोट्टापरम 205
N.W.4 काकीनाडा से मरक्कानम 1095
N.W.5 ललचर से धमरा 623
N.W.6 लखीपुर से भांगा 121

समुद्र से होने वाला परिवहन

  • भारत का सर्वाधिक व्यापार समुध्दि मार्ग से होता है। इसलिए प्रमुख राष्ट्र के लिए किसी जीवन रेखा से कम नही है
  • समुद्र से व्यापार को सुचारु रुप से चलाने के लिए समुद्र के किनारे शिपयार्ड या बन्दरगाहो की जरुरत होती है। आज भारत तटो पर करीब 13 बड़े बन्दरगाह व अन्य छोटे बन्दरगाह मौजूद हैं जोकि भारत के मालाबार तट व कोरोण्डल तट पर अवस्थित हैं

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बन्दरगाह का नाम राज्य जिस में अवस्थित है खाड़ी
कोलकाता पं0 बगाल बंगाल की खाड़ी
मुम्बई महाराष्ट्र अरब सागर
विशाखापट्टनम् आन्ध्र प्रदेश बंगाल की खाड़ी
चेन्नई तमिलनाडु बंगाल की खाड़ी
कोच्चि केरल अरब सागर
पारादीप ओडिशा बंगाल की खाड़ी
तूतीकोरिन तमिलनाडु बंगाल की खाड़ी
मार्मागोवा गोवा अरब सागर
कांडला गुजरात अरब सागर
न्हावाशेवा महाराष्ट्र अरब सागर
न्यू मंगलुरु कर्नाटक अरब सागर
एन्नौर केरल अरब सागर
पोर्ट ब्लेयर अण्डमान निकोबार बंगाल की खाड़ी
  • मुम्बई सबसे बड़ा बन्दरगाह के साथ-साथ प्राकृतिक बन्दरगाह है व सबसे पुराना बन्दरगाह भी है
  • विशाखापट्टनम इसलिए खास है क्योकि यहाँ जलपोत का निर्माण किया जाता है। साथ ही यह सबसे गहरा बन्दरगाह है।
  • गुजरात का कांडला ज्वारीय बन्दरगाह है। यह मुक्त व्यापार क्षेत्र से सम्बधित बन्दगाह है।
  • गुजरात में ही स्थित बन्दरगाह दाहेज देश का एक ऐसा बन्दरगाह है जिसका इस्तेमाल रसायनो के निपटान हेतु किया जाता है। इसे रसायन बन्दरगाह भी कहते हैं।

यातायात – भारत की सड़के (Tourism – Indian Roads in Hindi)

सड़के किसी भी राष्ट्र की धमनियाँ या शिराए होती हैं – जे. बेन्थम

आज हम भारतीय सड़को के बारे में जानेंगें तथा साथ ही जानेंगे यातायात की प्रथम श्रेणी क्यों होती हैं नीचे कुछ महत्वपूर्ण बिन्दु दिए गए हैं जिसको ध्यान से पढ़िए।

  • भारत का प्राचीनतम रोड जी0 टी0 (G T Road ) रोड है जिनका निर्माण शेरशाह सुरी ने कराया था। जो कि  पेशावर (  पाकिस्तान ) से कोलकाता तक है। अगर हम भारत के नेशनल हाइवे 1 व नेशनल हाइवे 2 को जोड़ दे तो हमें शेरशाह सूरी द्वारा निर्मित जी0 टी0 रोड़ प्राप्त होता है।
  • भारत में सड़को का विस्तार करीब 34 लाख किलोमीटर से भी अधिक है।
  • राष्ट्रीय राजमार्गों की कुल लम्बाई 96260 किमी तथा संख्या लगभग 65 है।
  • एन0 एच0(N H ) 7 (बनारस से कन्याकुमारी ) देश का सबसे लम्बा राष्ट्रीय राजमार्ग है। इसकी लम्बाई कुल 2,369 कि0मी0 है।
  • स्वर्णिम चतुर्भुज योजना के तहत भारत के चार महानगरों मुम्बई, कोलकाता, दिल्ली, व चेन्नई को सड़क परिवहन द्वारा जोड़ने की योजना है।
  • भारत में सर्वाधिक सड़को का विस्तार महाराष्ट्र में है।
  • देश के सड़क यातायात का 40 प्रतिशत राष्ट्रीय राजमार्गों के जरिये होता है।
  • राज्य राजमार्गों का रखरखाव राज्य सरकार करती है। इनकी कुल लम्बाई सम्पूर्ण देश में 131899 किमी है।
  • भारत का सबसे छोटा राष्ट्रीय राजमार्ग एन0 एच0 (N H ) 47 -A  जिसकी लम्बाई करीब 6 किलो मीटर है ये केरल की बेम्बानद झील में स्थित वेंलिटन दीप को बाहरी परिवेश से जोड़ता है।
  • देश की सबसे ऊँची सड़क लेह – मनाली मार्ग है यह विश्व का भी सबसे ऊँचा सड़क मार्ग है
  • देश में सिक्किम में सड़के सबसे कम विस्तृत हैं
  • झाँसी शहर उत्तर – दक्षिण व पूर्व – पश्चिम हाइवे के मध्य पड़ने के कारण इसे भारत का गलियारा भी कहा जाता है
  • भारत में सड़को का विभाजन निम्न स्तरो पर किया जा सकता है –

