प्रायिकता

प्रायिकता के सूत्र, नियम और उदाहरण

Last Updated on May 12th, 2020 by Bhupendra Singh

इस पेज पर आप गणित के महत्वपूर्ण अध्याय प्रायिकता के बारे में समस्त जानकारी विस्तार से पढ़ेंगे क्योकि समस्त गवर्मेन्ट परीक्षाओं में प्रायिकता से संबंधित 2 प्रश्न पूछे ही जाते हैं।

पिछली पोस्ट में हमने गणित के महत्वपूर्ण अध्याय की जानकारी शेयर की है उसे जरूर पढ़े।

चलिए अभी प्रायिकता को समझकर इसके प्रश्नो को हल करना सीखते है।

प्रायिकता

जब घटना की अनिश्चितताओ को अंकगणित के रूप में निरूपित किया जाता हैं तो उसे प्रायिकता कहा जाता हैं।

प्रायिकता को अग्रजी में Probability कहते है।

“किसी घटना के होने की सम्भावना (likelihood or chance) को प्रायिकता या संभाव्यता कहते हैं।”

विकिपीडिया के अनुसार

प्रतिदर्श समष्टि (Sample Space):

किसी प्रयोग के बार-बार किए जाने पर प्राप्त परिणामों के समुच्चय को प्रतिदर्श समष्टि कहते हैं उसे साधारण रूप से S या S के अवयवों की संख्या को n(S) से सूचित करते है।

जैसे: एक सामान्य पासे की फेंक में S = {1,2,3,4,5,6}

घटना (Event):

प्रतिदर्श समष्टि के प्रत्येक उपसमुच्च्य को एक घटना कहते हैं इसे साधारण रूप में E से सूचित किया करते हैं।

जैसे: एक सिक्के की उछाल में S {H, T}
यदि शीर्ष ऊपर आने की घटना E हो, तो E = {H} ⊆ S
यदि S प्रतिदर्श समष्टि हो, तो किसी घटना E की प्रायिकता P(E) = n(E)/n(S)
जहाँ n(E) = समुच्चय E के अवयवों की संख्या
n(E) = प्रतिदर्श समष्टि S के अवयवों की संख्या

दूसरे शब्दों में, P(E) = (E के पक्ष में तरीके)/कुल तरीके

जैसे : यदि एक पासा फेंका जाए, तो चूंकि पासे पर 6 अंक लिखे रहते हैं तथा इनमें से कोई भी अंक ऊपर आ सकता हैं।
अतः प्रतिदर्श समष्टि S में अवयवों की संख्या = n(S) = 6
अब संख्या 3 के ऊपर आने की घटना यदि E हो, तो n(E) = 1
अतः ऊपर अंक 3 के आने की प्रायिकता P(E) = n(E)/n(S) = 1/6

किसी घटना में अवयवों की संख्या ज्ञात करना

गिनती का योग नियम: यदि E एक घटना है जो घटना E1 या E2 में से किसी एक के घटाने से घटती हैं।

n(E) = n(E1) + n(E2)

गिनती का गुणन नियम: यदि E एक घटना है, जो घटना E1 एवं E2 दोनों के एक साथ घटाने से घटती हैं।

n(E) = n(E1) × n(E2)

क्रमचय: यदि कोई घटना E तभी घटित होती हैं, जब n विभिन्न वस्तुओं में r वस्तुएं सजाई जाती हैं।

n(E) = nPr = n!/(n – r)!

संचय: यदि कोई घटना E तभी घटित होती हैं, जब n विभिन्न वस्तुओं में से r वस्तुएं चुनी जाती हैं।
n(E) = nCr = n!/r!( n – r)!

जरूर पढ़िए :

परस्पर अपवर्जी घटनाएं (Mutually Exclusive Events)

किसी प्रतिदर्श समष्टि (Sample Space) की दो घटनाएं E1 तथा E2 एक साथ नहीं घटित होती हैं तो इन घटनाओं को परस्पर अपवर्जी घटनाएं कहाँ जाता हैं, जिसमें E1 ∩ E2 = ∅ होता हैं।

जब E1 और E2 दो परस्पर अपवर्जी घटनाएं हैं तो घटना (E1 या E2) की प्रायिकता निम्न प्रकार से मालूम किया जा सकता हैं।

P(E1 ∩ E2) = P(E1) + P(E2)

लेकिन जब E1 तथा E2 दो परस्पर अपवर्जी घटनाएं नहीं हों, तो घटना (E1 या E2) की प्रायिकता निम्न प्रकार से मालूम किया जा सकता हैं।

P(E1 ∪ E2) = P(E1) + P(E2) – P(E1 ∩ E2)

Mathematics Ebook in Hindi

स्वतंत्र घटना (Independent Event)

