GEOMETRY

ज्यामिति के सूत्र, ट्रिक्स और उदाहरण

Last Updated on August 29th, 2020 by Bhupendra Singh

इस पेज पर आप गणित के महत्वपूर्ण अध्याय ज्यामिति के सूत्र, ट्रिक्स और उदाहरण आदि पढेंगे जो समस्त परीक्षाओ के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण हैं।

पिछले पेज पर हमने गणित के महत्वपूर्ण अध्याय क्षेत्रमिति की जानकारी विस्तार से शेयर की है उसे जरूर पढ़े।

चलिए अब ज्यामिति (GEOMETRY) के टॉपिक को पढ़कर समझना शुरू करते हैं।

ज्यामिति की परिभाषा

रेखागणित या ज्यामिति गणित की तीन विशाल शाखाओं में से एक हैं इसके अंतर्गत बिंदुओं, रेखाओं, तलों और ठोस चीजों के गुण तथा इसके स्वभाव, मापन और उनके आ अंतरिक्ष में सापेक्षिक स्थिति के बारे में अध्ययन किया जाता हैं।

ज्यामिति, गणित की सबसे प्राचीन शाखाओं में से एक हैं यह गणित की वह शाखा हैं जिसमें बिंदुओं, रेखाओं, वक्रों, समतलों इत्यादि का अध्ययन होता हैं

सबसे पहले जब भूमि का नाम लिया गया तब ज्यामिति की उत्पत्ति हुई इसलिए तब से इसे भूमिति भी कहाँ गया।

शुरुआत में यह अध्ययन रेखाओं से घिरे क्षेत्रों के गुणों तक ही सीमित रहा जिसके कारण ज्यामिति का नाम रेखागणित भी हैं।

कोण (Angle):

1. समकोण (Right Angle): जिस कोण की एक भुजा का मान 90° हो वो समकोण कहलाता हैं।

2. न्यूनकोण (Acute Angle): जिस कोण की माप 90° से कम होती हैं उसे न्यूनकोण कहते हैं।

3. अधिक कोण (Obtuse Angle): किसी कोण की माप 90° से अधिक किन्तु 180° से कम होती हैं उसे अधिक कोण कहते हैं।

4. पुनयुक्त कोण (Reflex Angle): जो कोण दो समकोण से बड़ा किन्तु चार समकोण से छोटा होता हैं उसे पुनयुक्त कोण कहते हैं।

5. ऋजुकोण (Straight Angle): जिस कोण की माप 180° के बराबर हैं उसे ऋजुकोण कहते हैं।

6. कोटीपुरक कोण (Complementary): यदि दो कोणों की मापों का जोड़ 90° हो तो वे परस्पर पूरक या कोटीपुरक कहलाते हैं।

7. सम्पूरक कोण (Supplementary): यदि दो कणों की मापों का जोड़ 180° हो तो वे परस्पर सम्पूरक कोण कहलाते हैं।

ज्यामिति से संबंधित महत्वपूर्ण बिंदु

  • यदि कोई किरण किसी रेखा पर आधारित हो तो इस प्रकार बने दो आसन्न कोणों का योग 180° होता हैं।
  • किसी त्रिभुज के तीनों कोणों का योग 180° होता हैं।
  • किसी चतुर्भुज के चारों कोणों का योग 360° होता हैं।
  • n भुजाओं के संबहुभुज का प्रत्येक अन्तः कोण = (2n – 4)/n समकोण होता हैं।
  • n भुजाओं के संबहुभुज का प्रत्येक बहिष्कोण = 4/n समकोण होता हैं।
  • यदि किसी त्रिभुज की एक भुजा बड़ाई जाए तो इस प्रकार बना बहिष्कोण दो अभिमुख अन्तः कोणों के योग के बराबर होता हैं।
  • किसी त्रिभुज की समान भुजाओं के सम्मुख कोण बराबर होते हैं।
  • कोसी चाप द्वारा केंद्र पर बनाया गया कापेण उस चाप द्वारा व्रत के शेष भाग पर स्थित किसी बिंदु पर बनाए गए कोंण का दुगुना होता हैं।
  • एक ही वृतखण्ड के कोण समान होते हैं।
  • किसी चक्रीय चतुर्भुज के सम्मुख कोणों का योग 180° होता हैं।
  • एक ही आधार पर तथा एक ही समांतर रेखाओं के मध्य बने समांतर चतुर्भुजों के क्षेत्रफल बराबर होते हैं।
  • एक समकोण त्रिभुज के कर्ण का वर्ग अन्य दो भुजाओं के वर्गों के योग के बराबर होता हैं।
  • एक ही आधार पर तथा एक ही समांतर रेखाओं के मध्य बने त्रिभुज क्षेत्रफल में समान होते हैं।
  • यदि एक त्रिभुज का कोण दूसरे त्रिभुज के कोण के बराबर हो और ये भुजाएं, जिनके अंतर्गत ये कोण हैं एक ही अनुपात में हों तो त्रिभुज समरूप होते हैं।
  • त्रिभुज की माध्यिकाओं के कटान बिंदु को त्रिभुज का मध्य केंद्र कहते हैं।
  • किसी त्रिभुज की भुजाओं के लम्ब समद्विभाजक जिस बिंदु से होकर जाते हैं उसे परिकेन्द्र कहते हैं।
  • त्रिभुज के कोणों में समद्विभाजक जिस बिंदु पर मिलते हैं, उसे त्रिभुज का अन्तः केंद्र कहते हैं।
  • किसी त्रिभुज में शीर्ष बिंदुओ से सम्मुख भुजाओं पर डाले गए लम्बो के कटान बिंदु को त्रिभुज का लम्ब केंद्र कहते हैं।

