हिन्दी भाषा, व्याकरण को आसानी से समझे

नमस्कार दोस्तो, HTIPS की इस पोस्ट में हम हिंदी विषय के पहले महत्वपूर्ण अध्याय हिंदी भाषा, व्याकरण को पड़ेगेे।

जिसको पड़कर आप हिंदी भाषा को समझकर इसके मुख्य अवयवो को समझ पाएंगे।

इस पोस्ट में दी गयी सभी जानकारी सभी परीक्षाओ के लिए महत्वपूर्ण है। अतः इस पोस्ट को पढ़कर आप।सरकारी परीक्षाओ के साथ अन्य परीक्षाओ के लिए हिंदी विषय की तैयारी कर सकते है।

हिंदी भाषा की व्याकरण को समझे

भावों और विचारों को व्यक्त करने का साधन भाषा हैं।

यह उच्चारण अवयवों से निःसृत सार्थक ध्वनि समूह हैं, जिसके दो रूप होते हैं।

  • मौखिक
  • लिखित

भाषा की प्रमुख विशेषताएं निम्नलिखित हैं।

  1. भाषा अर्जित सम्पति हैं।
  2. भाषा सामाजिक वस्तु हैं।
  3. भाषा निरन्तर परिवर्तनशील हैं।
  4. भाषा नियमबद्ध होती हैं।
  5. एक भाषा के अंतर्गत कई बोलियां होती हैं।
  6. भाषा का प्रयोग विस्तृत क्षेत्र हैं, जबकि बोली का प्रयोग सीमित क्षेत्र में होता हैं।

हिंदी भाषा के संबंध में आवश्यक जानकारी

  • हिंदी बोलने वालों की संख्या लगभग 60 करोड़ हैं।
  • भारत के बहुसंख्यक लोगों की भाषा होने के कारण हिंदी भारत की राष्ट्रभाषा हैं।
  • हिंदी भाषा का प्रारंभ 1000 ईस्वी से माना जाता हैं।
  • हिंदी को भारत के संविधान के भाग-17 अध्याय-1 की धारा 343 (1) के अनुसार भारत संघ की राजभाषा घोषित किया गया हैं।
  • विश्व में हिंदी तीसरे स्थान पर हैं, हिंदी से अधिक बोली जाने वाली भाषा अंग्रेजी एवं चीनी पहले स्थान पर हैं, जिसे 116 करोड़ लोग बोलते हैं।
  • हिंदी देवनागरी लिपि में लिखी जाती हैं, देवनागरी लिपि का विकास ब्राही लिपि की उत्तरी शाखा से हुआ जिसे नागरी कहा जाता था, बाद में देव भाषा संस्कृत के लिए यह लिपि प्रयुक्त होने लगी अतः इसका नाम देवनागरी हो गया।

जरूर देखें – सामान्य ज्ञान के महत्वपूर्ण प्रश्न उत्तर

हिंदी की बोलियां

हिंदी के अंतर्गत पाचँ उपभाषाएँ एवं अठारह बोलियां सम्मिलित हैं। इनका विवरण निम्नवत हैं।

1. पश्चिमी हिन्दी

  • ब्रज भाषा।
  • खड़ी बोली।
  • कन्नौजी।
  • बांगरू।
  • बुन्देली।

2. पूर्वी हिन्दी

  • अवधि।
  • बघेली।
  • छत्तीसगढ़ी।

3. बिहारी हिन्दी

  • मैथिली।
  • मंगही।
  • भोजपुरी।

4. राजस्थानी हिन्दी

  • मेवाती।
  • मालवी।
  • मारवाड़ी।
  • जयपुरी।

5. पहाड़ी हिन्दी

  • गढ़वाली।
  • कुमायूंनी।
  • नेपाली।

हिंदी का क्षेत्र

हिंदी भारत के निम्न प्रान्तों में बोली जाती हैं।

उत्तरप्रदेश, उत्तरांचल, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान, बिहार, झारखंड, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़।