यदि दो घटनाओं का घटित होना या नहीं घटित होना एक दूसरे पर निर्भर न हो, तो उन्हें स्वतंत्र घटनाएं कहते हैं।

दूसरे शब्दों में, घटनाओं A और B स्वतंत्र होंगी यदि P(A ∩ B) = P(AB) = P(A)P(B)

जैसे यदि एक सिक्के को दो बार उछाला जाए, तो पहली बार शीर्ष का आना दूसरी बार शीर्ष के आने से स्वतंत्र हैं।

परतंत्र घटना (Dependent Event)

यदि एक घटना का घटित होना दूसरी घटना पर निर्भर हो, तो ऐसी घटनाओं को परतंत्र घटनाएं कहते हैं।

जैसे ताश की एक गड्डी से एक पत्ता खींचा जाता हैं जिसे बाहर रखते हुए यदि दूसरा पत्ता खींचा जाए तो दूसरे पत्ते का निकला पहले पर निर्भर करेगा यानी पहले और दूसरे पत्ते का खींचा जाना परतंत्र घटनाएं हैं।

प्रतिबन्धी प्रायिकता (Conditional Probability):

यदि प्रतिदर्श समष्टि में दो घटनाएं A और B इस तरह हों कि A के घटने के बाद ही B घटती हो, तो A घटने के बाद B के घटने की इस प्रायिकता को P(B/A) लिखते हैं तथा इसे, इस प्रतिबन्ध पर कि A घट चुकी हैं, B की प्रतिबन्धी प्रायिकता कहते हैं।

P(B/A) = P(A ∩ B) / P(A)

जैसे:- दो पासों के फैंकने के क्रम में यदि A = पहले पासे पर 3 आने की घटना तथा B = दोनों पासों पर आई संख्याओ का योग 7 होने की घटना हो, तो B की प्रायिकता B की प्रतिबन्धी प्रायिकता होगी इस प्रतिबन्धी पर कि घटना A घट चुकी हैं।

प्रायिकता से संबंधित कुछ महत्वपूर्ण सूत्र:

1. P(A) + P(A’) = 1
जहाँ A कोई घटना हैं तथा A’ इसकी पूरक घटना हैं।

2. (a) घटना का अनुकूल संयोगानुपात E = P(E) : P(E’)
(b) घटना का प्रतिकूल संयोगानुपात E = P(E’) : P(E)

3. (a) यदि घटना का अनुकूल संयोगानुपात = a : b
तो P(E) = a/(a +b)
(b). यदि घटना E का प्रतिकूल संयोगानुपात = a : b
तो P(E) = b/(a + b)

4. यदि किसी प्रतिदर्श समष्टि S में A, B तथा C कोई तीन घटनाएं हो, तो
P(A∪B∪C) = P(A) + P(B) + P(C) – P(A∩B) – P(B∩C) – (A∩C) + P(A∩B∩C)

यदि A, B तथा C हो, तो
P(A ∩ B) = P(B ∩ C) = P(A ∩ C) = P(A ∩ B ∩ C) = 0
तथा P(A ∪ B ∪ C) = P(A) + P(B) + P(C)

ताश तथा ब्रिज से सम्बंधित बातें

  • ताश की एक गद्दी में 52 पत्ते होते हैं।
  • इनमें 26 लाल और 26 काले रंग के पत्ते होते हैं।
  • 26 लाल रंग के पत्तों में से 13 लाल पान और 13 ईंट के होते हैं।
  • 26 काले रंग के पत्तों में से 13 काला पान और 13 चिड़िया के होते हैं।
  • लाल पान, ठीकरी, काला पान ज़ चिड़िया में से प्रत्येक में एक-एक झक्का होता हैं अर्थात ताश की गद्दी में कुल चार इक्के होते है इसी प्रकार चार बादशाह चार बेगम और चार गुलाम होते हैं।
  • ब्रिज के खेल में चार खिलाड़ी होते हैं और प्रत्येक को 13 पत्ते मिलते हैं ब्रिज के खेल में प्रेत्यक रंग के लिए 5 पत्ते होते हैं।
  • ब्रिज के खेल में चार खिलाड़ी होते हैं और प्रत्येक को 13 पत्ते मिलते हैं ब्रिज के खेल में प्रत्येक रंग के लिए 5 पत्ते होते हैं।

जरूर पढ़िए :

प्रायिकता से सम्बन्धित प्रश्न उत्तर

Q.1 एक सिक्के के उछाल में टेल आने की प्रायिकता क्या हैं?
A. 1/2
B. 1
C. 2/1
D. 2

हल: प्रश्नानुसार,
सिक्के के उछाल में Head आने की प्रायिकता
सिक्के में Head या Tail होता हैं।
S = {H, T}, E = {T}
P(E) = n(E)/n(S)
P(E) = 1/2
Ans. 1/2