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① राष्ट्रीय राजमार्ग : इनका विस्तार देश के कोने – कोने में फैला हुआ है यह केन्द्र- सरकार के अन्तर्गत आती है।

② प्रान्तीय राजमार्ग : यह राज्य के अन्तर्गत आती है तथा विभिन्न जनपदो को जोड़ती हैं तथा राज्य सरकार द्वारा ही इनका रखरखाव, व निर्माण करया जाता है।

③ जनपदीय सड़के : यह जिला मुख्यालय के अन्तर्गत आती है

④ ग्रामीण सड़के ( या लिंक रोड़ ) : यह ग्रामीण सड़के व लिंक मार्ग है जिनका निर्माण ग्राम पंचायत व क्षेत्रीय पंचायत के सहयोग से किया जाता है

भारतीय सड़के एक नजर में

भारतीय सड़क जाल रिपोर्ट 2016 स्त्रोत (नेशनल हाइवे अथाँरिटी आफ इन्डिया द्वारा)
सड़क प्रकार लम्बाई कुल सड़क प्रतिशत
ऐक्सप्रेस वे 200 0.006
नेशनल हाइवे 96260.72 2.88
राज्य राजमार्ग 131899 3.94
मुख्य जिला सड़के 467763 13.98
ग्रामीण सड़के 2650000 79.2
कुल 3346122 100

भारत के प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्ग (Indian important national highways)

नेशनल हाइवे का नाम राजमार्ग का विस्तार लम्बाई किन- किन राज्यों से होकर गुजरता है
NH -1 दिल्ली से अमृतसर ( पाक सीमा के निकट 1226 दिल्ली, हरियाणा, पंजाब
NH -2 दिल्ली – कोलकाता 1490 दिल्ली, हरियाना, उ0प्र0,बिहार, झारखण्ड, पं0ब0
NH -3 आगरा – मुम्बई 1,161 उ0प्र0, म0प्र0, राज0, महाराष्ट्र
NH -4 मुम्बई से चेन्नई 1235 महा0, कर्नाटक, आन्ध्र प्रदेश, तमिलनाडु
NH -5 कोलकाता से चेन्नई 1533 पं0बं0, ओडिशा, आन्ध्र प्रदेश, तमिलनाडु
NH -6 कोलकाता से मुम्बई 1949 गुज0, महा0, छत्तीसगढ़, झारखण्ड
NH -7 वाराणसी – कन्याकुमारी 2369 उ0प्र0, म0प्र0, महाराष्ट्र, आन्ध्रप्रदेश, कर्नाटक, तमिलनाडु
NH -8 दिल्ली-जयपुर-मुम्बई 2058 दिल्ली, हरि0, राज0, गुजरात, महाराष्ट्र

वायु परिवहन – (Air Transport)