  • हिंदी की देवनागरी वर्णमाला में कुल 52 वर्ण हैं, जिनमें 11 स्वर हैं, 39 व्यंजन, एक विसर्ग और एक अनुस्वर हैं।व्यंजनों का वर्गीकरण स्थान एवं प्रयत्न के आधार पर किया जाता हैं।

स्थान के आधार पर व्यजनों का वर्गीकरण इस प्रकार किया गया हैं।

  • कंठय – क, ख, ग, घ, ड.
  • तालव्य – च, छ, ज, झ,
  • मूर्धन्य – ट, ठ, ड, ढ, ण,
  • दन्त्य – त, थ, द, ध, न,
  • ओष्ठ्य – प, फ, ब, भ, म,
  • अन्तस्थ – य, र, ल, व,
  • उष्म – श, ष, स, ह,
  • संयुक्त व्यंजन – त्र, ज्ञ, श्र
  • द्विगुण व्यंजन – ड, ढ

इन व्यंजनों के अतिरिक्त हिंदी देवनागरी लिपि में निम्न स्वर हैं।

स्वर:- अ, आ, इ, ई, उ, ऊ, ऋ, ए, ऐ, ओ, औ,

अनुस्वर:- अं

  • मानक हिंदी का मूल आधार खड़ी बोली हैं, यह शिक्षा, साहित्य, समाचार पत्र, रेडियो, दूरदर्शन की भाषा हैं।
  • हिंदी भारत के अतिरिक्त उन देशों में भी बोली जाती हैं जहां प्रवासी भारतीय प्रचुर मात्रा में रहते हैं, ऐसे देशों में मुख्य हैं – नेपाल, मॉरीशस, त्रिनिडाड, फिजी, लंका, म्यांमार, मलाया, सूरीनाम, और दक्षिण अफ्रीका।
  • आज हिंदी की प्रतिद्वंदिता किसी भरतीय भाषा से न होकर अंग्रेजी से हैं, अंग्रेजी का प्रयोग भी सरकारी कामकाज में हो रहा हैं यघपि अब बहुत सारे विभाग हिन्दी में काम काज करने लगे हैं।

संज्ञा

संज्ञा की परिभाषा:- किसी प्राणी, वस्तु या स्थान के नाम को संज्ञा कहते हैं।

जैसे:- राम, पुस्तक, आगरा।

संज्ञा के भेद:- संज्ञा तीन प्रकार की होती हैं।

  1. व्यक्ति वाचक संज्ञा – राम, पुस्तक, पेन, हिमालय।
  2. जाती वाचक संज्ञा – लड़की, स्त्री, पर्वत, नदी।
  3. भाववाचक संज्ञा – क्रोध, प्रेम, घृणा, ईष्या।

सर्वनाम

सर्वनाम की परिभाषा:- संज्ञा के स्थान पर प्रयुक्त होने वाले शब्द सर्वनाम कहलाते हैं।