ज्यामिति से संबंधित महत्वपूर्ण प्रश्न उत्तर

Q.1 उस कोण की माप क्या हैं जो अपने पूरक कोण का चार गुना हैं?
A. 72°
B. 36°
C. 108°
D. 90°

हल: माना कि कोण की माप = x°
तो इसका पूरक कोण = (90° – x°)
x° = 4 (90° – x°)
x° = 360° – 4x°
x° + 4x° = 360°
5x° = 360°
x° = 360°/5
x° = 72°

Ans. 72°

Q.2 उस कोण की माप क्या हैं जो अपने पूरक कोण की माप से 20° अधिक हैं।
A. 50°
B. 55°
C. 60°
D. 75°

हल: माना कि कोण की माप = x°
तो इसका पूरक कोण = (90° – x°)
x° = (90° – x°) + 20°
x° = 90° – x° + 20
x ° = 110° – x°
x° + x° = 110°
2x° = 110°
x° = 110°/2
x° = 55°

Ans. 55°

Q.3 उस कोण की माप क्या हैं जिसका सम्पूरक कोण, उसके पूरक कोण का छः गुणा हैं?
A. 57°
B. 60°
C. 65°
D. 72°

हल: माना कि कोण की माप = x°
तो इसका सम्पूरक कोण = (180° – x°)
तथा पूरक कोण = (90° – x°)
(180° – x°) = 6 (90° – x°)
180° – x° = 540 – 6 x°
x° + 6 x° = 540° – 180°
5x° = 360
x° = 360/5
x° = 72°

Ans. 72°

Q.4 उस कोंण की माप क्या हैं जिसका पूरक कोण और सम्पूरक कोण का योग 120° हैं?
A. 75°
B. 80°
C. 85°
D. 90°

हल: माना कि कोण की माप = x°
तो इसका पूरक कोण = (90° – x°)
तो इसका सम्पूरक कोण = (180° – x°)
(90° – x°) + (180° – x°) = 120
90° + 180° – x° – x° = 120°
270° – 2x° = 120°
270° – 120° = 2x°
150° = 2x°
x° = 150/2
x° = 75°

Ans. 75°

जरूर पढ़िए :

Q.5 किसी बहुभुज के अन्तः कोणों का जोड़ 8 समकोण हैं, तो बहुभुज में भुजाओं की संख्या क्या हैं?
A. 5
B. 6
C. 7
D. 8

हल: माना, भुजाओं की संख्या = n
2 (n – 2) = 8
2n – 4 = 8
2n = 8 + 4
2n = 12
n = 6

Ans. 6

Q.6 एक समतल में एक ∆ABC हैं त्रिभुज के अंदर एक बिन्दु O इस प्रकार हैं कि रेखाओं OB और OC क्रमशः ∠B और ∠C को समद्विभाजक करती हैं यदि ∠BAC = 60° हो तो ∠BOC हैं?
A. 120°
B. 145°
C. 150°
D. 155°

ज्यामिति (GEOMETRY)

हल: ∠BOC = 90° + A/2
= 90° + 60°/2
= (180° + 60°)/2
= 240°/2
= 120°

Ans. 120°

Q.7 ABC एक ∆ है और AB पर P एक ऐसा बिंदु हैं कि ∠ACP = ∠ABC यदि AC = 9 सेमी. CP = 12 सेमी. तथा BC = 15 सेमी. हो तो AP की लंबाई होगी?
A. 11.2 सेमी.
B. 10.2 सेमी.
C. 8.0 सेमी.
D. 7.2 सेमी.