  • वायु परिवहन की शुरुआत भारत में 1911 ई0 से मानी जाती है जब इलाहाबाद से नैनी के बीच विश्व की सर्वप्रथम विमान डाक सेवा का परिवहन किया गया।
  • सन् 1953ई0 में सभी वैमानिक कम्पनीयों का राष्ट्रीयकरण कर दिया गया।
  • इस समय देश में 23 प्रमुख अन्तराष्ट्रीय हवाई अड्डे हैं जो इस प्रकार हैं।
हवाई अड्डे का नाम स्थिति
1.     इन्दिरा गाँधी अंतराष्ट्रीय हवाई अड्डा नई दिल्ली
2.     छत्रपति शिवाजी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा मुम्बई
3.     अन्ना अंतराष्ट्रीय हवाई अड्डा चेन्नई
4.     बाबा साहेब अम्बेडकर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा नागपुर
5.     नेताजी सुभाष चन्द्र बोस अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा कोलकाता
6.     स0 बल्लभभाई पटेल अंतरराषट्रीय हवाई अड्डा अहमदाबाद
7.     गोपीनाथ बारडोली अंतराराष्ट्रीय हवाई अड्डा गुवाहटी
8.     चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा लखनऊ
9.     श्री गुरु रामदास जी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा अमृतसर
10. जयपुर अंतराष्ट्रीय हवाई अड्डा जयपुर
11. त्रिवेन्द्रम अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा तिरुअनन्तपुरम
12. अहिल्याबाई होल्कर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा इंदौर
13. कोयम्बटूर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा कोयम्बटूर
14. लाल बहादुर शास्त्री अंतराष्ट्रीय हवाई अड्डा वाराणसी
15. तिरुचिरापल्ली अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा तिरुचिरापल्ली
16. कालीकट अंतरराष्ट्रीय  हवाई अड्डा कोझीकोड़
17. शेख अलआलम अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा श्रीनगर
18. राजीव गाँधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा हैदराबाद
19. कोचीन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा कोच्चि
20. वीर सावरकर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा पोर्ट ब्लेयर
21. दाबोलिम अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा गोवा
22. कैम्पेगोडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा बंगलुरु
23. मंगलुरु अंतराष्ट्रीय हवाई अड्डा मंगलुरु
  • एयर इण्डिया ज्यादातर अन्तराष्ट्रीय स्तर पर सेवाएँ उपलब्ध कराता है। तथा दूसरी प्रमुख इण्डियन एयर लाइंस पडोसी देशो वे घरेलू सेवाए देता है।
  • इन सबके अलावा पवन हंस भारत की अग्रणी हेलीकाँप्टर कम्पनी है।
  • भारत में वर्तमान में करीब 40 से अधिक राष्ट्रीय हवाई अड्डे है जो घरेलू सेवाओ के संम्पादन करने में मदद करते हैं।

 रेल परिवहन – (Rail Transport)

  • भारतीय रेल भारतीय यातायात व्यवस्था की रीढ है। यह एशिया की सबसे बड़ी व विश्व की दूसरी सबसे बड़ी रेल व्यवस्था है।
  • भारतीय रेल व्यवस्था का इतिहास करीब 166 वर्ष पुराना है इसकी शुरुआत अप्रैल 1853 में मुम्बई से थाणे के बीच 34 कि0मी0 प्रथम रेल यात्रा से हुई थी
  • विश्व की पहली रेलगाड़ी सन् 1825 में लीवरपुल से मेनचेस्टर ( इंग्लैण्ड )  में चलाई गयी थी।
  • पहली बार सन् 1924-25 में रेल बजट को राजस्ब व वित्त बजट से अलग पेश किया गया तथा यह व्यवस्था फिर से फरवरी 2019 से पूर्ववत कर दी गई है।
  • रेलवे बोर्ड द्वारा रेल व्यवस्था को सुचारु रुप से चलाने के लिए भारतीय रेलवे बोर्ड द्वारा रेल प्रशासन तथा प्रबन्ध की जिम्मेवारी हेतू रेलवे को 17 मंडलो में बाटा गया है। जो इस प्रकार है
रेलबे बोर्ड मुख्यालय
1.     उत्तर रेलवे नई दिल्ली
2.     दक्षिण रेलवे चेन्नई
3.     मध्य रेलवे मुम्बई
4.     पूर्व रेलवे कोलकाता
5.     द0 मध्य रेलवे सिकन्दराबाद
6.     द0 पूर्व रेलवे कोलकाता
7.     उ0 पूर्वी सी0 रेलवे मालेगांव
8.     उ0 मध्य रेलवे इलाहाबाद
9.     द0प0 रेलवे हुबली
10. पूर्वात्तर रेलवे गोरखपुर
11. पूर्व मध्य रेलवे हाजीपुर
12. प0 मध्य  रेलवे जबलपुर
13. उ0 प0 रेलवे जयपुर
14. द0 पूर्व मध्य रेलवे बिलासपुर
15. कोलकाता मेट्रो रेल कोलकाता
16. पूर्व तट रेलवे भुवनेश्वर
17. पश्चिम रेलवे चर्च गेट मुम्बई