Q.2 एक साधारण पासे को फेंका जाता हैं संभाविता मालूम कीजिए कि चार का अंक ऊपर आए।
A. 1/4
B. 1/6
C. 1/2
D. 1/8

हल: प्रश्नानुसार,
पासे पर 1, 2, 3, 4, 5, 6 तक अंक होते हैं जिनमें से किसी भी एक के ऊपर आने की संभावना समान हैं।
S = {1, 2, 3, 4, 5, 6} तथा n(S) = 6
माना कि,
E = {4 का अंक ऊपर आने की घटना}
n(E) = 1
अतः घटना E की संभाविता P(E) = n(E)/n(S) = 1/6
Ans. 1/6

Q.3 यदि एक पासे को 18 बार फेंका जाए तो कितने बार 2 के आने की प्रायिकता हैं?
A. 2 बार
B. 6 बार
C. 3 बार
D. 9 बार

हल: प्रश्नानुसार,
पासे को एक बार फेंके जाने पर 2 अंक आने की प्रायिकता = 1/6
पासे की प्रत्येक फेंक परस्पर अपवर्जी हैं।
तो 18 पासे फेंके जाने पर 2 आने की प्रायिकता
= 1/6 + 1/6 + 1/6 + …….. 18
= 3 बार
Ans. 3 बार

Q.4 एक पर्स में 5 चांदी के एवं 2 सोने के सिक्के हैं एक दूसरे पर्स में 4 चांदी के और 3 सोने के सिक्के हैं किसी एक पर्स से एक सिक्का निकाला गया इसे चांदी का सिक्का होने की क्या प्रायिकता हैं?
A.19/47
B. 17/42
C. 9/49
D. 20/49

हल: प्रश्नानुसार,
पहले पर्स से 1 सिक्का निकालने पर चाँदी होने की संभावना = 5/7
दूसरे पर्स से 1 सिक्के निकालने पर चाँदी होने की संभावना = 4/7
संयुक्त रूप से चांदी होने की संभावना = (5×4)/(7×7)
= 20/49
Ans. 20/49

Q.5 20 हरा और 15 लाल गेंद एक बर्तन में डाले जाते हैं एक हरा गेंद को चुनने की संभावना कितनी हो सकती हैं?
A. 3/7
B. 3/7
C. 4/7
D. 5/7

हल: प्रश्नानुसार,
कुल गेंद = 50 + 15
एक हरा गेंद चुनने की संभावना
= 20C1/35C1
= 20/35
= 4/7
Ans. 4/7

प्रायिकता से सम्बन्धित महत्वपूर्ण प्रश्न उत्तर

Q.6 एक दर्जन संतरे वाले एक डिब्बे में एक तिहाई संतरे खराब हो गए हैं यदि इस डिब्बे में से किसी भी तीन संतरों को बाहर निकाला जाता हैं, तो निकाले गए इन तीन संतरों में से कम से कम एक संतरा अच्छा होगा, इसकी संभावना कितनी हैं?
A. 54/55
B. 45/55
C. 1/55
D. 3/55

हल: प्रश्नानुसार,
तीन संतरे निकालने के कुल प्रकार = 12 C3
= (12 × 11 × 10)/(3 × 2 × 1)
= 220
खराब संतरे = 12 × 1/3
= 4 संतरे
एक भी अच्छा संतरा नहीं होने का कुल प्रकार = 4C3
= (4 × 3 × 2)/(3 × 2)
= 4
कम से कम एक अच्छा संतरा होने की प्रायिकता = 1 – 4/220
= (220 – 4)/220
= 54/55
Ans. 54/55

Q.7 52 पत्तों की एक गद्दी में से दो पत्ते निकाले गए, तो निकाले गए पत्ते दो इक्के होंगे इसकी क्या संभावना हैं?
A. 2/245
B. 1/218
C. 4/1569
D. 1/221

हल: प्रश्नानुसार,
52 से 2 पत्ते निकालने के कुल प्रकार = 52C2
= (52 × 51)/2 × 1
= 1326
4 में से दो इक्के निकालने के कुल प्रकार = 4C2
= (4 × 3)/(2 × 1)
= 12/2
= 6
दो इक्के होने की संभावना
= 6/1326
= 1/221
Ans. 1/221

Q.8 तीन सिक्के उछाले जाते हैं, कम से कम एक चित्त आने की क्या प्रायिकता हैं?
A. 1/8
B. 1/2
C. 7/8
D. 1/3

हल: प्रश्नानुसार,
तीन सिक्के उछाले जाने पर कुल घटनाएं = 2
= 8
कम से कम 1 चित्त (Head) आने की अनुकूल घटनाएं = {HTT, THT, TTH, HHT, HTH, TTH, HHH}
= 7
अभीष्ट प्रायिकता = 7/8
Ans. 7/8