ज्यामिति (GEOMETRY)

हल: ∆APC और ∆ABC में,
∠ACP = ∠ABC तथा
∠A = ∠A
∆APC और ∆ABC समरूप हुए
AP/AC = PC/BC या
AP/9 = 12/15
AP = (12 × 9)/15
AP = 36/5
AP = 7.2 सेमी.

Ans. 7.2 सेमी.

Q.8 एक न्यूनकोण ∆ABC में ∠ABC = 60° हैं । यदि O बिंदु ∆ ABC का लम्ब केंद्र हैं, तो ∠QAC + ∠OCA का मान हैं?
A. 150°
B. 120°
C. 60°
D. 30°

ज्यामिति

हल: ∠ODB = ∠FOD
∠FOD = 180° – 60°
∠AOC = 120°
∠OAC + ∠OCA = 180° – 120°
∠OAC + ∠OCA = 60°

Ans. 60°

Q.9 एक त्रिभुज का एक कोण 82° हैं अन्य दो कोण 2 : 5 के अनुपात में हैं त्रिभुज का सबसे छोटा कोण हैं?
A. 14°
B. 25°
C. 28°
D. 32°

हल: प्रश्ननानुसार.
त्रिभुज का एक कोण = 82°
अन्य दो कोणों का योग = 180° – 82°
= 98°
सबसे छोटा कोण = (98° × 2)/(2 + 5)
= 98° × 2/7
= 14 × 2
= 28°

Ans. 28°

Q.10 किसी त्रिभुज ABC में BC की समांतर रेखा AB तथा AC को क्रमशः 3 : x + 1 और x : 4 के अनुपात में काटती हैं, तो x का मान होगा?
A. -1
B. 1
C. 2
D. 3

ज्यामिति

हल: AE : EB
3 : (x + 1)
तथा AF : FC = x : 4
समरूप नियम से,
3/(x + 1) = x/4
3 × 4 = x (x + 1)
12 = x² + 1x
x² + 1x – 12 = 0
x² + 4x – 3x – 12 = 0
x(x + 4) – 3(x + 4) = 0
(x + 4) (x – 3) = 0
x – 3 = 0
x = 3

Ans. 3

Q.11 किसी व्रत के AB तथा BC दो जीवाएँ हैं और दोनों केंद्र O से 3 सेमी. की दूरी पर हैं यदि AB = 8 सेमी. हो, तो BC होगा?
A. 8 सेमी.
B. 6 सेमी.
C. 5 सेमी.
D. 4 सेमी.

ज्यामिति

हल: केंद्र O से दोनों जीवाओं की लम्ब दूरी = OM = ON = 3 सेमी.
AB = 8 सेमी.
AM = BM
AM = 1/2 AB
AM = 4 सेमी.
OB² = OM² + BM²
OB² = 3² + 4²
OB² = 9 + 16
OB² = 25
OB = 5 सेमी.
समकोण ∆ OBN में,
BN² = OB² – ON²
BN² = 5² – 3²
BN² = 25 – 9
BN² = 16
BN² = (4)²
BN = 4 सेमी.
BC = (BN + NC)
BC = 2 × BN
BC = 2 × 4
BC = 8 सेमी.
नोट:- किसी व्रत में क्रेंद से समान दूरी पर खींची गई जीवाओं कि लम्बाई सर्वदा समान होती हैं।

Ans. 8 सेमी.

Q.12 किसी व्रत के सेक्टर का क्षेत्रफल A माना तथा चाप की लम्बाई I मानी, तो व्रत की त्रिज्या होगी?
A. A/L
B. A/2L
C. 2A/L
D. 3A/2L

हल: व्रत के सेक्टर का क्षेत्रफल = πr² Θ/360°
= A
तथा चाप की लम्बाई = 2πr × Θ/360°
= L
अतः व्रत की त्रिज्या = r
= 2A/L

Ans. 2A/L

Q.13 एक 6 सेमी. त्रिज्या वाले व्रत में केंद्र से 8 सेमी. वाली जीवा पर डाले गए लम्ब की दूरी होगी?
A. √5 सेमी.
B. 2√5 सेमी.
C. 2√7 सेमी.
D. √7 सेमी.

ज्यामिति

हल: ∆CQM में,
(कर्ण)² = (आधार)² + (लम्ब)²
(CQ)² = (MQ)² + (CM)²
(6)² = (4)² + (CM)²
36 = 16 + (CM)²
36 – 16 = (CM)²
(CM)² = 2
CM = √20
CM = 2√5 सेमी.

Ans. 2√5 सेमी.