जैसे:- मैं, हम, तुम, वे, हम, आप, आदि।

सर्वनाम के भेद:- सर्वनाम के छः भेद बताए गए हैं।

यथाः

(1). पुरुष वाचक

  • उत्तम पुरुष – मैं, हम
  • माध्यम पुरुष – तू, तुम, आप
  • अन्य पुरुष – वह, वे

(2). निश्चित वाचक

  • निकटवर्ती – यह, ये
  • दूरवर्ती – वह, वे

(3). अनिश्चय वाचक

  • प्राणि बोधक – कोई
  • वस्तु बोधक – कुछ
  • सम्बन्ध वाचक – जो, सो

(4). प्रश्न वाचक

  • प्राणि बोधक – कौन

(5). निज वाचक

  • वस्तु बोधक – क्या, आप

लिंग

लिंग से संज्ञा की जाती का बोध होता हैं कि वह पुरुष हैं या स्त्री।

हिंदी में दो लिंग होते हैं।

  1. पुल्लिंग
  2. स्त्रीलिंग

वचन

वचन से संज्ञा की संख्या का बोध होता हैं।

हिंदी में दो वचन हैं।

  1. एकवचन
  2. बहुवचन

कुछ शब्दों का प्रयोग सदैव बहुवचन में ही होता हैं।

जैसे:-

  • प्राण – शेर को देखते ही उसके प्राण निकल गए।
  • आंसू – आंखों से आंसू बहने लगे।
  • दर्शन – मैंने देवी के दर्शन के लिए।
  • बाल – बाल कटा लिए।
  • हस्ताक्षर – मैंने हस्ताक्षर कर दिए।
  • आदरणीय व्यक्तियों के लिए बहुवचन का प्रयोग होता हैं,

कारक

हिन्दी में आठ कारक हैं, इनके कारक चिन्ह इस प्रकार हैं।

  • कारक – कारक चिन्ह
  • कर्ता – ने
  • कर्म – को
  • करण – से, के द्वारा
  • सम्प्रदान – के लिए
  • अपादान – से
  • संबंध – का, की, के
  • अधिकरण – में, पर
  • सम्बोधन – हे – अरे

विशेषण

विशेषण की परिभाषा:- संज्ञा या सर्वनाम की विशेषता बतलाने वाले शब्द विशेषण कहलाते हैं, यथा – मोटा, गोरा, पतला, अच्छा, सुंदर, लाल।

विशेषण के भेद:- विशेषण 4 प्रकार के होते हैं।

(1). सार्वनामिक विशेषण:- विशेषण के रूप में प्रयुक्त होने वाले सर्वनाम को सार्वनामिक विशेषण कहा जाता हैं।

जैसे:- यह घर, वह किताब, कोई आदमी, ऐसा आदमी

यहाँ – यह, वह, कोई, ऐसा, सार्वनामिक विशेषण हैं।

(2). गुण वाचक विशेषण:- गुण का बोध कराने वाले विशेषण इस वर्ग में आते हैं।

जैसे:- नया, पुराना, ताजा, नवीन, प्राचीन।

लाल, नीला, पीला, कला, हरा।

मोटा, पतला, नीला, सूखा, युवा, वृद्ध।

अच्छा, बुरा, भला, सच्चा, झूठा, सीधा, सरल।

गोल, चौकोर, तिकोना, बड़ा, लम्बा, नुकीला, चौड़ा, पतला।

(3). संख्या वाचक विशेषण:– संख्या का बोध कराने वाले विशेषण इस वर्ग में आते हैं।

जैसे:- दस, बीस, पचास, सो, कुछ, कई।

(4). परिमाण बोधक विशेषण

जैसे:- दस किलो, पांच क्विंटल, थोड़ा, बहुत, कुछ।

क्रिया

क्रिया की परिभाषा:- वाक्य में जिस शब्द से किसी कार्य के होने या करने का बोध होता हैं, उसे क्रिया कहते हैं।

जैसे:- करना, खाना, पीना, सोना, बैठना, लेटना, जाना।

क्रिया के मूल रूप को धातु कहते हैं, सभी क्रियाएं धातुओं से बनती हैं, धातु में प्रत्यय जोड़कर क्रिया बनाई जाती हैं।

क्रिया के भेद

(अ). अकर्मक क्रिया:- इस क्रिया का कर्म नहीं होता।

जैसे:-

  • राधा रोती हैं।
  • सीता हंसती हैं।

(ब). सकर्मक क्रिया:- इस क्रिया का कर्म होता हैं, या हो सकता हैं।

जैसे:-

  • मोहन फल खाता हैं।
  • राधा गीत गाती हैं।

(स). सहायक क्रिया:- मुख्य क्रिया के साथ प्रयुक्त होने वाली वह क्रिया जो वाक्य के अर्थ को स्पष्ट करने या पूर्ण करने में सहायता पहुँचाती हैं, सहायक क्रिया कहलाती हैं।