Q.9 A 75% मामलों में सच बोलता हैं तथा B 60% मामलों में सच बोलते हैं दोनों का विरोधाभास होने की संभावना ज्ञात करें?
A. 25%
B. 75%
C. 45%
D. 84%

हल: प्रश्नानुसार,
A की सच बोलने की संभावना = 74/100
= 3/4
A के छूट बोलने की संभावना = 1 – 3/4
= 1/4
B के सच बोलने की संभावना = 60/100
= 3/5
B के झूठ बोलने की संभावना = 1 – 3/5
= 2/5
विरोधाभास तभी होगा जब एक बोलता हो तथा दूसरा झूठ,
अतः ऐसी संभावना = (3 × 2 × 1 × 3 × 9 × 100)/(4 × 5 × 4 × 4)
= 45%
Ans. 45%

Q.10 एक दिवसीय क्रिकेट टूर्नामेंट में भारत के भाग नहीं लेने की संभावना 25% हैं जबकि आस्ट्रेलिया के भाग नहीं लेने की संभावना 30% हैं दोनों में से किसी के भी भाग नहीं लेने की संभावना हैं?
A. 22/49
B. 28/40
C. 21/40
D. 25/40

हल: प्रश्नानुसार,
अभीष्ट संभावना
= (75 × 70)/(100 × 100)
= (3 × 7)/(4 × 10)
= 21/40
Ans. 21/40

Q.11 LEADER शब्द के अक्षरों को कितने विविध प्रकार से व्यवस्थित किया जा सकता हैं?
A. 360
B. 560
C. 430
D. 600

हल: प्रश्नानुसार,
अभीष्ट प्रकार = 6!/2!
(6 × 5 × 4 × 3 × 2 × 1) / (2 × 1)
= 360
Ans. 360

Q.12 स्वरों को हर बार साथ रखकर एवं वयंजन को भी हर बार साथ रखकर ORGANISE शब्द को अलग-अलग कितने प्रकार से क्रमबद्ध किया जा सकता हैं?
A. 900
B. 720
C. 576
D. 300

हल: प्रश्नानुसार,
कुल शब्द = 8,
स्वर = 4,
व्यंजक = 4
अभीष्ट प्रकार = (4! × 4!)
= 4 × 3 × 2 × 1 × 4 × 3 × 2 × 1
= 576

Q.13 शब्द DESIGN के अक्षरों को अलग-अलग कितनी तरह से क्रमबद्ध किया जा सकता हैं कि कोई भी वयंजन दो में से किसी भी छोर पर न हो?
A. 20
B. 56
C. 60
D. 48

हल: प्रश्नानुसार,
DESIGN में कुल 6 अक्षर हैं
कुल शब्द = 6, व्यंजक = 4
अभीष्ट प्रकार = 2 × 4!
= 2 × 4 × 3 × 2 × 1
= 48

Ans. 48

Q.14 किसी प्रतियोगिता में राम को पुरस्कार जीतने की संभावना 1/5 हैं, जबकि मोहन के पुरस्कार जीतने की संभावना 3/4 हैं, तो

(अ)दोनों के पुरस्कार जीतने की संभावना ज्ञात करें।
A. 1/12
B. 3/20
C. 1/5
D. 7/10

(ब) दोनों में से किसी के भी पुरस्कार नहीं जीतने की क्या संभावना हैं?
A. 1/5
B. 3/5
C. 4/9
D. 2/7

(अ)दोनों के पुरस्कार जीतने की संभावना ज्ञात करें।
हल:- TRICK :
1/5 × 3/4 = 3/20

(ब) दोनों में से किसी के भी पुरस्कार नहीं जीतने की क्या संभावना हैं?
हल:- TRICK :
(1 – 1/5) × (1 – 3/4)
4/5 × 1/4 = 1/5

Ans. 3/20 , 1/5

जरूर पढ़िए :

इस पेज पर आपने गणित के सबसे महत्वपूर्ण अध्याय प्रायिकता के बारे में पढ़ा।

जिसमें प्रायिकता के महत्वपूर्ण प्रश्न और विस्तार पूर्वक हल समझाया गया है।

उम्मीद करते हैं कि आपको ये Post पसंद आई होंगी।

यदि आपके मन में इस टॉपिक प्रायिकता को लेकर कोई प्रश्न हैं या आपको किसी प्रश्न का हल समझ नहीं आया हैं तो कमेंट के द्वारा जरूर पूछे।

यदि यह पोस्ट आपको उपयोगी लगे तो अपने दोस्तों के साथ शेयर जरूर करे।

5 thoughts on “प्रायिकता के सूत्र, नियम और उदाहरण

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.