Q.14 किसी व्रत में जीवा की लंबाई 16 सेमी. हैं और इस पर केंद्र से डाले गए लम्ब की लंबाई 15 सेमी. हैं तो व्रत की त्रिज्या होगी?
A. 15 सेमी.
B. 16 सेमी.
C. 17 सेमी.
D. 19 सेमी.

ज्यामिति

हल: व्रत की त्रिज्या = OB
= √OC² + CB²= √(15)² + (8)²
= √225 + 64
= √289
= 17 सेमी.

Ans. 17 सेमी.

Q.15 नीचे दिए गए त्रिभुज ABC में AB = BC, ∠B = x और ∠A = 2x – 20° हैं, तो ∠B का मान क्या होगा?
A. 30°
B. 40°
C. 44°
D. 64°

ज्यामिति

हल: AB = BC
∠A = ∠C
∠A = (2x – 20°)
∠B = x°
x° + 2(2x° – 20°) = 180°
x° + 4x – 40° = 180
5x° = 180° + 40
5x° = 220°
x = 220°/5
x = 44°

Ans. 44°

Q.16 यहाँ दर्शाए अनुसार r त्रिज्या के व्रत के अंदर ABCD एक आयत इस तरह हैं कि AB = 2BC हैं, BC = ?
A. 1/√5r
B. 2/√5r
C. r
D. √3/2r

ज्यामिति

हल: BC = x
तब AB = 2x
AC = 2r
= √ x² + (2x)²
= √x² + 4x²
= √5x²
= x√5
x = 2/√5r

Ans. 2/√5r

Q.17 A, B और C तीन बिंदु इस प्रकार हैं कि AB² = AC² + BC² । यदि A और B बिंदु स्थिर हो, तो बिंदु C का बिंदु पथ होगा?
A. एक सरल रेखा
B. AB व्यास का वृत
C. एक दीर्घ वृत
D. इसमें से कोई नहीं

हल:- प्रश्नानुसार,
AB² = AC² + BC²
ACB = 90°
अतः C का बिंदु AB व्यास पर खींचा गया एक व्रत होगा।

Ans. AB व्यास का वृत

Q.18 नीचे दी गई आकृति में O वृत का केंद्र हैं, BC, AD के समान्तर हैं, OA = 5, CB = 8, AB/AD = ?
A. 3/4
B. 4/5
C. 5/4
D. 4/3

ज्यामिति

हल:- प्रश्नानुसार,
AC वृत का व्यास हैं।
तथा AC = 2 × 5 = 10
∠B = 90° तथा ∠D = 90°
BC ।। AD
ABCD एक आयत होगा।
अब, समकोण ∆ABC से,
AB = √(10² – 8²)
AB = √100 – 64
AB = √36
AB = 6
AB/AD = 6/8 = 3/4

Ans. 3/4

Q.19 एक त्रिभुज का एक कोण 82° हैं अन्य दो कोण 2 : 5 के अनुपात में हैं त्रिभुज का सबसे छोटा कोण हैं?
A. 14°
B. 25°
C. 28°
D. 32°

हल:- प्रश्नानुसार,
अन्य दो कोणों का योग = 180° – 82°
= 98°
सबसे छोटा कोण = (98° × 2)/(2 + 5)
= (98° × 2)/7
= 14° × 2
= 28°

Ans. 28°

Q.20 किसी वृत के सेक्टर का क्षेत्रफल A माना तथा चाप की लम्बाई I मानी, तो वृत की त्रिज्या होंगी?
A. A/l
B. A/2l
C. 2A/l
D. 3A/2l

हल:- प्रश्नानुसार,
व्रत के सेक्टर का क्षेत्रफल = πr² Θ/360°
व्रत के सेक्टर का क्षेत्रफल = A
तथा चाप की लम्बाई = 2πr × Θ/360°
तथा चाप की लम्बाई = l
अतः वृत की त्रिज्या = r = 2A/l

Ans. 2A/l

Q.21 यदि त्रिभुज ABC तथा PQR में AB/PQ = BC/QR = 1/2 तथा ∠B = ∠Q = 60° हो, तो PR/AC होगा?
A. √3/2
B. 1/2
C. 2
D. 1

हल:- प्रश्नानुसार,
त्रिभुजों ABC तथा PQR में,
AB/PQ = BC/QR = ½
तथा ∠B = ∠Q = 60°
∆ABC तथा ∆PQR समरूप हैं।
PR/AC = QR/BC = 2/1

Ans. 2/1

जरूर पढ़िए :

इस पेज पर आपने गणित के अध्याय ज्यामिति की जानकारी विस्तार में पढ़ी और हमे आशा है आपको यह जानकारी पसंद आयी होगी

गणित के इस अध्याय से संबंधित कोई भी प्रश्न हो तो कमेंट करके जरूर पूछे।

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