जैसे:-

  • वे घर जा रहे हैं।
  • मोहन गीत पड़ता हैं।
  • तुम खेल रहे थे।

(द). पूर्णकालिक क्रिया:- एक क्रिया को समाप्त करने के बाद जब कर्ता दूसरी क्रिया करता हैं, तो पहली वाली क्रिया को पूर्णकालिक क्रिया कहा जाता हैं।

जैसे:-

  • वह खाना खाकर सो गया।
  • वह आगरा जा कर लौट आया।
  • वह रो-रोकर सो गया।

(य) सयुक्त क्रिया:- जब कोई क्रिया दो क्रियाओं के मेल से बनती हैं, तो उसे संयुक्त क्रिया कहते हैं।

जैसे:-

  • वह खेलती-कूदती रहती हैं।
  • वह उठ बैठा।
  • बन्दर पेड़ पर चढ़ गया।
  • मैंने त्याग पत्र दे डाला।
  • यह किताब मैंने पढ़ ली।

वाक्य

वाक्य तीन प्रकार के होते हैं।

अ. प्रयोग:- वाक्य में क्रिया कर्ता, कर्म या भाव में से किसका अनुसरण कर रही हैं, इस आधार पर वाक्यों के तीन भेद माने गए जिन्हें प्रयोग कहा जाता हैं।

ब. कर्तरी प्रयोग:- जिन वाक्यों में क्रिया के लिंग एवं वचन कर्ता का अनुसरण करते हैं, वे कर्तरी प्रयोग होते हैं।

  • जैसे:- सीता गीत गाती हैं।
  • लड़के गीत गाते हैं।

स. कर्मणि प्रयोग:- इन वाक्यों में क्रिया के लिंग एवं वचन कर्म का अनुसरण करते हैं।

जैसे:-

  • लड़के ने पाठ पढ़ा।
  • लड़के ने किताब पढ़ी।

द. भावे प्रयोग:- जब वाक्य की क्रिया के लिंग एवं वचन कर्ता या कर्म का अनुसरण न करके सदैव पुल्लिंग, एक वचन और अन्य पुरुष में होते हैं, तब वहां भावे प्रयोग होता हैं।

जैसे:-

  • सोहन से बोला नहीं जाता।
  • लड़की से गाया नहीं जाता।

काल

क्रिया के जिस रूप से कार्य व्यापार समय का तथा उसकी पूर्णता या अपूर्णता का बोध होता हैं, उसे काल कहते हैं।

काल तीन प्रकार के होते हैं।

(अ). वर्तमान काल:- इसके पांच भेद होते हैं।

  1. सामान्य वर्तमान:- वह जाता हैं।
  2. तात्कालिक वर्तमान:- वह जा रहा हैं।
  3. पूर्ण वर्तमान:- वह जा चुका हैं।
  4. संदिग्ध वर्तमान:- वह जाता होगा।
  5. सम्भाव्य वर्तमान:- वह जाता हो।

(ब). भूतकाल:- इसके छः भेद हैं।

  1. सामान्य भूतकाल:- राधा गई।
  2. आसन्न भूतकाल:- राधा गई हैं।
  3. पूर्ण भूतकाल:- राधा गई थी।
  4. अपूर्ण भूतकाल:- राधा जा रही थी।
  5. संधिग्ध भूतकाल:- राधा गई होगी।
  6. हेतुहेतुमद भूतकाल:- राधा जाती।

(स). भविष्य काल:- इसके तीन भेद हैं।

  1. सामान्य भविष्यत:- मोहन पढ़ेगा।
  2. सम्भाव्य भविष्यत:- सम्भव हैं मोहन पढ़े।
  3. हेतुहेतुमद भविष्यत:- यदि समय मिले तो मोहन पढ़े।