भारतीय रेल की क्षमता

  • भारतीय़ रेल का रेल नेटवर्क पूरे देश के कोने – कोने में फैला हुआ है तथा इसकी कुल लम्बाई 66,030  कि0मी0 है। तथा विधुतकृत रेलमार्ग की लम्बाई 22,224 कि0मी0 है।
  • वर्तमान समय में भारतीय रेलवे के अन्तर्गत कुल 7,172 छोटे व बड़े स्टेशन आते हैं।
  • एक आकड़े के अनुसार भारतीय रेल से भारत की कुल आबादी का 1.5 प्रतिशत हिस्सा प्रतिदिन लाभान्वित होता है।
  • देश का सबसे लम्बा प्लेटफार्म गोरखपुर ( उ0प्र0 )  में है इससे पहले सबसे लम्बा प्लेटफार्म का रिकार्ड खड़गपुर ( प0 बंगाल ) था।
  • भारत की सबसे तेज गति से चलने वाली ट्रेन गतिमान ऐक्सप्रेस है जोकि आगरा से दिल्ली के बीच संचालित है यह दोनो स्टेशनो की दूरी को 100 मिनट में पूरा करती है तथा इसकी रफ्तार 160 कि0मी0 प्रति घण्टा से अधिक है।
  • देश की सबसे लम्बी दूरी तय करने वाली ट्रेन विवेक एक्सप्रेस है, यह डिब्रूगढ़ ( असम ) से कन्याकुमारी  (तमिलनाडु) जाती है। इस दौरान ट्रेन 4286 कि0मी0 दूरी तय करती है। इससे पहले हिमसागर एक्सप्रेस जो जम्मू- तवी से कन्याकुमारी (3726 कि0मी0) जाती है। दूसरी सबसे लंबी दूरी तय करने वाली ट्रेन है।
  • भारतीय रेल के पास कई लग्जरी ट्रेने भी है जिनमें महाराजा एक्सप्रेस, पैलेस आन व्हील, द गोल्डन चैरीयट , द डेक्कन ओडिसी आदि है जोकि काफी राजशाही गाडिया है जिनके सफर के लिए लोग लाखो की कीमत चुकाते हैं। अब नई टी-18 ट्रेन भी कुछ इसी प्रकार की लग्जरी ट्रेन है जोकि ट्रायल बेस पर है।

अन्य महत्वपूर्ण बिन्दु

कोलकाता मेट्रो रेल : कोलकाता मेट्रो की शुरुआत 24 अक्टूबर 1984 ई0 को हुई । जिसकी कुल लम्बाई 27.50 कि0मी0 लम्बी भूमिगत व्यस्वथा

दिल्ली मेट्रो रेल : इसकी शुरुआत 25 दिसम्बर 2002ई0 में पहली रेल तीस हजारी से शाहदरा के बीच में चलाकर की गई  इस परियोजना में  जापान व कोरिया की कंपनियों के सहयोग से इसे विकसित किया गया। इस समय यह दिल्ली परिवहन की रीढ बन चुकी है तथा देश की सभी मेट्रो रेल में सबसे व्यस्त रेलवे है।

मुम्बई मेट्रो ट्रेन : इसकी शुरुआत 8 जून 2014 में की गई।  

नोट : इसी क्रम में कई अन्य शहरो में जैसे बेगलूरु, जयपुर, अब लखनऊ में भी मेट्रो सेवाये शुरु हो चुकी है तथा बेहतर कार्य कर रही हैं। तथा देश में जल्द ही बुलेट ट्रेन भी दौड़ती हुई दिखेगी वह अपने ट्रायल बेस पर कार्य कर रही है साथ ही डबल डेकर टेन भी अभी ट्रायल बेस पर ही है।

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