अव्यय

अव्यय की परिभाषा:- वे शब्द जिनका मूल रूप स्थिर रहता हैं तथा लिंग, वचन, पुरुष, काल, आदि के कारण जिनमें कोई विकार नहीं आता अव्यय कहलाते हैं।

जैसे:- आज, परसों, धीरे-धीरे, इधर-उधर, प्रतिदिन, ठीक, काफी आदि।

अव्यय के भेद:- अव्यय चार प्रकार के होते हैं।

  1. क्रिया विशेषण
  2. सम्बन्ध बोधक अव्यव
  3. समुच्चय बोधक अव्यव
  4. विषमय बोधक अव्यव

1. क्रिया विशेषण अव्यय

क्रिया की विशेषता बताने वाले शब्दों को क्रिया विशेषण कहते हैं।

  • स्थान वाचक – यहां, वहां, भीतर, बाहर, इधर, उधर।
  • काल वाचक – आज, कल, अभी, रात भर, दिन भर, आजकल, प्रतिदिन।
  • परिमाण वाचक – बहुत, थोड़ा, ज्यादा, यथेष्ट, काफी, ठीक, कम, अधिक, थोड़ा-थोड़ा।
  • रीति वाचक – ऐसे, वैसे, कैसे, अचानक, अवश्य, इसलिए, यथासम्भव।

2. सम्बन्ध बोधक अव्यय

वे अव्यय जो किसी संज्ञा के बाद आकर उस संज्ञा का सम्बन्ध वाक्य के दूसरे शब्दों से दिखाते हैं, इस वर्ग में आते हैं।

जैसे:- कुछ प्रमुख सम्बंध बोधक अव्यय निम्न हैं।

अपेक्षा, समान, भीतर, पूर्व, पहले, आस-पास, भरोसा, मात्र, पर्यन्त, भर, सामने, तक, बदले, सहित।

3. समुच्चय बोधक अव्यय

दो वाक्यों को जोड़ने वाले शब्द समुच्चय बोधक अव्यय होते हैं।

जैसे:- और, तथा, एवं या, अथवा, वा पर, परन्तु, लेकिन, किंतु, मगर, अतः, अतएव, इसलिए।

4. विस्मयादिबोधक अव्यय

वे अव्यय जो हर्ष, घृणा, शोक आदि भाव व्यंजित करते हैं, इस वर्ग में आते हैं, यथा – वाह, ओह, हाय, ऐ, क्या, हां, जिहां, ठीक, अच्छा, छि, अरे।

हिंदी भाषा और व्याकरण के वस्तुनिष्ठ प्रश्न उत्तर

प्रश्न 1. इनमें से कौन सा कथन असत्य हैं?

(a). भाषा का क्षेत्र बोली से विस्तृत है।

(b). एक भाषा की कई बोलियां होती हैं।

(c). भाषा अर्जित सम्पति हैं।

(d). दो भाषाओं में बोधगम्यता होती हैं।

उत्तर:- दो भाषाओं में बोधगम्यता होती हैं।

प्रश्न 2. हिन्दी भाषा का प्रारम्भ कब से माना जाता हैं?

(a). 1000 ईस्वी.

(b). 1500 ईस्वी.

(c). 1800 ईस्वी.

(d). 700 ईस्वी.

उत्तर:- 1000 ईस्वी.

प्रश्न 3. इनमें से कौन पश्चिमी हिंदी की बोली नहीं हैं?

(a). बघेली

(b). ब्रज भाषा

(c). बांगरू

(d). बुन्देली

उत्तर:- बघेली।

प्रश्न 4. हिन्दी भारत के कितने राज्यों की राजभाषा हैं?

(a). आठ

(b). दस

(c). बारह

(d). तेईस

उत्तर:- दस

प्रश्न 5. हिन्दी बोलने वालों की अनुमानित संख्या कितनी हैं?

(a). 100 करोड़

(b). 60 करोड़

(c). 35 करोड़

(d). 40 करोड़

उत्तर:- 60 करोड़।

प्रश्न 6. मानक हिन्दी का विकास किस बोली से हुआ?

(a). ब्रज भाषा

(b). अवधि

(c). उर्दू

(d). खड़ी बोली

उत्तर:- खड़ी बोली।

प्रश्न 7. हिन्दी की देवनागरी वर्णमाला में कुल कितने वर्ण हैं?

(a). 50

(b). 51

(c). 52

(d). 60

उत्तर:- 52

प्रश्न 8. इनमें से कौन संयुक्त व्यंजन नहीं हैं?

(a). त्र

(b). ऋ

(c). श्र

(d). ड.

उत्तर:- ऋ

प्रश्न 9. इनमें से हिन्दी बोलने वाले किस देश में नहीं हैं?

(a). मॉरीशस

(b). श्रीलंका

(c). त्रिनिडाड

(d). फिजी

उत्तर:- श्रीलंका।

प्रश्न 10. देवनागरी लिपि का प्रयोग किस भाषा को लिखने के लिए नहीं होता?

(a). मराठी

(b). हिन्दी

(c). पालि

(d). बंगला

उत्तर:- बंगला।

प्रश्न 11. इनमें से कौन व्यक्ति वाचक संज्ञा नहीं हैं?

(a). लड़की

(b). हिमालय

(c). युमना

(d). रामायण

उत्तर:- लड़की।

प्रश्न 12. कवि का सही स्त्रीलिंग इनमें से क्या हैं?

(a). कवयित्री

(b). कवित्री

(c). कवियित्री

(d). कवियत्री

उत्तर:- कवयित्री।

प्रश्न 13. इनमें से भाववाचक संज्ञा कौन-सी हैं?

(a). स्त्री

(b). घृणा

(c). आंसू

(d). पर्वत

उत्तर:- घृणा।

प्रश्न 14. इनमें से कौन सा सर्वनाम पुरुष वाचक नहीं हैं?

(a). वह

(b). कोई

(c). आप

(d). हम

उत्तर:- कोई।

प्रश्न 15. इनमें से अनिश्चिय वाचक सर्वनाम कौन-सा हैं?

(a). कुछ

(b). यह

(c). तुम

(d). क्या

उत्तर:- कुछ।

प्रश्न 16. इसमें से गुण वाचक विशेषण कौन सा नहीं हैं?

(a). मोटा

(b). काला

(c). नवीन

(d). पचास

उत्तर:- पचास।

प्रश्न 17. ‘उठ बैठा’ किस प्रकार की क्रिया हैं?

(a). अकर्मक

(b). सकर्मक

(c). संयुक्त क्रिया

(d). पूर्णकालिक

उत्तर:-  संयुक्त क्रिया।

प्रश्न 18. इनमें से कौन अलग वर्ग का हैं?

(a). कर्तवाच्य

(b). कर्तरी प्रयोग

(c). कर्मणि प्रयोग

(d). भावे प्रयोग

उत्तर:- कर्तवाच्य।

जरूर देखें – सरकारी परीक्षाओ के लिए तर्कशक्ति के महत्वपूर्ण अध्याय

आशा है HTIPS कि यह पोस्ट हिंदी भाषा, व्याकरण आपको पसंद आएगी। और इस पोस्ट को पड़कर आप आसानी से हिंदी भाषा और व्याकरण को समझ पाएंगे।

यदि हिंदी भाषा और व्याकरण से सम्बंधित कोई प्रश्न है तो Comments में जरूर पूछें।

हिन्दी भाषा, व्याकरण को आसानी से समझे
Rate जरूर करें

Written by Admin

I am professional Blogger at HTIPS. HTIPS is a Blog which provides information about Internet, technology, Earn Money, Study and Remedies Etc. in Hindi Language.

Leave a Comment

You have to agree to the comment policy.

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.